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घोटाले का महासृजन:ईडी के अफसर भागलपुर पहुंचे, रालोसपा के पूर्व नेता दीपक वर्मा का ढूंढ रहे सुराग।

भागलपुर2 महीने पहले
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मनी लांड्रिंग में दीपक पर ईडी निदेशालय में दर्ज है केस, उसकी पत्नी व भाभी को सीबीआई ने दो दिन पहले किया था गिरफ्तार, दोनों न्यायिक हिरासत में। - Money Bhaskar
मनी लांड्रिंग में दीपक पर ईडी निदेशालय में दर्ज है केस, उसकी पत्नी व भाभी को सीबीआई ने दो दिन पहले किया था गिरफ्तार, दोनों न्यायिक हिरासत में।

सृजन घोटाले की जांच कर रही केंद्रीय एजेंसियों की मेहनत अब रंग लाने लगी है। दो दिन पहले ही सीबीआई ने सृजन महिला विकास सहयोग समिति की सचिव स्व. मनोरमा का दाहिना हाथ सबौर के अभिषेक उर्फ दीपक वर्मा की पत्नी अपर्णा वर्मा और भाभी राजरानी वर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। अब काला धन सफेद करने के महारथी दीपक की गिरफ्तारी के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भागलपुर पहुंच गई है।

ईडी के दो अफसरों ने गुरुवार को सबौर पहुंचकर दीपक के बारे में आसपास के लाेगों से जानकारी ली। ईडी को शक है कि अपर्णा और राजरानी दीपक के कहने पर ही पंचायत चुनाव में वोट डालने आई थी। सीबीआई की छापेमारी की भनक लगते ही दीपक वहां से भाग निकला था। चूंकि सीबीआई के पास दीपक के खिलाफ वारंट नहीं है। इसलिए वह अपर्णा व राजरानी को लेकर निकल गई। हालांकि पटना पहुंचते ही सीबीआई ने ईडी काे दीपक के भागलपुर में छिपे होने की जानकारी दे दी।

दो बार ईडी के सामने हुआ था पेश, कई बार झूठ बोला
ईडी ने जांच में पाया था कि दीपक वर्मा ने सृजन के बैंक खातों को निजी उपयोग किया। दीपक ने 25 लाख में नोएडा के गार्डिनिया में ग्लैमर फेज-2 के इमराल्ड 1/602 फ्लैट पत्नी अपर्णा के नाम से खरीदी थी। यह फ्लैट मनोरमा की बेटी अर्चना लाल के सबौर स्थित अंग विहार अपार्टमेंट के फ्लैट से अदला-बदली में लिया गया था। लेकिन दीपक ने ईडी से यह बात छुपाई थी। इसके बाद उन पर 25 लाख के मनी लांड्रिंग का केस दर्ज किया था।

ईडी ने दीपक वर्मा से 15 मार्च 2021 और 17 मार्च 2021 को बयान लिया गया था। दीपक ने इनराल्ड 1/602 अर्पणा का नहीं होने की बात कही थी। इसके बाद ईडी ने बिल्डर से पेमेंट डिटेल लिया। इसमें बताया था, 14 सितंबर 2011 को 50 हजार नकद जमा किया गया। यह राशि किसने जमा कराई, जानकारी नहीं है।

24 जनवरी 2012 और 26 अप्रैल 2013 को पांच-पांच लाख और 14 फरवरी 2014 को डेढ़ लाख आरटीजीएस से मनोरमा की बेटी अर्चना लाल ने डाले थे। 4 जुलाई 2012 को पांच लाख और 15 दिसंबर 2012 व 11 नवंबर 2013 को चार-चार लाख सृजन के खाते से जमा कराए थे। यह फ्लैट इंद्रप्रस्थ कालोनी निवासी बैंक आफ बड़ौदा के क्लर्क संत कुमार सिन्हा की पत्नी के नाम से बुक किया गया था।

मनोरमा एंड फैमिली की अचल संपत्तियों की खरीदारी में दीपक ने की थी दलाली
दीपक के खिलाफ पटना स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लांड्रिंग में मुकदमा दर्ज कर रखा है। ईडी की रिपोर्ट में यह सामने आया था कि दीपक कई व्यवसाय में शामिल रहा है। वह मनोरमा, उसके बेटे अमित व बहू रजनी प्रिया की संपत्ति डीलिंग का काम करता था। मनोरमा एंड फैमिली के नाम से खरीदी व बेची गई तमाम अचल संपत्तियों की डीलिंग दीपक ने ही की। सबौर में करोड़ों की खरीदी जमीन में दीपक ने ही दलाली की और कई में गवाह भी बना है।

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