पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

घुसखोरी उजागर:बगहा में आवास योजना का लाभ देने के लिए 10 से 20 हजार की होती है उगाही

बेतिया2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
बगहा-2 प्रखंड के हरनाटांड़ में बना प्रधानमंत्री आवास योजना से घर। - Money Bhaskar
बगहा-2 प्रखंड के हरनाटांड़ में बना प्रधानमंत्री आवास योजना से घर।
  • चंपापुर गोनौली पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना में रिश्वत लेने का आरोप, जांच के लिए टीम गठित

बगहा दो प्रखंड की चंपापुर गोनौली पंचायत के प्रधानमंत्री आवास योजना के 6 लाभुकों ने डीडीसी को शपथपत्र देकर वार्ड सदस्या के पति पर मोटी रकम उगाही का आरोप लगाया है। आरोप लगाने वालों में वार्ड नंबर 9 निवासी श्रीनारायण महतो की पत्नी आशा देवी ने प्रथम किस्त में 20 एवं द्वितीय में 22 हजार, नरेश गुरो की पत्नी पुष्पा देवी ने प्रथम किस्त में 15 एवं द्वितीय में 10 हजार, द्वारिका महतो की पत्नी सुगंधी देवी ने प्रथम में 19 हजार एवं द्वितीय में 5 हजार, पारस महतो के पुत्र गणेश महतो ने प्रथम में 18 हजार एवं द्वितीय में 3500, अरमान कुरैशी की पत्नी नजमा खातून ने प्रथम किस्त में 20 हजार की राशि लेने का आरोप वार्ड सदस्या अंजू देवी के पति संजय साह पर लगाया है।

लाभुकों का यह शपथपत्र एमएलसी प्रतिनिधि योगेंद्र सिंह ने डीडीसी को सौंपा है। इस बाबत डीडीसी अनिल कुमार ने कहा कि इस मामले में जांच के लिए एक टीम का गठन किया है। जांच में मामला सही पाए जाने पर दोषी जो भी होंगे, उन पर कार्रवाई की जाएगी। मालूम हो कि जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सभी प्रखंडों में वित्तीय वर्ष 2021-22 में 32309 लक्ष्य के विरुद्ध 31000 लाभुकों के आवास की स्वीकृति दी गई। इसमें 22609 आवास पूर्ण हो चुके हैं। शेष निर्माणाधीन व लंबित है।

वार्ड सदस्य व आवास सहायक की सफाई

चंपापुर गोनौली वार्ड -9 के वार्ड सदस्य अंजू देवी के पति संजय साह ने कहा कि वार्ड का सारा काम वार्ड सदस्या मेरी पत्नी करती है। मेरे ऊपर जो भी आरोप लगाए गए हैं, वह गलत है। मेरी विरोधी शपथ पत्र गलत बनवाकर जिला को दिया गया है। मेरे द्वारा किसी भी लाभुक से आवास योजना में एक भी राशि नहीं ली गई है। उधर, आवास सहायक सावन कुमार ने बताया कि वार्ड सदस्य व उनके बगलगीर से कुछ आपसी वर्चस्व की लड़ाई है। हमें कुछ पता नहीं है। हमारे ऊपर आवास योजना में उगाही का आरोप लगा होगा तो वह बेबुनियाद व सरासर गलत है।

यह है आवास का मानक जनप्रतिनिधि का रोल नहीं

पीएम आवास देने के लिए कम स्कोर व राशन कार्ड वाले का पंचायत स्तर पर चयन किया जाता है। यह काम आवास सहायक करता है। चयन प्रक्रिया पूरी होने पर आवास सहायक चयनित लोगों की सूची जिला को भेजते हैं। जिला को भेजी सूची और जिला से निर्धारित लक्ष्य के आधार पर लाभुकों को राशि आवंटित की जाती है। इसमें प्रथम किस्त 45, द्वितीय किस्त 45 एवं तृतीय किस्त 40 हजार तथा 18 हजार अलग से मिट्‌टी वर्क व मजदूरी के लिए मनरेगा से दी जाती है। इसमें कही भी वार्ड सदस्य व मुखिया की भूमिका नहीं होती।

आरोपी से सीधी बात

रिपोर्टर- आपके वार्ड के कुछ लोगों ने आवास योजना में आप पर रुपए लेने का आरोप लगाया है? वार्ड सदस्य पति संजय- यह गलत है। वार्ड का सारा काम मेरी पत्नी देखती है, मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। रिपोर्टर- लेकिन इन लोगों ने शपथ पत्र में आपको ही रुपए लेने की बात कही है। संजय- यह राजनीतिक साजिश है। मैंने इस मामले में एक भी रुपया किसी से नहीं लिया है। रिपोर्टर- आरोप तो आपके ऊपर ही लगाए गए हैं? संजय- जो भी आरोप लगाया गया है वह बेबुनियाद है और राजनीतिक साजिश है। रिपोर्टर- मतलब आपके ऊपर आवास योजना में लगाया गया आरोप गलत है? संजय- जी बिल्कुल, मैं इस बारे में कुछ जानता ही नहीं हूं, जो भी आरोप लगाया है गलत लगाया है।

खबरें और भी हैं...