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कोरोना में गठिया की दवा कारगर:WHO ने गंभीर मरीजों के लिए 2 दवाओं को मंजूरी दी; इनसे तुरंत आराम मिलेगा, वेंटिलेटर की जरूरत नहीं होगी

पेरिस4 महीने पहले
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वर्ल्‍ड हेल्‍थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) ने कोविड-19 महामारी से मरीजों को बचाने के लिए दो दवाओं के इस्तेमाल की मंजूरी दी है। ये दोनों दवाएं कोरोना मरीजों की हालत गंभीर होने की स्‍थ‍ित‍ि में दी जा सकती हैं। इन दवाओं से मरीज को तुरंत आराम मिलेगा। माना जा रहा है कि इससे कोरोना से होने वाली मौतों के आंकड़ों में भी कमी आएगी।

WHO ने इन दवाओं को अप्रूव किया

  • पहली दवा: इसका नाम बेरिसिटिनिब है। ये दवा गठिया, यानी रूमटॉइड आर्थराइटिस के इलाज में प्रयोग की जाती है। कोरोना के गंभीर मरीज में ये दवा वेंटिलेटर पर जाने से बचाती है। इस दवा को स्टेरॉयड के साथ दिए जाने की सलाह दी गई है।
  • दूसरी दवा: कोविड मरीज को मोनोक्लोनल एंटीबॉडी दवा सोट्रोविमैब देने की सलाह दी गई है। यह उन मरीजों के लिए कारगर साबित होगी जिनकी हालत गंभीर नहीं है, लेकिन वो हाई र‍िस्‍क मरीज हैं। WHO ने Casirivimab-Imdevimab कॉम्‍ब‍िनेशन एंटीबॉडी कॉकटेल देने की भी मंजूरी दी है।

देश में पहले इसे यूज हो रही ये दवा
भारत में ये दवा पहले से ही कई मरीजों को दी जा रही है। कई हेल्थ केयर वर्कर और डॉक्टर संक्रमित होने के पहले दिन ही मोनोक्लोनल एंटीबॉडी इंजेक्शन लेकर कोरोना का इलाज करवा रहे हैं। हालांकि, एंटीबॉडी से इलाज थोड़ा महंगा है। इस दवा को लेने के 4-5 दिन के अंदर ही मरीज कोरोना नेगेटिव हो जाता है।

जुलाई-सितंबर में 3 दवाओं की मिली थी मंजूरी
WHO ने जुलाई 2021 में आर्थराइटिस की दवा टोसीलिजुमाब (Tocilizumab) और सरिलुमाब (Sarilumab) के इस्तेमाल को मंजूरी दी थी। वहीं, सितंबर में WHO द्वारा सिंथेटिक एंटीबॉडी ट्रीटमेंट रीजनरोन (Regeneron) को मंजूरी दी गई थी।