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इराक में रॉकेट से हमला:बगदाद में अमेरिकी दूतावास के पास गिरे दो गोले; दो दिन पहले अमेरिका ने यहां से सेना हटाने का ऐलान किया था

बगदाद2 महीने पहले
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इराक की राजधानी बगदाद में गुरुवार अलसुबह दो रॉकेट से हमला किया गया। ये रॉकेट बगदाद के ग्रीन जोन में दागे गए जहां अमेरिकी दूतावास का कार्यालय है। इराकी सुरक्षाबलों के मुताबिक, इस हमले में किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ है।

ये हमले उस समय किए गए जब इराकी प्रधानमंत्री मुस्तफा अल-कादिमी वॉशिंगटन से इराक लौट रहे थे। वे अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन से मुलाकात करने गए थे, जहां बाइडेन ने ऐलान किया वे इराक में अमेरिकी सैन्य ऑपरेशन को जारी नहीं रखेंगे।

2021 के अंत तक इराक से सेना हटा लेगा अमेरिका
कुछ दिन पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने ऐलान किया था कि 2021 के अंत तक अमेरिका इरान से अपनी सेना हटा लेगा। हालांकि बाइडेन ने ये भरोसा दिलाया था कि अमेरिका इराकी सेना को ट्रनिंग और सुझाव देता रहेगा। देश में बचे हुए इस्लामिक स्टेट से निपटने के लिए फिलहाल इराक में 2500 अमेरिकी ट्रूप तैनात हैं।

ये फोटो कुछ दिन पहले की है। इराकी काउंटर टेरेरिज्म फोर्स के गार्ड दूतावास के बाहर तैनात हैं।
ये फोटो कुछ दिन पहले की है। इराकी काउंटर टेरेरिज्म फोर्स के गार्ड दूतावास के बाहर तैनात हैं।
ये फोटो बगदाद में स्थित यूएस एंबेसी की है। इसी के पास गुरुवार सुबह दो रॉकेट आकर गिरे।
ये फोटो बगदाद में स्थित यूएस एंबेसी की है। इसी के पास गुरुवार सुबह दो रॉकेट आकर गिरे।

अफगानिस्तान से भी सेना वापस बुला रहा है अमेरिका
राष्ट्रपति बनने के बाद अमेरिकी सेना को लेकर जो बाइडेन का यह दूसरा बड़ा ऐलान है। इससे पहले उन्होंने अफगानिस्तान से अमेरिका सेना को वापस बुलाया था।

2003 में इराक आई थी अमेरिकी सेना
अमेरिकी सेना ने 2003 में इराक पर कब्जा किया था और तत्कालीन राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन को गद्दी से हटा दिया था। इस कब्जे के पीछे अमेरिका ने वजह बताई थी कि इराक में सामूहिक विनाश के हथियार हैं जिन्हें नष्ट किया जाना जरूरी है। हालांकि बाद में ये हथियार मिले ही नहीं थे। 2011 में अमेरिका ने अपनी सेना को वापस बुला लिया था। 2014 में इराक सरकार के बुलावे पर इस्लामिक स्टेट के आतंकियों से लड़ने के लिए अमेरिकी सेना लौट आई थी।

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