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एक्सपर्ट्स का दावा:बाइडेन की तवज्जो हासिल करने फिर न्यूक्लियर टेस्ट कर सकता है किम जोंग उन, 2017 में किया था आखिरी परीक्षण

वॉशिंगटन4 महीने पहले
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नॉर्थ कोरिया का तानाशाह किम जोंग उन इस बात से बेहद खफा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन उसे बिल्कुल तवज्जो नहीं दे रहे हैं। लिहाजा, यह सनकी तानाशाह दुनिया को एक बार फिर खतरे में डालने जा रहा है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, नॉर्थ कोरिया जल्द ही एक और न्यूक्लियर टेस्ट करने जा रहा है। इस देश ने आखिरी टेस्ट पांच साल पहले, यानी 2017 में किया था। इस महीने नॉर्थ कोरिया ने तीन बैलेस्टिक मिसाइल टेस्ट किए हैं और इन तीनों को ही कामयाब बताया है। पड़ोसी साउथ कोरिया ने भी इन टेस्ट्स की पुष्टि की है। अमेरिका ने गुरुवार को नॉर्थ कोरिया पर नए प्रतिबंध भी लगा दिए हैं।

ट्रम्प अच्छे, बाइडेन बुरे
ब्रिटिश अखबार ‘द सन’ ने एक्सपर्ट्स के हवाले से एक रिपोर्ट पब्लिश की है। इसके मुताबिक, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प तानाशाह किम जोंग उन को काफी तवज्जो दिया करते थे। दोनों के बीच मुलाकात भी हुई थी, लेकिन, जब से बाइडेन प्रेसिडेंट बने हैं, उन्होंने नॉर्थ कोरिया और किम को लेकर बिल्कुल चुप्पी साध रखी है। यही चुप्पी तानाशाह के तिलमिलाने की वजह है।

स्वीडन की उपासला यूनिवर्सिटी में ‘पीस एंड कनफ्लिक्ट’ डिपार्टमेंट के रिसर्चर प्रोफेसर अशोक स्वैन ने कहा- बाइडेन की तरफ से कोई भाव न मिलने की वजह से तानाशाह झल्ला गया है। बाइडेन की अटेंशन पाने के लिए वो एटमी टेस्ट जैसा खतरनाक कदम उठा सकता है।

ये टेस्ट और खतरनाक होगा
प्रोफेसर स्वैन के मुताबिक- किम जोंग उन जैसे तानाशाह दुनिया को दहशत में रखने के कदम उठाकर ही खुश होते हैं। लिहाजा, इस बात की पूरी आशंका है कि नॉर्थ कोरिया आने वाले कुछ दिनों में पहले से ज्यादा खतरनाक और बड़ा न्यूक्लियर टेस्ट कर सकता है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि वॉशिंगटन और प्योंगयांग के बीच बातचीत या संपर्क तब से ही बंद है, जब से बाइडेन ने व्हाइट हाउस संभाला है। किम को इस बात की कतई फिक्र नहीं है कि एटमी कार्यक्रम की वजह से मुल्क पर कितने सख्त प्रतिबंध लग सकते हैं।

किम जोंग उन ने साफ कर दिया था नॉर्थ कोरिया किसी दबाव के सामने नहीं झुकेगा। (फाइल)
किम जोंग उन ने साफ कर दिया था नॉर्थ कोरिया किसी दबाव के सामने नहीं झुकेगा। (फाइल)

अमेरिकी रणनीति अब अलग
स्वैन ने आगे कहा- डोनाल्ड ट्रम्प समिट और डायलॉग डिप्लोमैसी में यकीन रखते थे। बाइडेन की स्ट्रैटेजी इस मामले में बिल्कुल अलग है। वो ‘शांति और चुप रहकर देखो’ की रणनीति पर चल रहे हैं। अब किम बौखलाया गया है। वो दुनिया और खासकर बाइडेन की अटेंशन पाना चाहता है। 2006 से अब तक नॉर्थ कोरिया ने 6 न्यूक्लियर टेस्ट किए हैं। अगर बाइडेन अब भी नॉर्थ कोरिया से बात नहीं करते तो वो जंग जैसा कदम भी उठा सकता है।

‘ग्लोबल डेटा’ के चीफ एनालिस्ट विलियम डेविस ने कहा- नॉर्थ कोरिया अब बैलेस्टिक मिसाइल और दूसरे हथियारों के टेस्ट्स में इजाफा करने जा रहा है।

जापान और साउथ कोरिया को खतरा ज्यादा
डेविस के मुताबिक, नॉर्थ कोरिया पहले ही साफ कर चुका है कि वो एटमी प्रोग्राम बंद नहीं करेगा। उसके हथियारों से पूरी दुनिया को खतरा है, लेकिन सबसे ज्यादा मुश्किल जापान और साउथ कोरिया को है। ट्रम्प ने जो स्ट्रैटेजी नॉर्थ कोरिया के खिलाफ अपनाई थी, वो ज्यादा बेहतर थी। उस दौर में बातचीत के रास्ते खुले थे, लेकिन अब ऐसा नहीं है। अमेरिका चुप बैठा है और किम उसे भड़काने की कोशिश कर रहा है। इस रणनीति के खतरनाक अंजाम हो सकते हैं। जनवरी में बाइडेन के सत्ता संभालने के पहले ही किम ने मिसाइल टेस्ट करके उन्हें संकेत दे दिए थे।