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ब्रिटिश PM पर इस्तीफे का दबाव:प्रधानमंत्री पद छोड़ सकते हैं बोरिस जॉनसन, लॉकडाउन में शराब पार्टी ने घटाई लोकप्रियता; अब भारतवंशी ऋषि पहली पसंद

नई दिल्ली6 महीने पहले
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ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन पर इस्तीफे का दवाब बढ़ता जा रहा है। कोरोना लॉकडाउन में शराब पार्टी से वे विवादों में आ गए थे। उसके बाद संसद में बे-मन से माफी के बाद से उनके ऊपर इस्तीफे का दबाव बढ़ रहा है। कंजरवेटिव पार्टी के 10 में 6 वोटर्स ने जॉनसन के कामकाज के तरीके को खराब बताया है। जॉनसन की लोकप्रियता घटकर 36% रह गई है। इस बीच भारतीय मूल के वित्त मंत्री ऋषि सुनक PM पद के लिए पहली पसंद बनकर उभरे हैं।

उनकी ही कंजरवेटिव पार्टी के यूगॉव पोल सर्वे में 46% लोगों ने माना कि सुनक जॉनसन से बेहतर PM साबित हो सकते हैं। सुनक प्रधानमंत्री बनते हैं तो मई, 2024 में होने वाले आम चुनाव में कंजरवेटिव पार्टी को ज्यादा सीटें मिल सकती हैं। जॉनसन द्वारा लॉकडाउन पार्टी की बात कबूलने के बाद ब्रिटेन के स्वास्थ्य सचिव जोनाथन टैम ने गुरुवार को इस्तीफा दे दिया।

जुलाई के बाद जॉनसन की लोकप्रियता कम हुई
जॉनसन की लोकप्रियता में कमी जुलाई, 2020 के बाद सबसे अधिक आई है। उस दौरान हुए सर्वे में जॉनसन को अपनी पार्टी के 85% वोटरों का समर्थन प्राप्त था। हालांकि, हालिया सर्वे में एक तिहाई वोटरों का कहना है कि जॉनसन पद छोड़ें। यूगॉव पोल के गुरुवार को आए नतीजों में ब्रिटेन में विपक्षी लेबर पार्टी को कंजरवेटिव से 10% की बढ़त मिली है। कंजरवेटिव को 28%, जबकि लेबर पार्टी को 38% समर्थन मिला है। लेबर पार्टी को 2013 के बाद से सबसे ज्यादा समर्थन का प्रतिशत है।

ऋषि सुनक इंफोसिस के संस्थापक नारायण मूर्ति के दामाद हैं
1980 में ऋषि सनक का जन्म हैंपशर के साउथैम्टन में हुआ था। वो नॉर्दलर्टन शहर के बाहर कर्बी सिग्स्टन में रहते हैं। उनके माता-पिता पंजाबी मूल के हैं। पिता डॉक्टर और मां फार्मासिस्ट थीं। वे पूर्वी अफ्रीका से 1960 के दशक में इंग्लैंड में आकर बसे। वे IT कंपनी इंफोसिस के संस्थापक नारायण मूर्ति के दामाद हैं। उनकी पत्नी अक्षता मूर्ति हैं। उनकी दो बेटियां कृष्णा और अनुष्का हैं। भारतीय मूल के उनके परिजन पूर्वी अफ्रीका से ब्रिटेन आए थे।

उनकी पढ़ाई विंचेस्टर कॉलेज में हुई। उन्होंने ऑक्सफोर्ड से दर्शन, राजनीति और अर्थशास्त्र की पढ़ाई की। उन्होंने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से MBA भी किया है। ऋषि ब्रिटिश राजनेता हैं। बैंकर के रूप में करिअर शुरू करने वाले ऋषि 2015 में पहला चुनाव जीते। थेरेसा मे सरकार में संसदीय सचिव रहे ऋषि ब्रेग्जिट समर्थक रहे हैं। वे उत्तरी यॉर्कशायर में रिचमंड के लिए संसद सदस्य रहे हैं।

नस्लीय भेदभाव का सामना भी कर चुके
दो साल पहले सुनक ने खुलासा किया था कि एक बच्चे के तौर वे भी नस्लीय टिप्पणी और भेदभाव का सामना कर चुके हैं। स्काय न्यूज से बातचीत में उन्होंने कहा था कि नस्लीय भेदभाव ऐसी चीजें हैं, जो अपने आप हो रही हैं, लेकिन यह काफी तकलीफदेह है। छोटे भाई-बहनों के सामने और भी बुरा लगता था। मैं उन्हें भी इससे बचाना चाहता था। उनसे सिर्फ कुछ शब्द ही कहे जाते थे, लेकिन वो जितने चुभते थे, उतनी कोई चीज नहीं चुभ सकती। ये लफ्ज आपके कलेजे को छलनी कर देते हैं।

PM पद की दूसरी दावेदार भी भारतीय मूल की प्रीति
ब्रिटेन की गृहमंत्री प्रीति पटेल भी बोरिस के इस्तीफे की स्थिति में PM पद की दावेदार हो सकती हैं। दक्षिण पंथी विचारधारा समर्थक पटेल प्रवासियों को शरण देने के खिलाफ रही हैं। वे ब्रिटिश राजनेता के तौर पर 2019 से गृह सचिव के रूप में कार्य कर रही हैं। कंजरवेटिव पार्टी की सदस्य हैं। 2016 से 2017 तक अंतर्राष्ट्रीय विकास राज्य सचिव थीं। पटेल 2010 से विथम के लिए संसद सदस्य हैं। उनके पिता सुशील पटेल और माता अंजना हैं।