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शिक्षा के बाद नई चुनौती:अमेरिका में पढ़ाई के बाद विदेशी छात्रों का रुकना मुश्किल; अमेरिकी सांसदों को अपने नागरिकों के रोजगार की चिंता, भारतीयों पर असर

वॉशिंगटन2 महीने पहले
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उच्च शिक्षा के लिए लंदन दुनिया का सर्वश्रेष्ठ शहर है। - Money Bhaskar
उच्च शिक्षा के लिए लंदन दुनिया का सर्वश्रेष्ठ शहर है।

अमेरिका में विदेशी छात्रों का पढ़ाई के बाद रुकना मुश्किल हो सकता है। अमेरिकी सांसदों के एक समूह ने संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा में इससे संबंधित एक बिल पेश किया है। दरअसल, अब तक विदेशी छात्र पढ़ाई पूरी करने के बाद कुछ निश्चित शर्तों के साथ अमेरिका में काम करने के लिए रुक सकते हैं। नए बिल में इस योजना को खत्म करने का प्रावधान है। यदि यह बिल कानून बन गया तो इसका असर भारतीय छात्रों पर भी पड़ेगा।

सांसद पॉल ए गोसर, मो ब्रूक्स, एंडी बिग्स और मैट गेट्ज ने संयुक्त रूप से सदन में ‘फेयरनेस फॉर हाई-स्किल्ड अमेरिकन एक्ट’ बिल पेश किया।

गोसर ने कहा- ‘ ऐसा कौन सा देश है, जो अपने नागरिकों को वंचित कर विदेशियों को रोजगार देने की योजना चलाता है। इस योजना का नाम ऑप्ट है।’

गोसर ने आरोप लगाया कि सरकार ने एक लाख से अधिक विदेशी छात्रों को ग्रेजुएशन के बाद अमेरिका में 3 साल तक काम करने की अनुमति देकर एच-1बी वीसा नियमों का उल्लंघन किया है। विदेशी कामगारों को पैरोल करों से छूट दी गई है। इससे विदेशी कामगार का खर्च अमेरिकी कामगार की तुलना में 10 से 15% कम हो जाता है।

महामारी से पहले अमेरिका में दो लाख से ज्यादा भारतीय छात्र थे

ओपन डोअर्स रिपोर्ट: अमेरिका में 2018-19 में लगातार छठी बार बढ़े भारतीय छात्र

अमेरिका में कोरोना संकट से पहले 2018-19 में 2,02,014 भारतीय छात्र थे। भारत में अमेरिकी दूतावास की वेबसाइट पर ‘ओपन डोअर्स रिपोर्ट-2019’ के हवाले से यह जानकारी दी गई है। इसमें बताया गया है कि 2018-19 में 2017-18 की तुलना में अमेरिका में भारतीय छात्रों की सख्या 3% बढ़ी थी। यह पहली बार था, जब अमेरिका में भारतीय छात्रों का आंकड़ा दो लाख के पार चला गया था। लगातार छठे साल अमेरिका में भारतीय छात्रों की संख्या में बढ़ोतरी हुई।

अमेरिकी विश्वविद्यालयों में 11 लाख से ज्यादा छात्र; चीन के सबसे ज्यादा, भारतीय दूसरे पर

रिपोर्ट के मुताबिक, 2018-19 में अमेरिकी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में करीब 11,22,300 विदेशी छात्र पढ़ रहे थे। इनमें भारतीय छात्र 18% के साथ दूसरे स्थान पर थे। चीन 35 फीसदी छात्रों के साथ पहले स्थान पर रहा। भारत के बाद दक्षिण कोरिया, सऊदी अरब और कनाडा का स्थान रहा। कुछ छात्र फ्रांस के भी हैं। अमेरिका में ज्यादातर विदेशी छात्र कैलिफोर्निया, न्यूयॉर्क, टेक्सास, मैसाचुसेट्स, इलिनॉय, पेंसिलवेनिया, फ्लोरिडा, ओहियो, मिशिगन और इंडियाना में रहते हैं।

उच्च शिक्षा के लिए लंदन लगातार तीसरे साल दुनिया का सबसे अच्छा शहर

उच्च शिक्षा के लिए लंदन दुनिया का सर्वश्रेष्ठ शहर है। शिक्षा व्यवस्था पर विश्लेषण करने वाली एजेंसी क्वाक्वेरेली साइमंड्स (क्यूएस) ने अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी दी है। रिपोर्ट के मुताबिक रैंकिंग में लंदन लगातार तीसरे साल पहले स्थान पर रहा है।

इंपीरियल कॉलेज, किंग्स कॉलेज लंदन जैसी दुनिया की अग्रणी शिक्षण संस्थाओं के कारण लंदन को यह स्थान मिला है। इसके अलावा विदेशी छात्रों को ज्यादा अवसर के कारण लंदन अपनी रैंकिंग बचाने में सफल रहा है। इस रैंकिंग में म्युनिख दूसरे और टोक्यो, सिओल तीसरे स्थान पर रहे।

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