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अविका गौर ने कहा:सोशल मीडिया के फॉलोअर्स से फर्क नहीं पड़ता, पहले भी अच्छा काम कर रही थी और अब भी कर रही हूं

2 महीने पहलेलेखक: किरण जैन
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टीवी शो 'बालिका वधू' में आनंदी की भूमिका में फेमस हुई अभिनेत्री अविका गौर बॉलीवुड में डेब्यू करने को पूरी तरह से तैयार हैं। बता दे, फिल्म '1920- हॉरर्स ऑफ द हार्ट' महेश भट्ट द्वारा लिखित और कृष्णा भट्ट द्वारा निर्देशित है। हाल ही में दैनिक भास्कर से खास बातचीत के दौरान, अविका ने अपने अपनी फिल्मी जर्नी के बारे में संक्षेप में बात की।

अब तक किस प्रोजेक्ट ने आपको सबसे ज्यादा चुनौती दी?

मुझे लगता है कि टीवी शो 'ससुराल सिमर' ने मुझे सबसे ज्यादा चुनौती दी। उस शो में हर रोज आपको ऐसी सुपरनैचरल चीजें करनी होती थी, जिन पर आप व्यक्तिगत रूप से विश्वास नहीं करते थे। हालांकि एक कलाकार रूप में आप खुद को मना लेते हैं क्योंकि यह आपका काम है। मुझे लगता है कि यह करना सबसे कठिन काम था। वही अगर हम फिल्मों की बात करें तो फिल्म #Bro में काम करना बहुत ही मुश्किल काम था क्योंकि पहली भाषा तेलुगु और दूसरा किरदार। मुझे बहुत कुछ सीखना पड़ा और मुझे अपने बहुत सारे इमोशंस का ध्यान रखना पड़ा और किरदार में मासूमियत होनी चाहिए, उसे दूर करना वास्तव में कठिन था।

एक साथ फिल्म और टेलीविजन को बैलेंस करने का अनुभव कैसा रहा?

एक ही समय में टीवी और फिल्में एक साथ करने में मजा आता है। मुझे याद है कि मैंने अपना डेब्यू तब किया था जब मैं 10वीं बोर्ड दे रही थी। उस वक्त मेरे जीवन में बहुत कुछ हो रहा था, रीजनल फिल्में और साथ ही 'ससुराल सिमर का', तो निश्चित रूप से यह एक बहुत ही रोमांचक और मजेदार बात थी। अभी मेरा ध्यान सिर्फ फिल्मों पर है और मैं कुछ समय से टीवी नहीं कर रही हूं।

रीजनल सिनेमा के बाद आपने बॉलीवुड फिल्म साइन करने का फैसला क्यों लिया?

मैं हमेशा से एक हिंदी फिल्म भी करना चाहती थी, न कि सिर्फ तेलुगु या कोई और रीजनल फिल्म। सच कहु तो मैं सही स्क्रिप्ट का इंतजार कर रही थी और जिस मिनट मुझसे '1920- हॉरर्स ऑफ द हार्ट' के लिए संपर्क किया गया, मुझे एहसास हुआ कि इस तरह की स्क्रिप्ट पर मैं काम करना चाहूंगी और यह किरदार बहुत महत्वपूर्ण है। बतौर एक्ट्रेस मुझे काफी कुछ एक्स्प्लोर करने का मौका मिलेगा। यही वजह थी की जैसे ही ये फिल्म ऑफर हुई, मैंने तुरंत हामी भर दी।

आपके इस डेब्यू फिल्म से ऑडियंस क्या उम्मीद कर सकते हैं?

यह सिर्फ ग्लैम और खूबसूरत दिखने के बारे में नहीं है। इस फिल्म में प्रदर्शन करने के लिए बहुत कुछ है और मुझे लगता है कि दक्षिण के लोग वास्तव में इस तथ्य की सराहना करते हैं कि मैं ऐसी स्क्रिप्ट चुनती हूं जहां मैं बहुत कुछ करती हूं और मैंने अपने हिंदी डेब्यू के लिए भी कुछ ऐसा ही चुनने की पूरी कोशिश की है।

अपने प्रोफेशन को लेकर आप कितनी संतुष्ट हैं?

सबसे अच्छी बात मेरे प्रोफेशन की है कि मुझे अपने जीवन में बहुत सी अलग-अलग चीजें करने को मिलती हैं। मुझे इन अलग-अलग किरदारों में रहना और उन तौर-तरीकों को अपने और पूरी प्रक्रिया में अपनाना पसंद है जोकि बहुत मुश्किल है। बहुत से लोग नहीं समझते हैं, वे केवल इसका दूसरा पक्ष देखते हैं। पीछे बहुत मेहनत करनी पड़ती है और मुझे वह काम करना बहुत पसंद है और मुझे खुशी है कि मुझे वह करने को मिला।

क्या आप अक्सर अपने पोस्ट पर फॉलोअर्स की संख्या को देखकर चिंतित महसूस करती हैं?

मुझे लगता है कि मैं इस सब से बिल्कुल अनजान हूं और यह वास्तव में मेरे लिए कोई मायने नहीं रखता। मेरे सोशल मीडिया पर कितने फॉलोअर्स है, इन सभी को कोई फर्क नहीं पड़ता। मैं इंस्टाग्राम या किसी सोशल मीडिया पर आने से पहले भी अच्छा काम कर रही थी और अब भी अच्छा काम कर रही हूं। मेरे जीवन में सोशल मीडिया की वजह से बहुत कुछ नहीं बदला, यकीन मानिए मैं इसके बारे में इतना नहीं सोचती।

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