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भास्कर इंटरव्यू:श्रेयस तलपड़े बोले- साउथ की फिल्मों के हिट होने के कारणों को स्वीकार करके हमें भी उन पर काम करना चाहिए

2 महीने पहलेलेखक: इंद्रेश गुप्ता
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श्रेयस तलपड़े भोपाल में अपने अगले प्रोजेक्ट की शूटिंग कर रहे थे। आगे वह ‘मन्नू और मुन्नी' की शादी फिल्म में नजर आएंगे। इसके अलावा वे ‘सरकार की सेवा’ में फिल्म भी डायरेक्ट कर रहे हैं। एक खास बातचीत में उनसे अपकमिंग फिल्मों और ‘कौन प्रवीण तांबे’ और ‘पुष्पा’ जैसे प्रोजेक्ट की सफलता पर हुई बातचीत.

आपने एक एक्शन स्टार अल्लू को वॉइस दी, क्या साउथ से आपको कोई ऑफर है?
अभी तो नहीं है पर मुझे कुछ समय पहले जरूर कुछ ऑफर मिले थे, जिन्हें मैं करना भी चाहता था पर हिंदी प्रोजेक्ट्स की कमिटमेंट्स की वजह से मैं उन फिल्मों के लिए हां नहीं कर पाया। मैं हर जगह काम करने के लिए ओपन हूं। मेरे साथ ऐसा नहीं है कि ये टीवी का प्रोजेक्ट है ये दूसरी किसी भाषा का है तो मैं नहीं करूंगा। मेरे लिए मेरा काम मेरी पूजा है। अब वह चाहे यू-ट्यूब के लिए ही क्यों न हो उसे उतनी ही शिद्दत से निभाने की कोशिश करता हूं। मै हर काम को बराबर इज्जत देता हूं।

साउथ और नॉर्थ सिनेमा के कंपैरिजन पर क्या कहेंगे?
मेरा मानना है कि यह एक फेज है। हिंदी फिल्में हम वर्षों से देखते आ रहे हैं करते आ रहे हैं। ये बात इस पर डिपेंड करती है कि हम उसे किस नजरिए से देखते हैं। मुझे लगता है िक ये बहुत पॉजिटिव बात है कि साउथ की फिल्में यहां डब होकर चलती हैं और करोड़ों का बिजनेस कर जाती है। इससे अन्य रीजनल सिनेमा को भी कुछ सीखना चाहिए। चाहे वो मराठी हो, पंजाबी, गुजराती हो या बंगाली हो। आज ऑडियंस ऐसी नहीं रही है इस हीरो को ही देखेंगे या साउथ नहीं देखेंगे, पंजाबी नहीं देखेंगे।

आज पैन इंडिया फिल्में बन रही हैं। सभी मेकर्स को ऐसा करना चाहिए ताकि उनकी फिल्में पूरे देश में देखी जा सकें। हिंदी फिल्में इन दिनों कम चल रही हैं तो इसके पीछे कुछ तो कारण है। हमें वह कारण एक्सेप्ट करना चाहिए और उस पर काम भी करना चाहिए। आज ऑडियंस के पास कई ऑप्शन हैं। ओटीटी पर ही इतना कंटेंट आ रहा है कि हमें उन्हें कुछ स्पेशल और ओरिजिनल बनाकर दिखाना ही होगा नहीं तो वह दूसरी तरफ मूव हो जाएगी।

क्या कॉमेडी के अलावा कभी एक्शन करने के दिल नहीं करता?
ऑफकोर्स दिल करता है। कौन सा हीरो नहीं चाहेगा कि उसे एक्शन फिल्म करने का मौका मिले। हर एक्टर की कभी न कभी ख्वाहिश होती है कि वह एक जबरदस्त अंदाज में लोगों के सामने पेश हो। पर वैसा कुछ आए तो बात बने न। आई थिंक सिर्फ करने के लिए करने का कोई मतलब नहीं बनता है।

अगर ऐसी कोई फिल्म आती है, मुझे अप्रोच की जाती है तो जरूर करूंगा और उसके लिए ट्रांसफॉर्मेशन भी जरूर करूंगा। आगे मेरी तीन फिल्में है सोलो लीज रोल वाली हैं। मेरा मानना है कि चीजें आपके कॅरिअर में कब चेंज हो जाए पता नहीं चलता। हमें बस ईमानदारी से अपना काम करना चाहिए और जो आता है वह अच्छे से करना चाहिए बाकी नई चीजें भी सीखती रहनी चाहिए।

ओटीटी प्लेटफॉर्म से किसी प्रोजेक्ट या वेब सीरीज के लिए कोई ऑफर आया है क्या
मेरी फिल्म ‘कौन प्रवीण तांबे' ओटीटी पर आई है। ये बनी ही ओटीटी के लिए है। इसके अलावा वेब सीरीज के लिए बात करूं तो अभी मेरे पास कोई ऑफर नहीं है, हां दो-तीन सीरीज के लिए कुछ लोगों ने मुझे अप्रोच जरूर किया है पर मुझे उनका आइडिया या कहानी पसंद नहीं आई है।

मैंने फिलहाल उन्हें इंकार कर दिया है। ऑफकोर्स में वेब सीरीज भी करना चाहूंगा क्योंकि मैं यहां काम करने के लिए ही आया हूं। मुझे करीब 17 साल हो गए हैं इंडस्ट्री में 26 साल मराठी से जुड़े हुए भी हो गए हैं। मैं अपने काम को सीरियसली लेता हूं मैंने खुद को कभी ज्यादा सीरियसली नहीं लिया।

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