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फिल्मों में कम फीस को लेकर कियारा आडवाणी:बोलीं- मैं बेवजह फीस को लेकर मोल भाव और बखेड़ा खड़ा नहीं करती

2 महीने पहले
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महज सात सालों के करियर में कियारा आडवाणी ने अपने करियर में चार सुपरहिट फिल्‍में दी हैं। उनमें एक हंड्रेड करोड़ क्‍लब में हैं। दो फिल्‍में ‘गुड न्‍यूज’ और ‘कबीर सिंह’ टू हंड्रेड करोड़ क्‍लब में हैं। वहीं अब ‘भूल भुलैया2’ भी टू हंड्रेड करोड़ क्‍लब में शामिल होने की दहलीज पर है। इसके अलावा ‘शेरशाह’ भी उनके करियर की माइल स्‍टोन बनीं। हाल ही में एक बातचीत के दौरान, कियारा ने अपने प्रोफेशनल लाइफ से जुडी कुछ खास बातें शेयर की हैं।

पोस्‍ट कोविड आप की फिल्‍म से हिंदी फिल्‍मों के बॉक्‍स ऑफिस का समय पीरि‍यड दूर हुआ है। क्‍या कहना चाहेंगी?
बहुत खुशी तो है ही। उस प्रोजेक्‍ट पर ढाई साल की मेहनत थी सबकी। फिल्‍म से जुड़े हर किसी की तारीफ हो रही है। खुशी इस बात की भी रही कि यह फ्रेंचाइज फिल्‍म है। तो इससे लोगों की उम्‍मीदें भी बहुत थीं। संयोग से हम उन पर खरे उतरे हैं। इसे लोगों का इतना प्‍यार मिला, जो यह इंडिपेंडेंट आइडेंटिटी बनाने में सफल रही। उसकी सफलता से हमारी ‘जुग जुग जियो’ की टीम भी बेहद खुश है।

मुझे उम्‍मीद है और दुआ करती हूं, जो हमारी इस फिल्‍म को भी लोगों की उतनी ही मोहब्‍बत मिले। ‘कबीर सिंह’ की सफलता के बाद से यह सिलसिला जारी है। हालांकि सेलिब्रेट करने का मौका कम ही मिल सका है। मेरा सक्‍सेस सेलिब्रेट करने का तरीका यही है कि अगली फिल्‍म की शूट पर जुट जाओ।

आप लगातार हिट दे रही हैं। फिर भी कम ही फीस मिलती है। क्‍या कहना चाहेंगी?
मैं अपनी मौजूदगी से कितने नंबर्स लाती हूं, वह मुझे पता है। मेरे ख्‍याल से हर किसी को अपनी वैल्‍यू मालूम होनी चाहिए। मेरे ख्‍याल से हर एक्‍ट्रेस को अपनी वैल्‍यू पता है। मैं भी जानती हूं और इसलिए मैं बेवजह मोल भाव या बखेड़ा खड़ा नहीं करती।

अपनी फिल्मों पर 'सक्सेस' का टैग पाकर, अपने करियर पर कितनी सही महसूस करती हो?
बहुत ज्यादा, मैंने 21 साल की उम्र में शुरुआत की थी। मुझे नहीं पता था कि मैं कौन थी, मैं क्या बनना चाहती थी, मैं क्या कहना चाहती थी, मैं बस एक एक्टर बनना चाहती थी लेकिन क्लैरिटी नहीं थी की अपनी कहानियां लोगों तक कैसे पहुचाऊं। ऐसी कई कहानियां है जिनका हिस्सा मैं बनना चाहती हूं और अब धीरे-धीरे काफी क्लैरिटी मिल रही हैं। मैं अपने बारे में और अधिक से समझ पा रही हूं, जोकि पहले ऐसा नहीं था। काफी संतुष्ट हूं जिस तरह से पिछले 4 सालों में मेरे करियर ने शेप-अप किया हैं। सफलता आपको जिम्मेदारी का एहसास कराती है, मेरे साथ भी कुछ ऐसा ही है।

आने वाले दिनों में किस तरह के प्रोजेक्ट से खुद को जुड़ता देखना चाहेंगी?
मैं ऐसी फिल्मों का हिस्सा बनना चाहता हूं जो बड़े दर्शकों तक पहुंचे। सौभाग्य से, मेरी तीनों फिल्में उसी के लिए बनी हैं। मैं अब ऐसी फिल्मों का हिस्सा बनना चाहता हूं जहां परिवार का हर सदस्य जा सकें और मिलकर देखें। वास्तव में यही मेरा लक्ष्य है और मैं इसी राह पर चल भी रही हूं। मुझे एक्शन और पीरियाडिक फिल्म में काम करने की भी ख्वाहिश है। मेरा सपना संजय लीला भंसाली के साथ काम करने का है। जिस तरह से वे अपनी कहानी को लार्जर-देन-लाइफ बताते हैं, वो वाकई में कमाल का है।

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