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खास बातचीत:वेब सीरीज 'मासूम' स्टार बोमन ईरानी ने कहा- समारा का काम देखकर ताज्जुब में पड़ गया कि वे न्यूकमर हैं

2 महीने पहलेलेखक: उमेश कुमार उपाध्याय
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'मासूम' सीरीज के जरिए बोमन ईरानी ओटीटी प्लेटफॉर्म पर कदम रख चुके हैं। इसमें वे लीड रोल में दिखाई दे रहे हैं। उनके अपोजिट न्यू कमर समारा तिजोरी भी मुख्य भूमिका में नजर आ रही हैं। अब दैनिक भास्कर से खास बातचीत में बोमन ईरानी ने वेब सीरीज समेत अन्य कई मुद्दों के बारे में बताया है।

न्यू कमर समारा तिजोरी के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा?
समारा का काम देखकर ताज्जुब में पड़ गया कि वह न्यू कमर हैं। वे बहुत अच्छी कलाकार हैं, कांफिडेंट हैं। उनकी पर्सनैलिटी स्क्रीन पर उभरकर आई हैं। वे सीखने के लिए तत्पर रहती हैं। उनकी अव्वल दर्जे की एक्टिंग है। अगर आप बोलेंगे कि समारा न्यू कमर हैं, तब बिलीव नहीं करता। इतने आत्मविश्वास के साथ उन्होंने काम किया है कि उनके काम पर प्राउड फील करता हूं।

सीरीज में सब चतुर दिखाई दे रहे हैं, फिर इसमें मासूम कौन है?
वह पता नहीं, पर मासूम का अनेक मीनिंग हो सकता है। मासूम में आदमी इनोसेंट, निर्दोष आदि कुछ भी हो सकता है। मुझे मासूम का टाइटल बहुत अच्छा लगता है। इसकी अच्छे से की गई डिजाइन बहुत बढ़िया लगी।

19 जून को फादर्स डे था। पिताजी के साथ की कोई खास बात साझा करेंगे?
मैं अपने पिताजी से कभी मिला ही नहीं। मेरे पिताजी का इंतकाल मेरे जन्म से छह महीने पहले ही हो गया था। उनका इंतकाल मई महीने में हो गया और मैं दिसंबर, 1959 में पैदा हुआ। मैं यहां भी देर आया, पर दुरुस्त आया। शायद इसी वजह से लाइफ में सब कुछ लेट ही करता हूं।

किसी किरदार को करने की पीछे की सोच क्या होती है?
दो तरह की सोच और तैयारी होती है। एक तो एक्सटर्नल है, जिसमें लहजा, हावभाव, चाल ढाल, आवाज आदि होता है। दूसरा इंटरनल प्रिपरेशन होती है कि इंसान कौन है और उसकी बैक स्टोरी क्या है। पहले तो मैं उसके घाव को देखता हूं कि उसके बचपन में कहीं कोई घाव है कि नहीं। दूसरा, उसको लाइफ में चाहिए क्या, प्रॉब्लम क्या है और उसे कैसे सॉल्व करने की कोशिश करता है। सॉल्विंग के अंदर उस इंसान का रियल कैरेक्टर दिखाई देता है। यह सब स्क्रिप्ट पढ़ने से पता चलता है।

चलते-चलते बताइए कि लॉकडाउन का वक्त कैसे बीता?
लॉकडाउन के वक्त हम दो डिसीजन ले सकते थे। एक तो ग्रम्बल करके घर में बैठ सकते थे कि क्या होगा या फिर हमें मालूम है कि इसमें वक्त निकलेगा और वह वक्त निकालने के लिए कुछ करना पड़ेगा। मैंने तय किया कि एज्युकेशन पर ध्यान दें। फिर मैंने स्क्रीन राइटिंग के बारे में ऑनलाइन क्लासेस शुरू कर दिया, जो फ्री ऑफ चार्ज था। इस ऑनलाइन क्लास में कोई भी आ सकता है। मैंने लॉकडाउन से लेकर अब तक 510 सेशन पूरे किए। यह लॉकडाउन में बहुत लोगों के काम आया था। यह क्लास सिर्फ फ्री ही नहीं है, बल्कि बहुत एक्सीलेंट भी है।

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