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  • WTO chief Roberto Azevedo was shocked to announce his resignation, saying steps taken due to family reasons

फैसला /WTO प्रमुख रॉबर्टो एजेवेडो ने इस्तीफे की घोषणा कर चौंकाया, कहा- पारिवारिक कारणों की वजह से उठाया कदम

एजेवेडो ने कहा कि संगठन हमें दुनिया के जंगल कानून से दूर रखता है, डब्ल्यूटीओ कि लिए वर्ष 2021 में बड़ी चुनौतियां हैं एजेवेडो ने कहा कि संगठन हमें दुनिया के जंगल कानून से दूर रखता है, डब्ल्यूटीओ कि लिए वर्ष 2021 में बड़ी चुनौतियां हैं

  • उन्होंने 14 मई को डब्ल्यूटीओ सदस्यों की एक बैठक में इस्तीफे की घोषणा की
  • उन्‍होंने कहा कि वह आखिरी दिन तक इस संगठन को बेहतर बनाने के कार्य करते रहेंगे

Moneybhaskar.com

May 15,2020 06:29:00 PM IST

जिनेवा. विश्‍व व्‍यापार संगठन (WTO) के प्रमुख रॉबर्टो एजेवेडो ने अपने इस्‍तीफे की घोषणा से की है। कोरोना-19 महामारी के बीच उनका ये फैसला चौंकने वाला है। एजेवेडो ने गुरुवार, 14 मई को डब्ल्यूटीओ सदस्यों की एक बैठक में इसकी घोषणा की। उन्‍होंने कहा कि वह 31 अगस्त को इस्‍तीफा दे देंगे। बता दें कि कोविड-19 महामारी के चलते दुनियाभर के बिजनेस में भारी गिरावट आई है।एजेवेडो ने कहा कि यह उनका व्यक्तिगत निर्णय है। पारिवारिक कारणों की वजह से उन्होंने इस्‍तीफा दिया है। उन्‍होंने कहा कि हमारा यह निर्णय संगठन के हितों के अनुरूप होगा।

संगठन को बेहतर बनाने के लिए करते रहेंगे काम
एजेवेडो ने कहा कि उनके इस्‍तीफे के बाद संगठन के सदस्‍य 2021 में होने वाले बारहवें मंत्रिस्तरीय सम्मेलन के पूर्व अगले महीने में अपने उत्‍तराधिकारी का चयन कर सकेंगे। उन्‍होंने कहा कि वह आखिरी दिन तक इस संगठन को बेहतर बनाने और उसको मजबूत बनाने के कार्य करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि डब्ल्यूटीओ पूर्ण नहीं हो सकता है, लेकिन यह सभी के लिए अपरिहार्य है।

एजेवेडो ने कहा कि संगठन हमें दुनिया के जंगल कानून से दूर रखता है। डब्ल्यूटीओ कि लिए वर्ष 2021 में बड़ी चुनौतियां हैं। इसलिए शुरुआत से ही हमें इस वास्तविक चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। कोरोनावायरस ने आर्थिक क्षेत्र में एक नई चुनौती पेश की है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली नई आर्थिक वास्तविकताओं के अनुकूल हो।

भारत भी है डब्ल्यूटीओ का सदस्य
डब्ल्यूटीओ एक बहुपक्षीय संस्था है, जो अंतरराष्ट्रीय व्यापार का नियमन करती है। इसकी स्थापना 1 जनवरी, 1995 को हुई थी। इसका मुख्यालय स्विटजरलैंड के जेनेवा शहर में है। 164 देशों ने इस संगठन की सदस्‍यता ग्रहण की है। भारत शुरू से ही डब्ल्यूटीओ का सदस्य रहा है। आज विश्व का 98 फीसदी व्यापार डब्ल्यूटीओ के दायरे में होता है।

डब्ल्यूटीओ की कार्यप्रणाली संयुक्त राष्ट्र की तुलना में अधिक लोकतांत्रिक है। संयुक्त राष्ट्र में जहां पांच स्थायी सदस्यों को वीटो पावर प्राप्त है, वहीं डब्ल्यूटीओ में किसी भी राष्ट्र को विशेषाधिकार प्राप्त नहीं है। सबके मत बराबर हैं। डब्ल्यूटीओ के सदस्य देशों की हर दो साल पर मंत्रिस्तरीय बैठक होती है जिसमें आम राय से फैसले होते हैं।

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एजेवेडो ने कहा कि संगठन हमें दुनिया के जंगल कानून से दूर रखता है, डब्ल्यूटीओ कि लिए वर्ष 2021 में बड़ी चुनौतियां हैंएजेवेडो ने कहा कि संगठन हमें दुनिया के जंगल कानून से दूर रखता है, डब्ल्यूटीओ कि लिए वर्ष 2021 में बड़ी चुनौतियां हैं

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