अर्थव्यवस्था /V, L, W या टिक शेप : कैसी दिखेगी कोरोनावायरस के बाद अर्थव्यवस्था में रिकवरी की प्रक्रिया

V शेप रिकवरी में जितनी तेजी से मंदी आती है, उतनी ही तेजी से रिकवरी भी होती है V शेप रिकवरी में जितनी तेजी से मंदी आती है, उतनी ही तेजी से रिकवरी भी होती है

  • वैश्विक अर्थव्यवस्था में 2009 के बाद या शायद दूसरे विश्व युद्ध के बाद सबसे बड़ी मंदी आ सकती है
  • दुनियाभर के अर्थशास्त्री अनुमान लगाने में जुटे हैं कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में किस तरह की रिकवरी होगी

Moneybhaskar.com

Apr 02,2020 04:19:00 PM IST

नोएडा. दुनियाभर के अर्थशास्त्री इस बात का अनुमान लगाने में जुटे हैं कि कोरोनावायरस का संक्रमण खत्म होने के बाद वैश्विक अर्थव्यवस्था में किस तरह की रिकवरी होगी। वायरस संक्रमण के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था में 2009 के बाद या शायद दूसरे विश्व युद्ध के बाद सबसे बड़ी मंदी आ सकती है। V शेप में जितनी तेजी से अर्थव्यवस्था में मंदी आती है, उतनी ही तेजी से इसमें वापस तेजी आती है। लेकिन कई इकोनॉमिस्ट को यह भी चिंता हो रही है कि तेजी की वापसी की प्रक्रिया U शेप में हो सकती है। कुछ निराशावादी अर्थशास्त्री तो यह भी कह रहे हैं कि यह प्रक्रिया L या W शेप या नाइक श्वूस (टिक शेप) में सकती है। जेपीमोर्गन चेज एंड कंपनी के मुख्य अर्थशास्त्री ब्रूस कसमान और उनकी टीम ने एक रिपोर्ट में अपने क्लाइएंट को इस सप्ताह कहा कि वायरस संक्रमण के सफर, संक्रमण को रोकने की कोशिश के असर, आर्थिक राहत की नीतियों और निजी सेक्टर के व्यवहार के बीच बहुत जटिल संबंध है। इसलिए भविष्य बहुत अनिश्चितता भरा है। प्रत्येक स्थिति में रिवकरी इस प्रकार की होगी।

V शेप

वी शेप की रिकवरी प्रक्रिया तब होगी, जब अप्रैल या मई तक पूरी दुनिया से वायरस का संक्रमण पूरी तरह से खत्म हो जाएगा। इसके बाद सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों में ढील दे दी जाएगी। इसके बाद मांग खूलेगी और बड़े पैमाने पर वित्तीय और मौद्रिक राहत पैकेज जारी किए जाएंगे। कंपनियों में काम-काज फिर से सामान्य तरीके से शुरू हो जाएगा। कर्मचारियों की छंटनी नहीं होने देने की सरकारी कोशिश सफल होगी और बेरोजगारी में गिरावट आएगी। इससे अगले साल की शुरुआत तक अर्थव्यवस्था वायरस संकट से पहले वाले स्तर तक पहुंच जाएगी। चीन के मार्च के पर्चेजिंग मैनेजर इंडेक्स के आंकड़े से इसी तरह की रिकवरी के संकेत मिल रहे हैं। चीन में फैक्टरियों ने फिर से काम करना शुरू कर दिया है। चीन के आधिकारिक और काइक्सिन फैक्टरी सेंटिमेंट डाटा अर्थव्यवस्था में विस्तार की ओर इशारा कर रहे हैं। मैक्वेरी समूह के लैरी हू सहित कई अर्थशास्त्रियों का हालांकि कहना है कि V शेप की रिकवरी के लिए हालांकि कई चीजों का अनुकूल होना जरूरी है, खासकर तब जब दूसरी तिमाही में वैश्विक मंदी, वायरस संक्रमण फिर से बढ़ने, कीमतों में गिरावट और घरेलू प्रोपर्टी मार्केट की खराब हालत का खतरा बना हुआ है।

U शेप

यू शेप की रिकवरी तब आएगी, जब वायरस संक्रमण को पूरी तरह जून तक खत्म नहीं किया जा सकेगा और उसी के मुताबिक सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों में ढील देने में कुछ ज्यादा समय लगेगा। सरकारों और केंद्रीय बैंकों की राहत पैकेज के कारण कुछ मांग तो खुलेगी, लेकिन लोग खरीदारी करने या रेस्तरां में खाने के लिए दौड़ नहीं पड़ेंगे। इसका कारण यह है कि कंपनियों और फैक्टरियों में काम-काज पूरी क्षमता से वापस शुरू होने में वक्त लगेगा और मंदी के दिनों में जितने लोगों की नौकरी छूटी है, उनमें से हर एक को फिर से काम नहीं मिल पाएगा। मंदी के दिनों में लिया गया कर्ज लोग पूरी तरह से उतार नहीं पाए होंगे। यू शेप की रिकवरी में 2020 के आखिर तक या उसके भी बाद इकोनॉमी में वापस तेजी आएगी। स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक कोरिया लिमिटेड में कोरिया इकोनॉमिक रिसर्च के प्रमुख चोंग हून पार्क ने कहा कि चीन की आर्थिक सुस्ती तुरंत दूर होन की उम्मीद नहीं है, इसलिए मुझे वी की अपेक्षा यू शेप की रिकवरी की संभावना ज्यादा दिखाई पड़ती है।

L शेप

एल शेप की रिकवरी तब आ सकती है, जब वायरस संक्रमण जून के बाद भी जारी रहेगा और इसके कारण सोशल डिस्टेसिंग के नियम भी जून के बाद तक जारी रहेंगे। इस स्थिति में लोग सेवा गितिविधियों पर खर्च करना शुरू नहीं करेंगे। वे घर में ही टेलीविजन पर यो होम थिएटर पर फिल्म देख लेंगे। संकट काल में लिए गए कर्ज का भुगतान करने में लोगों को कठिनाई होगी। कई कंपनियां दिवालिया हो सकती हैं। शेयर बाजार में भी उछाल नहीं दिखेगा। मांग में तेजी लाने के लिए सरकारों को और अधिक राहत पैकेज की घोषणा करनी पड़ेगी। फैथम कंसल्टिंग के अर्थशास्त्री एरिक ब्रिटन ने कहा कि यदि कोरोनावायरस की फिर से वापसी होती है, तो लंबे समय तक मंदी की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता है।

W शेप

डब्ल्यू शेप की रिकवरी तब होगी, जब वायरस की फिर से वापसी हो जाएगी। लंदन के इंपीरियल कॉलेज के प्रोफेसर्स का मानना है कि संक्रमण की रोकथाम की कवायद उचित समय से पहले यदि रोक दी जाती है, तो कोरोनावायरस का संक्रमण फिर से बढ़ सकता है। इसके बाद सरकारें फिर से सारी पाबंदियां लगाएंगी। इसके कारण फिर से अनिश्चितता पैदा होगी और फिर से कंपनियों के काम-काज को बंद करना पड़ेगा। इस प्रक्रिया में रिकवरी के बाद फिर से मंदी का दौर शुरू होगा।

टिक शेप या नाइक श्वूस शेप

टिक शेप को नाइक श्वूस शेप के नाम से भी जाना जाता है। इसे नाइक कंपनी के लोगो शेप वाली रिकवरी के तौर पर भी समझा जा सकता है। ऐसी रिकवरी तब होगी, जब पाबंदियां धीरे धीरे उठाई जाएंगी। ऐसी स्थिति में कारोबारी गतिविधियों में धीरे-धीरे तेजी आएंगी और लोग भी अपने खर्च को धीरे-धीरे बढ़ाएंगे, खासकर तब जब उनके ऊपर कर्ज बोझ होगा। उत्पादन का स्तर 2021 में भी संकट से पहले वाले स्तर के मुकाबले कम होगा। बेरेनबर्ग बैंक के अर्थशास्त्री होल्जर स्क्मेडिंग और कालूम पिकरिंग ने कहा कि तीखी गिरावट के बाद धीरे-धीरे तेजी आएगी और आखिरकार जीडीपी का आकार कोरोनावायरस संकट से पहले के स्तर के मुकाबला ज्यादा बड़ा हो जाएगा। ऐसा होने में दो साल से कुछ ज्यादा समय लग सकता है।

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