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पैकेज का असर /20.97 लाख करोड़ रुपए का आर्थिक पैकेज फिस्कल डेफिसिट पर 2.02 लाख करोड़ रुपए का असर डालेगा, जीडीपी की तुलना में 1.01 प्रतिशत

अंतिम चरण के आर्थिक पैकेज के बाद जीडीपी की तुलना में बढ़ जाएगा फिस्कल डेफिसिट अंतिम चरण के आर्थिक पैकेज के बाद जीडीपी की तुलना में बढ़ जाएगा फिस्कल डेफिसिट

  • आर्थिक पैकेज जीडीपी का 10.5 प्रतिशत हुआ
  • फिस्कल डेफिसिट जीडीपी का 1.01 प्रतिशत हुआ

Moneybhaskar.com

May 18,2020 10:43:00 AM IST

मुंबई. वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा रविवार को अंतिम पैकेज जारी करने के बाद ही आर्थिक पैकेज पूरा हो गया। हालांकि पैकेज की साइज 20 लाख करोड़ से बढ़कर 20,97,053 करोड़ रुपए हो गई। इसी के साथ यह जीडीपी का 10.5 प्रतिशत हो गया। इस पैकेज के बाद चालू वित्त वर्ष में फिस्कल डेफिसिट यानी राजकोषीय घाटा बढ़कर 202,660 करोड़ रुपए के रूप में दिखेगा। फिस्कल डेफिसिट पूरी जीडीपी का 1.01 प्रतिशत होगा।

पहले पैकेज में 7.35 लाख करोड़ रुपए घोषित हुए थे

एसबीआई की सोमवार को जारी रिपोर्ट में कहा गया कि सीएसओ के जीडीपी के पिछले अनुमानों पर आधारित मूल राजकोषीय घाटा करीब 7.1 फीसदी है। हमारा अनुमान है कि राजस्व में कमी या राजकोषीय स्थिरता के कारण फिस्कल डेफिसिट पर 4.5 फीसदी का सीधा असर पड़ेगा। पहले पैकेज में मार्च के पैकेज को जोड़ दें तो कुल 7.35 लाख करोड़ रुपए घोषित हुए थे। पहले चरण में 1.7 लाख करोड़ रुपए का राजकोषीय प्रोत्साहन दिया गया। जबकि इसी दौरान विभिन्न मौद्रिक नीतिगत उपायो के जरिए 5.6 लाख करोड़ रुपए की राहत दी गई।

दूसरे चरण में 6.70 लाख करोड़ की घोषणा

दूसरे चरण में बुधवार को घोषित 6.70 लाख करोड़ रुपए की राहत शामिल है। रिपोर्ट में कहा गया है। इस राहत से फिस्कल डेफिसिट पर 1.29 लाख करोड़ रुपए का असर होगा। सरकार ने लगभग 4.2 लाख करोड़ रुपए (जीडीपी का 2.1 फीसदी) के अतिरिक्त उधार की घोषणा की है। कुछ विश्लेषकों के मुताबिक भारत में वित्त वर्ष 2021 में फिस्कल डेफिसिट 16 लाख करोड़ रुपए का हो सकता है। यह जीडीपी के अनुपात में 8 प्रतिशत होगा। गुरुवार को जारी राहत पैकेज का फिस्कल डेफिसिट पर महज 0.07 प्रतिशत असर होगा।

पहले पैकेज पर 73,000 करोड़ का फिस्कल डेफिसिट

पहले पैकेज 7.35 लाख करोड़ पर 73,000 करोड़ रुपए फिस्कल डेफिसिट होगा। इसमें पीएमजीकेवाई, फ्री कैश और फुड के तहत 1.70 लाख करोड़ जारी किए गए। आरबीआई के लिक्विडिटी सपोर्ट 5,65,200 करोड़ पर कोई फिस्कल डेफिसिट नहीं होगा।

दूसरे पैकेज से फिस्कल डेफिसिट पर 41,000 करोड़ का असर

इसी तरह दूसरे पैकेज में 5,94,250 करोड़ रुपए पर फिस्कल डेफिसिट के रूप में 41,000 से 41,500 करोड़ रुपए का असर पड़ेगा। इसमें एमएसएमई के कोलैटरल फ्री लोन, डेट या इक्विटी सपोर्ट के 3,70,000 करोड़ रुपए पर 14,000 करोड़ रुपए का फिस्कल डेफिसिट पर असर होगा। रिपोर्ट के मुताबिक ईपीएफ सपोर्ट में 9,250 करोड़ रुपए पर फिस्कल डेफिसिट में 2,500 करोड़ रुपए का असर होगा।

डिस्कॉम की राहत से फिस्कल डेफिसिट पर कोई असर नहीं

एनबीएफसी एचसी, एमएफआई लिक्विडिटी सपोर्ट 75,000 करोड़ का हालांकि फिस्कल डेफिसिट पर कोई असर नहीं होगा। इसी तरह डिस्कॉम लिक्विडिटी सपोर्ट के रूप में दिए गए 90,000 करोड़ रुपए से भी फिस्कल डेफिसिट पर कोई असर नहीं होगा। टीडीएसस टीसीएस रिडक्शंस लिक्विडिटी सपोर्ट के रूप में 50 हजार करोड़ का फिस्कल डेफिसिट पर 20-25 हजार करोड़ रुपए का असर हो सकता है।

स्ट्रीट वेंडर्स की राहत से फिस्कल डेफिसिट पर कोई असर नहीं

तीसरे पैकेज में प्रवासी कामगारों के खाने पर पीडीएस के रूप में 3,500 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं। फिस्कल डेफिसिट के रूप में 3,500 करोड़ रुपए का असर होगा। इसी तरह मुद्रा शिशु स्कीम इंट्रेस्ट सबवेंशन के रूप में 1,500 करोड़ रुपए का फिस्कल डेफिसिट पर उतना ही असर होगा। स्ट्रीट वेंडर्स को दिए गए 5,000 करोड़ रुपए का फिस्कल डेफिसिट पर कोई असर नहीं होगा। इसी तरह नाबार्ड के 30,000 करोड़ रुपए के पैकेज का भी फिस्कल डेफिसिट पर कोई असर नहीं होगा।

किसानों के क्रेडिट कार्ड का फिस्कल डेफिसिट पर कोई असर नहीं

किसान क्रेडिट कार्ड किसानों के लिए 2 लाख करोड़ रुपए का है। फिस्कल डेफिसिट में इसका असर 500-750 करोड़ रुपए के रूप में हो सकता है। मध्यम वर्ग के लिए क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम 70,000 करोड़ रुपए दी गई है। इस पर 3,000 करोड़ रुपए का फिस्कल डेफिसिट होगा।फूड माइक्रो इंटरप्राइजेज के लिए घोषित 10 हजार करोड़ रुपए से 6,000 करोड़ रुपए का फिस्कल डेफिसिट पर असर दिखेगा। जबकि मत्स्य संपदा योजना के लिए जारी 20,000 करोड़ रुपए से 12,000 करोड़ रुपए का असर दिखेगा।

ग्रीन ऑपरेशन से 500 करोड़ का फिस्कल डेफिसिट

इसी तरह टॉप टू टोटल यानी ग्रीन ऑपरेशन के लिए 500 करोड़ रुपए जारी किया गया और इसका 500 करोड़ रुपए के रूप में असर दिखएगा। एग्री इंफ्रा के लिए जारी एक लाख करोड़ रुपए का असर नहीं होगा।पशुपालन इंफ्रा डेवलपमेंट फंड के लिए जारी 15,000 करोड़ रुपए का भी कोई असर फिस्कल डेफिसिट पर नहीं होगा। हर्बल कल्टीवेशन के लिए जारी प्रमोशन स्कीम 4,000 करोड़ रुपए की है। इसका 1,200 करोड़ रुपए का फिस्कल डेफिसिट पर असर दिखेगा।

मधुमक्खी पालन का 500 करोड़ रुपए का बजट है और यह पूरा असर दिखेगा। वाइबिलिटी गैप फंडिंग के रूप में दिए गए 8,100 करोड़ रुपए का 4,860 करोड़ रुपए फिस्कल डेफिसिट पर असर डालेगा। पांचवें चरण में मनरेगा के लिए जारी 40 हजार करोड़ रुपए के अतिरिक्त अलोकेशन पर फिस्कल डेफिसिट में 40,000 करोड़ रुपए का असर दिखेगा।

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