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कोरोना इंपेक्ट /रेस्टोरेंट, ऑटो और रियल्टी सेक्टर को उबरने में लगेगा 1-2 साल का समय

कोरोनावायरस के चलते लगे लॉकडाउन के कारण अभी अधिकांश कारोबारी गतिविधियां ठप पड़ी हैं। कोरोनावायरस के चलते लगे लॉकडाउन के कारण अभी अधिकांश कारोबारी गतिविधियां ठप पड़ी हैं।

  • टूरिज्म, लॉजिस्टिक्स, एंटरटेनमेंट और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर को उबरने में भी लगेगा समय
  • फिक्की के 'कोविड-19:  आर्थिक प्रभाव और नुकसान कम करने के प्रयास' सर्वे में दावा

Moneybhaskar.com

Apr 09,2020 12:58:38 PM IST

नई दिल्ली. कोरोनावायरस महामाही और इसके कारण चल रहे देशव्यापी लॉकडाउन की वजह से भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभावों की वजह से रेस्टोरेंट, ऑटो और रियल एस्टेट जैसे सेक्टरों को उबरने में 1 से 2 साल का समय लगेगा। यह दावा उद्योग संगठन फिक्की की ओर से 'कोविड-19: आर्थिक प्रभाव और नुकसान कम करने के प्रयास' नाम से किए गए सर्वे की रिपोर्ट में किया गया है। सर्वे में कहा गया है कि बुरी तरह से प्रभावित ट्रांसपोर्टेशन एंड टूरिज्म, लॉजिस्टिक्स, एंटरटेनमेंट और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स समेत कई अन्य सेक्टर्स को भी उबरने में इतना ही समय लग सकता है।

मांग पर निर्भर करेगी कारोबार की रिकवरी

फिक्की के सर्वे में कहा गया है कि कारोबार में रिकवरी मांग की परिस्थितियों और कारोबार के सर्वाइवल पर निर्भर करेगी। सर्वे में कहा गया है कि अपैरल एंड ब्यूटी प्रोडक्ट, बेवरेजेस, अल्कोहल बेवरेजेस, इंश्योरेंस, एग्रीकल्चर, कैमिकल, मेटल एंड माइनिंह, सर्विसेज, इंडस्ट्रीज, ऑफलाइन रिटेल और हेल्थकेयर जैसे सेक्टर कोरोनावायरस महामारी के प्रकोप से उबरने में 9 से 12 महीने का समय लेंगे। रिपोर्ट में उद्योग संगठम ने कहा है कि भारतीय उद्योग को इस संकट से उबरने के लिए तत्काल 9 से 10 लाख करोड़ रुपए के प्रोत्साहन पैकेज की आवश्यकता है जो देश की कुल जीडीपी का 4 से 5 फीसदी हिस्सा हो सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अन्य देश भी इसी प्रकार के कदम उठा रहे हैं। भारत का डेब्ट टू जीडीपी औसत प्रबंध करने योग्य है।

अर्थव्यवस्था के सभी वर्गों तक पहुंचाया जाए प्रोत्सान पैकेज

रिपोर्ट में कहा गया है कि राहत और पुनर्वास के लिए प्रोत्साहन पैकेज की राशि अर्थव्यवस्था के सभी स्तरों तक पहुंचाई जाए। इसमें सबसे निचले पायदान पर रहने वाले लोग, असंगठित क्षेत्र के कामगार, माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम इंटरप्राजेज और बड़े कॉर्पोरेट सभी शामिल हैं। इसके साथ ही उद्योग संगठन ने 2 लाख करोड़ रुपए की राशि से 'भारत आत्मनिर्भरता फंड' के गठन का भी सुझाव दिया है। उद्योग संगठन ने कहा है कि इस फंड का इस्तेमाल वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए किया जा सकता है ताकि एक मजबूत और लचीले राष्ट्र का निर्माण किया जा सके। इसके अलावा जिन क्षेत्रों में भारत आयात पर ज्यादा निर्भर है उनमें आत्मनिर्भर इंडस्ट्री क्लस्टर और पूरी तरह से विकसित वेल्यू चेन बनाने के लिए इस फंड का इस्तेमाल हो।

फूड रिटेल और फार्मा सेक्टर में आएगा बूम

रिपोर्ट में कहा गया है कि सेवा सेक्टर जैसे फूड रिटेल, टेलीकम्युनिकेशन, यूटीलिटी सर्विसेज और फार्मास्यूटिकल्स में शॉर्ट टर्म में तेजी दर्ज की जाएगी जो 6 से 9 महीने की लंबी अवधि तक के लिए बनी रहेगी। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि प्रतिबंधों और लॉकडाउन अवधि के दौरान ऑनलाइन हेल्थकेयर, पर्सनल केयर, ऑनलाइन इंटरटेनमेंट और एजुकेशन में भी बूम रहेगा जो लंबी अवधि तक बना रह सकता है।

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कोरोनावायरस के चलते लगे लॉकडाउन के कारण अभी अधिकांश कारोबारी गतिविधियां ठप पड़ी हैं।कोरोनावायरस के चलते लगे लॉकडाउन के कारण अभी अधिकांश कारोबारी गतिविधियां ठप पड़ी हैं।

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