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नई पहल /चीन के वन बेल्ट-वन रोड के जवाब में भारत की वन सन-वन वर्ल्ड-वन ग्रिड पहल, 6 जुलाई तक टेंडर मांगे

हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी देशों को सोलर एनर्जी से जोड़ने की अपील की थी।  हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी देशों को सोलर एनर्जी से जोड़ने की अपील की थी। 

  • वैश्विक इलेक्ट्रिसिटी ग्रिड बनाने वाले इस प्रोजेक्ट को वर्ल्ड बैंक टेक्निकल मदद करेगा, प्री-बिड बैठक 5 जून को
  • दो जोन में बांटे जाएंगे दुनियाभर के देश, भारत की ओर से सहसंस्थापित इंटरनेशनल सोलर अलांयस को भी लाभ मिलेगा

Moneybhaskar.com

May 28,2020 11:46:16 AM IST

नई दिल्ली. वैश्विक इलेक्ट्रिसिटी ग्रिड बनाने के मकसद से केंद्र की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार ने गुरुवार को वन सन-वन वर्ल्ड-वन ग्रिड (ओएसओडब्ल्यूओजी) बनाने का प्रोजेक्ट तैयार किया है। इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए गुरुवार को सरकार ने टेंडर मंगाने के लिए निविदा पत्र जारी किया।

5 जून को होगी प्री-बिड बैठक

कोरोनावायरस संक्रमण ने भारत को वैश्विक रणनीति में ज्यादा हिस्सेदारी का मौका दिया है। इसी को देखते हुए भारत ने ओएसओडब्ल्यूओजी के लिए निविदा मंगाई हैं। लाइव मिंट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस योजना के इस संबंध में 5 जून को नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) में एक प्री-बिड बैठक बुलाई है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने यह दुनिया के किसी भी देश की ओर से शुरू की गई सबसे महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है और आर्थिक लाभ साझा करने के मामले में वैश्विक महत्व की योजना है।

दो भागों में बंटा है निविदा प्रपत्र

रिपोर्ट के मुताबिक, ओएसओडब्ल्यूओजी के लिए जारी निविदा प्रपत्र तकनीकी और वित्तीय दो भागों में बंटा है। निविदा प्रपत्र में ओएसओडब्ल्यूओजी के लॉन्ग टर्म विजन, योजना को मूर्तरूप देने, रोडमैप तैयार करने और संस्थागत फ्रेमवर्क तैयार करने के लिए सलाहकारों से भी आवेदन मांगे गए हैं। इस प्रोजेक्ट को अमेरिका के पेरिस क्लाइमेट डील से पीछे हटने और चीन की वन बेल्ट-वन रोड (ओबीओआर) पहल के जवाब में भी देखा जा रहा है। चीन की ओबीओआर पहल के तहत एशिया, अफ्रीका और यूरोप में रेलवे, पोर्ट्स और पावर ग्रिड जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट में करोड़ों डॉलर का निवेश किया जाना है।

इंटरनेशनल सोलर अलायंस को भी मिलेगा फायदा
ग्लोबल ग्रिड की योजना का भारत की ओर से सहसंस्थापित इंटरनेशनल सोलर अलांयस (आईएसए) को भी लाभ मिलेगा। आईएसए में भारत समेत 67 देश शामिल हैं। यह क्लाइमेट चेंज पर भारत का कॉलिंग कार्ड है और इसे विदेश नीति के एक औजार के रूप में देखा जा रहा है। आपको बता दें कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी देशों को सोलर एनर्जी से जोड़ने की अपील की थी।

दो जोन में बंटा होगा सोलर ग्रिड

निविदा प्रपत्र के मुताबिक, यह सोलर ग्रिड दो जोन में बंटा होगा। ईस्ट जोन में म्यांमार, वियतनाम, थाइलैंड, लाओ, कंबोडिया जैसे देश शामिल होंगे। वेस्ट जोन मिडिल ईस्ट और अफ्रीका क्षेत्र के देशों को कवर करेगा। इस प्रोजेक्ट में टेक्निकल मदद वर्ल्ड बैंक करेगा और 6 जुलाई तक निविदा जमा की जा सकती हैं।

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हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी देशों को सोलर एनर्जी से जोड़ने की अपील की थी। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी देशों को सोलर एनर्जी से जोड़ने की अपील की थी। 

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