• Home
  • Economy
  • In the current financial year, the country's exports may fall by 20 percent, its value will be $ 60 billion.

आयात-निर्यात /चालू वित्त वर्ष में देश के निर्यात में आ सकती है 20 प्रतिशत की गिरावट, 60 अरब डॉलर होगा इसका मूल्य - फियो

कोविड-19 प्रकोप के कारण निर्यात और आयात दोनों में गिरावट आने की उम्मीद है कोविड-19 प्रकोप के कारण निर्यात और आयात दोनों में गिरावट आने की उम्मीद है

  • रुपए में गिरावट बाकी देशों की तुलना में कम है
  • इस वजह से निर्यात पर दबाव पड़ रहा है

Moneybhaskar.com

May 19,2020 07:48:00 PM IST

मुंबई. फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन्स (फियो) ने मंगलवार को कहा कि कोविड-19 महामारी के चलते चालू वित्त वर्ष में देश के निर्यात में 20 फीसदी की गिरावट आने की उम्मीद है। निर्यातकों की शीर्ष बॉडी से जुड़े एक अधिकारी ने कहा कि आउटलुक इस समय 'बेहद नकारात्मक' है और निर्यात में गिरावट के साथ आयात में गिरावट भी आएगी।

निर्यात में गिरावट से बिजनेस संतुलन पर कोई दबाव नहीं होगा

फियो के महानिदेशक अजय सहाय ने कहा कि हमें उम्मीद है कि चालू वित्त वर्ष के दौरान निर्यात में 20 प्रतिशत की गिरावट आने की संभावना है। अजय सहाय ने कहा कि मूल्य के संदर्भ में यह 50 से 60 अरब डॉलर के आसपास होगा। हालांकि उन्होंने कहा कि व्यापार संतुलन पर कोई खास दबाव नहीं होगा। क्योंकि कोविड-19 प्रकोप के कारण निर्यात और आयात दोनों में गिरावट आने की उम्मीद है।

गिरावट से नौकरियों का नुकसान होगा

सहाय ने कहा कि हालांकि, यह (निर्यात में गिरावट) रोजगार के निर्माण पर सवालिया निशान लगाएगा और नौकरियों का नुकसान भी होगा। सरकार द्वारा घोषित प्रोत्साहन पैकेज पर उन्होंने कहा कि निर्यातकों को वैश्विक बाजारों में अपनी प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार के लिए और अधिक समर्थन की जरूरत है क्योंकि चीन ने उत्पादन शुरू कर दिया है।

सरकार ने केवल एक ही फेवर किया है

सहाय ने कहा, व्यक्तिगत तौर पर मुझे लगता है कि सरकार द्वारा घोषित आर्थिक प्रोत्साहन में निर्यात पर एक भी शब्द नहीं आया है। सरकार ने केवल एक फेवर किया है औऱ वह है एमएसएमई की ब्याज छूट योजना का विस्तार। उन्होंने कहा कि चीन अपने निर्यातकों को छूट भी दे रहा है। उन्होंने कहा कि हालांकि रुपए में गिरावट आई है, लेकिन यह उतना तेज नहीं है जितना कि दक्षिण कोरिया, तुर्की, इंडोनेशिया या ब्राजील जैसे हमारे प्रतिस्पर्धियों ने देखा है। उन्होंने बताया कि इससे भारतीय निर्यात पर दबाव पड़ रहा है।

माल निर्यात का भारत के जीडीपी में 12 प्रतिशत हिस्सा है

निर्यातकों की शीर्ष संस्था ने सरकार से अनुरोध किया है कि वह सभी निर्यातों को दो प्रतिशत अतिरिक्त एमईआईएस (मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट्स) सहायता प्रदान करे और अपैरल, चमड़ा, हस्तशिल्प, कालीन, मरीन, चाय और प्रोसेस्ड फ़ूड जैसे श्रम प्रधान क्षेत्रों को चार प्रतिशत अतिरिक्त सहायता की मांग की है। उन्होंने कहा, इस समय यही वक़्त का तकाजा है। उनके मुताबिक, माल निर्यात का भारत के जीडीपी में लगभग 12 प्रतिशत हिस्सा है और इससे विदेशी मुद्रा की कमाई 320 अरब डॉलर के आसपास होती है।

X
कोविड-19 प्रकोप के कारण निर्यात और आयात दोनों में गिरावट आने की उम्मीद हैकोविड-19 प्रकोप के कारण निर्यात और आयात दोनों में गिरावट आने की उम्मीद है

Money Bhaskar में आपका स्वागत है |

दिनभर की बड़ी खबरें जानने के लिए Allow करे..

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.