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आरबीआई के फैसले पर प्रतिक्रिया /रेपो रेट में कटौती से घटेगी ईएमआई, घर खरीदने वालों की तादाद बढ़ेगी

रियल एस्टेट सेक्टर लंबे समय से सुस्ती का सामना कर रहा है। रियल एस्टेट सेक्टर लंबे समय से सुस्ती का सामना कर रहा है।

  • रियल एस्टेट सेक्टर ने आरबीआई के रेपो रेट में कटौती के फैसले का स्वागत किया
  • हाउसिंग सेक्टर के साथ आम लोगों के लिए भी फायदेमंद बताया

Moneybhaskar.com

Mar 27,2020 03:35:59 PM IST

नई दिल्ली। कोरोनावायरस के कारण आर्थिक मंदी की आशंका को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ओर से उठाए गए कदमों का रियल एस्टेट सेक्टर ने स्वागत किया है। दिल्ली-एनसीआर के रियल एस्टेट डवलपर्स का कहना है कि आरबीआई के फैसले से ब्याज दरों में कटौती होगी। ब्याज दरों में कटौती से ईएमआई में कमी आएगी, जिससे लोग घर खरीदने के लिए आगे आएंगे। डवलपर्स ने कोरोना का असर खत्म होने के बाद बिक्री बढ़ने की उम्मीद जताई है। आइए जानते हैं कि डवलपर्स का क्या कहना है...

कई लोग ईएमआई के बोझ के कारण घर नहीं खरीदते और अनुकूल परिस्थितियों का इंतजार करते है। आरबीआई की वर्तमान घोषणा के बाद यदि बैंक ईएमआई में कमी लाते हैं तो निश्चित तौर पर खरीदारों की संख्या बढ़ेगी। घटी हुई ईएमआई निश्चित रूप से खरीदारों को घरों के लिए उपलब्ध विकल्पों की तलाश करने के लिए मजबूर कर देगी। हम कुछ दिनों में पूछताछ बढ़ने और ज्यादा बिक्री होने की उम्मीद कर रहे हैं।

- अमित रहेजा, सीएमडी, वेल्थ क्लिनिक

पिछले एक साल में पांच बार दरों में कटौती के बाद आरबीआई ने ज्यादा इन्फ्लेशन के मद्देनजर दिसंबर से कटौती को रोका हुआ था। बैंकों को रियल एस्टेट पर प्राथमिकता के आधार पर विचार करना चाहिए, क्योंकि यह सेक्टर अपने से जुड़े उद्योगों के साथ मिल कर जीडीपी में महत्वपूर्ण योगदान देता है।
होम बॉयर्स को बैंकों से कम की गई ईएमआई के रूप में राहत मिलनी चाहिए जो 2003-04 में प्रचलित स्थिति में आएगी जब दरें 7 प्रतिशत के आसपास थीं। अगर खरीदारों को इस तरह की दर मिलेगी तो रियल एस्टेट क्षेत्र में एक बार फिर उछाल आ सकता है, जो अर्थव्यवस्था के समग्र स्वास्थ्य के लिए अच्छा होगा।

- विकास गर्ग, डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर, एमआरजी वर्ल्ड


आरबीआई की ओर से उठाए गए कदमों का स्वागत है। इस कदम से ब्याज और लोन की अदायगी को बोझ दूर हो सकेगा। मौजूदा स्थितियों में लोग ऐसा नहीं कर पा रहे हैं। दुनिया भर के बैंक मार्केट में लिक्विडिटी के प्रवाह को बनाए रखने के लिए तरलता को संक्रमित करें। अब यह बैंकों पर निर्भर है कि वे तत्काल निर्णय लें और यह सुनिश्चित करने के लिए कार्य करें कि अर्थव्यवस्था को परेशानी का सामना न करना पड़े। रियल एस्टेट की बात करते हुए मैं कहूंगा कि रेट कट का लाभ खरीदारों और डेवलपर्स दोनों को मिलना चाहिए और सेक्टर को प्राथमिकता क्षेत्र की श्रेणी में रखकर लिक्विडिटी में मदद करनी चाहिए। हम अभी भी अधिक स्पष्टता की प्रतीक्षा कर रहे हैं कि क्या यह केवल रिटेल लोन के लिए है या व्यवसायों पर भी लागू होगा।

- उद्धव पोद्दार, एमडी, भूमिका ग्रुप


आरबीआई द्वारा रेपो रेट को 75 बेसिस पॉइंट तक घटाने के फैसले से रियल एस्टेट में निश्चित रूप से मांग फिर से बढ़ेगी और इसमें कोरोनावायरस से प्रेरित आर्थिक मंदी का खतरा काफी हद तक कम होगा। कई घर खरीदार जो वर्तमान समय में लॉकडाउन के दौरान खरीद नहीं सकते थे, उनके संकट खत्म होते ही लौटने की उम्मीद है। ऐसे समय में बढ़ी हुई लिक्विडिटी मांग को आगे बढ़ाने में मदद करेगी।

- अंकित कंसल, फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर 360 रियल्टर्स


कोरोनावायरस के प्रकोप के बीच सरकार के साथ-साथ विभिन्न प्राधिकरण भी अपना काम कर रहे हैं। ऐसे में अर्थव्यवस्था को उछालने के लिए आरबीआई द्वारा 75 आधार बिंदु तक कटौती कर रेपो रेट को कम करने का निर्णण जो अब तक की सबसे बड़ी कटौती है, एक सराहनीय कदम है। इससे होम लोन की दरों में जबरदस्त गिरावट आएगी जो संकट के इस समय में रियल्टी क्षेत्र को बचाए रखने में मदद करेगी। ऐसी आकर्षक दरों के साथ हम नए खरीदारों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद कर सकते हैं। ऋणों के पुनर्भुगतान के लिए 3 महीने की मोहलत उन व्यक्तियों और कॉरपोरेट्स को राहत प्रदान करेगी, जो कोरोनावायरस के कारण घर बैठने के लिए मजबूर हुए हैं।

- प्रतीक मित्तल, एग्जूक्यूटिव डायरेक्टर, सुषमा ग्रुप


आरबीआई द्वारा रेपो रेट में 75 बेसिस प्वाइंट की कटौती करने का फैसला बेहद अहम और स्वागत योग्य है। अगर मौजूदा परिस्थितियों को ध्यान में रखें तो यह फैसला कर्ज में दबे लोगों के लिए काफी फायदेमंद साबित होगा। बैंकों द्वारा इसका लाभ आगे पारित किया जाना चाहिए। खासकर यदि रियल एस्टेट सेक्टर की बात करें तो डेवलपर और खरीददार दोनों को फायदा होगा।

- अक्षय तनेजा, एमडी, टीडीआई इंफ्राटेक लिमिटेड

रेपो रेट, रिवर्स रेपो रेट और सीसीआर में कटौती के साथ-साथ सिस्टम में लिक्विडिटी लेकर आना बेहद जरूरी था और आरबीआई ने इसके लिए बिल्कुल सही कदम उठाया है। इसके अतिरिक्त आरबीआई द्वारा होम लोन समेत सभी टर्म लोन के लिए 3 महीने के पुनर्भुगतान की घोषणा भी लोगों के लिए काफी मददगार साबित होगी।

- परवीन अग्रवाल, फाउंडर व चेयरमैन सिग्नेचर सत्त्वा

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रियल एस्टेट सेक्टर लंबे समय से सुस्ती का सामना कर रहा है।रियल एस्टेट सेक्टर लंबे समय से सुस्ती का सामना कर रहा है।

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