कोरोना राहत पैकेज /सरकार NBFC, HFC और MFI की लिक्विडिटी बढ़ाएगी, जानिए किसे क्या, कितना, कब और कैसे मिलेगा

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि कम क्रेडिट रेटिंग वाली एनबीएफसी, एचएफसी और एमएफआई को एमएसएमई व व्यक्तियों को नया कर्ज देने के लिए नकदी की जरूरत है। इसलिए उनकी नकदी बढ़ाई जा रही है वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि कम क्रेडिट रेटिंग वाली एनबीएफसी, एचएफसी और एमएफआई को एमएसएमई व व्यक्तियों को नया कर्ज देने के लिए नकदी की जरूरत है। इसलिए उनकी नकदी बढ़ाई जा रही है

  • NBFC, HFC और MFI के लिए सरकार लॉन्च करेगी 30,000 करोड़ की 'विशेष लिक्विडिटी स्कीम'
  • एनबीएफसी के लिए 45,000 करोड़ रुपए की आंशिक क्रेडिट गारंटी स्कीम की हुई  घोषणा

Moneybhaskar.com

May 13,2020 10:31:19 PM IST

नई दिल्ली. कई अन्य बड़ी घोषणाओं के अलावा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को गैर बैंकिंग फइनेंस कंपनियों (एनबीएफसी), हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों (एचएफसी) और माइक्रो फाइनेंस कंपनियों (एमएफआई) के लिए 30,000 करोड़ रुपए की विशेष नकदी योजना की घोषणा की। इसके अलावा उन्होंने एनबीएफसी की नकदी और बढ़ाने के इलिए 45,000 करोड़ रुपए की आंशिक क्रेडिट गारंटी योजना की भी घोषणा की। सीतारमण ने कहा कि कम क्रेडिट रेटिंग वाली एनबीएफसी, एचएफसी और एमएफआई को एमएसएमई व व्यक्तियों को नया कर्ज देने के लिए नकदी की जरूरत है। इसलिए उनकी नकदी बढ़ाई जा रही है। एनबीएफसी में बजाज फाइनेंस व एचडीएफसी जैसी कंपनियां शामिल हैं, जो बैंकिंग सेवा तो नहीं देती हैं, लेकिन विभिन्न प्रकार के कर्ज देती हैं।

NBFC, HFC और MFI के लिए 'विशेष लिक्विडिटी स्कीम'

क्या मिलेगा : सरकार की ओर से एनबीएफसी के लिए 30 हजार करोड़ रुपए की स्पेशल लिक्विडिटी स्कीम का ऐलान किया गया है। इसकी पूरी गारंटी भारत सरकार देगी।

क्यों : गैर-बैंकिंग वित्तीय निगमों (NBFC), HFC तथा MFI को ऋण बाजारों में राशि जुटाना मुश्किल हो रहा है

क्या लाभ होगा : इस स्कीम से एनबीएफसी, एचएफसी और एमएफआई की नकदी बढ़ेगी और बाजार में लोगों का भरोसा बढ़ेगा।

एनबीएफसी के लिए 45,000 करोड़ रुपए की आंशिक क्रेडिट गारंटी स्कीम

क्या है योजना : NBFC आंशिक ऋण गारंटी योजना के तहत 45,000 करोड़ रुपए दिए जाएंगे।

क्या है खास : भारत सरकार इसकी गारंटी लेगी और 20% तक नुकसान वहन करेगी। इसमें AA पेपर्स और इसके नीचे के रेटिंग वाले पेपर्स को भी कर्ज मिलेगा।

क्या होगा लाभ : अनरेटेड पेपर्स के लिए भी इसमें प्रावधान किया गया है, इससे नई लेंडिंग को बढ़ावा मिलेगा।

कंपनियों के लिए काम का सही माहौल बनाना ज्यादा जरूरी

ताजा घोषणा पर टिप्पणी करते हुए चार्टर्ड अकाउंटेंट और कॉस्ट अकाउंटेंट तथा पोर्टफोलिया मैनेजमेंट सर्विस कंपनी लेकवाटर एडवाइजर्स के फाउंडर पंकज सिंघानिया ने कहा कि परिणाम पर ध्यान दिए बिना कर्ज लेना या देना बहुत आसान है। लेकिन लाभ को सही जगह पर पहुंचाना असली चुनौती है। इसके लिए सरकारी मशीनरी पूरी तरह सक्षम नहीं है। वित्तीय संस्थानों की कर्ज देने की प्रणाली में हस्तक्षेप से यह पता चलता है कि हमने सरकारी बैंकों के ऊंचे एनपीए से अब तक कोई सबक नहीं लिया है। मौजूदा संकट के समय में सरकार सबसे अच्छा यही कर सकती है कि वह कंपनियों के काम करने के लिए सही माहौल बनाए। इसके लिए श्रम कानूनों सहित अनेक प्रकार के कानूनों के पालन से उन्हें मुक्त करना होगा। साथ ही सांविधिक भुगतान के लिए कंपनियों को ज्यादा मोहलत देनी होगी।

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि कम क्रेडिट रेटिंग वाली एनबीएफसी, एचएफसी और एमएफआई को एमएसएमई व व्यक्तियों को नया कर्ज देने के लिए नकदी की जरूरत है। इसलिए उनकी नकदी बढ़ाई जा रही हैवित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि कम क्रेडिट रेटिंग वाली एनबीएफसी, एचएफसी और एमएफआई को एमएसएमई व व्यक्तियों को नया कर्ज देने के लिए नकदी की जरूरत है। इसलिए उनकी नकदी बढ़ाई जा रही है

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