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यस बैंक लोन घोटाला /यस बैंक के पूर्व एमडी ने लगाया आरोप-राणा कपूर ने नियमों की अनदेखी कर डीएचएफएल को दिया था लोन

रवनीत गिल 1 मार्च 2019 को यस बैंक के एमडी और सीईओ बने थे। चार्जशीट में उन्होंने राणा कपूर पर आरोप लगाया है। रवनीत गिल 1 मार्च 2019 को यस बैंक के एमडी और सीईओ बने थे। चार्जशीट में उन्होंने राणा कपूर पर आरोप लगाया है।

  • ज्यादा से ज्यादा लोन डीएचएफएल और उसकी कंपनियों को दिए गए थे
  • 6 मई को ईडी ने इस मामले में स्पेशल कोर्ट में चार्जशीट फाइल कर दी है

Moneybhaskar.com

May 07,2020 04:04:00 PM IST

मुंबई.. यस बैंक ने गुरुवार को भले ही बैलेंसशीट में लोन की बड़ी राशि को राइट ऑफ करके मार्च तिमाही में मुनाफा दिखा दिया, लेकिन इसके फाउंडर राणा कपूर की मुश्किलें और बढ़ रही हैं। बैंक के पूर्व एमडी रवनीत गिल ने ईडी को दिए बयान में आरोप लगाया कि डीएचएफएल को दिए गए लोन में नियमों की अनदेखी की गई थी।

राणा कपूर को हटाकर रवनीत गिल को बनाया गया था एमडी

ईडी ने 6 मई को राणा कपूर उनकी पत्नी और बेटियों के खिलाफ मुंबई के स्पेशल पीएमएलए कोर्ट में स्कैम से जुड़े मामले में चार्जशीट दायर की है। बता दें कि राणा कपूर को हटाने के बाद रवनीत गिल को 1 मार्च 2019 को बैंक की कमान दी गई थी। हालांकि बाद में आरबीआई ने उन्हें हटाकर अपना प्रशासक रख दिया। इसके बाद एसबीआई ने बैंक में 49 प्रतिशत हिस्सेदारी ले ली। ईडी ने राणा कपूर को मार्च में पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया था। राणा कपूर को ईडी ने 8 मार्च को गिरफ्तार किया था। अभी वह न्यायिक हिरासत में हैं।

राणा कपूर पर मनी लांड्रिंग सहित कई आरोप लगे हैं

राणा कपूर पर कई आरोप हैं जिसमें मनी लांड्रिंग का भी समावेश है। यस बैंक के खराब क्रेडिट कल्चर, कमजोर कंप्लाएंस कल्चर, पावर डीसेंट्रलाइज्ड और इंस्टीट्यूशनलाइजेशन की कमी की वजह से रवनीत गिल को लेकर आया गया था। गिल ने 11 मार्च को ईडी के समक्ष अपना बयान दिया था जिसे ईडी ने कपूर के खिलाफ चार्जशीट में शामिल किया है। यस बैंक के पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर रवनीत गिल ने एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ईडी) को बताया कि राणा कपूर ने नियमों की अनदेखी करते हुए रियल्टी कंपनी दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (डीएचएफएल) को लोन दिया है। इस लोन की वजह से ही यस बैंक पर बैड लोन का बोझ बढ़ा और बैंक धराशायी हो गया। गिल ने यह भी आरोप लगाया है कि यस बैंक में राणा कपूर के 10 करोड़ शेयर निप्पॉन एसेट मैनेजमेंट को बेचे। राणा कपूर की बेटियों की कंपनियों ने निप्पॉन एसेट मैनेजमेंट से लोन लिए थे जिसको चुकाने के लिए राणा कपूर ने ये शेयर बेचे थे।

2018 में यस बैंक ने डीएचएफएल का डिबेंचर्स 3,700 करोड़ में खरीदा

दरअसल ईडी पूरे मामले में संदिग्ध लेनदेन की जांच पर फोकस कर रहा है। इसमें 2018 में डीएचएफएल को दिया गया लोन प्रमुख है। यस बैंक ने अप्रैल से जून 2018 के बीच 3700 करोड़ रुपए में डीएचएफएल का डिबेंचर्स खरीदा था। बाद में डीएचएफएल के प्रमोटर कपिल वाधवन ने राणा कपूर और उनके परिवार के सदस्यों को बिल्डर लोन के तौर पर 600 करोड़ रुपए का पेमेंट किया। बैंक ने इसी तरह डीएचएफएल समूह की कंपनी बिलीफ रियल्टर्स को 750 करोड़ रुपए का लोन पास किया था। राणा कपूर की अगुवाई में यस बैंक के मैनेजमेंट क्रेडिट कमिटी (एमसीसी) ने 750 करोड़ रुपए का यह लोन 18 जून 2018 को पास किया था। लोन देने के बाद बैंक की रेटिंग और गिर गई।

बैंक की इंटर्नल रेटिंग डाउनग्रेड होने के बावजूद किसी कंपनी को एक्सटर्नल रेटिंग के लिए नहीं बुलाया गया था। लोन देने के लिए बिल्डर से कोई पेपर नहीं मांगा गया था। गिल ने बताया कि बिलीफ रियल्टर्स का प्रोजेक्ट शुरुआती लेवल पर था और इसका कई अप्रूवल लेना बाकी था। इसमें रीहैबिलिटेशन के लिए स्लम के लोगों से मंजूरी भी लेना था। यह प्रोजेक्ट प्रीमियम रेजिडेंशियल अपार्टमेंट बनाकर बेचने वाला था जिसकी कीमत 20 करोड़ रुपए से शुरू होती।

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रवनीत गिल 1 मार्च 2019 को यस बैंक के एमडी और सीईओ बने थे। चार्जशीट में उन्होंने राणा कपूर पर आरोप लगाया है।रवनीत गिल 1 मार्च 2019 को यस बैंक के एमडी और सीईओ बने थे। चार्जशीट में उन्होंने राणा कपूर पर आरोप लगाया है।

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