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आत्मनिर्भर भारत पैकेज /वित्त मंत्री ने शहरी गरीबों और प्रवासी मजदूरों को सस्ते मकान और कम किराए वाली आवासीय सुविधा की सौगात दी

कम कीमत और कम किराए वाली आवासीय योजना को बढ़ावा देने से स्टील और सीमेंट जैसे उत्पादों की मांग बढ़ेगी। कंस्ट्रक्शन कार्य में तेजी आएगी। ट्रांसपोर्टेशन सेक्टर को लाभ मिलेगा। इनसे जुड़े हर सेक्टर में कारोबारी गतिविधियां बढ़ेंगी। इससे रोजगार भी बढ़ेगा कम कीमत और कम किराए वाली आवासीय योजना को बढ़ावा देने से स्टील और सीमेंट जैसे उत्पादों की मांग बढ़ेगी। कंस्ट्रक्शन कार्य में तेजी आएगी। ट्रांसपोर्टेशन सेक्टर को लाभ मिलेगा। इनसे जुड़े हर सेक्टर में कारोबारी गतिविधियां बढ़ेंगी। इससे रोजगार भी बढ़ेगा

  • मध्य आय वालों के लिए क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी योजना की अवधि 31 मार्च 2021 तक बढ़ी
  • स्कीम की अवधि बढ़ाए जाने से ढाई लाख नए परिवार कम कीमत में मकान हासिल कर सकेंगे

Moneybhaskar.com

May 14,2020 08:10:20 PM IST

नई दिल्ली. बीस लाख करोड़ के राहत पैकेज के ब्रेकअप की दूसरी किस्त में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को कम कीमत वाले आवास और शहरी गरीबों के लिए कम किराए वाले आवास की दो योजनाओं को भी शामिल किया। उन्होंने अप्रवासी मजदूरों और शहरी गरीबों को सस्ते किराए पर मकान दिलवाने की योजना और ऐसे मकान बनाने पर रियायत देने का ऐलान किया। यहां हम बता रहें हैं कि इन दोनों योजना में क्या, किसे, कितना और कब मिलेगा।

हाउसिंग सेक्टर को 70,000 करोड़ रुपए का बूस्टर डोज

वित्त मंत्री ने हाउसिंग सेक्टर और मध्य आय समूह को 70,000 करोड़ रुपए की सौगात दी। यह सौगात क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम (सीएलएसएस) की अवधि बढ़ाकर दी गई। मध्य आय समूह के लिए यह योजना मई 2017 में लागू की गई थी। सीएलएसएस की विस्तारित अवधि 31 मार्च 2020 को समाप्त हो गई थी।

क्या है योजना : क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम को मार्च 2021 तक बढ़ा दिया गया। योजना की अवधि बढ़ाने से हाउसिंग सेक्टर में 70,000 करोड़ रुपए का निवेश होगा।

किसे मिलेगा फायदा : मध्य आय समूह को इस योजना का फायदा मिलेगा। इसके तहत वे लोग आएंगे, जिनकी सालाना आय 6-18 लाख रुपए है।

कितने लोगों को मिलेगा फायदा : इस योजना के तहत अब तक 3.3 लाख परिवारों को फायदा मिल चुका है। स्कीम की अवधि एक साल और बढ़ा देने से अब 2.5 लाख नए परिवार इसका फायदा उठा पाएंगे। साथ ही हाउसिंग सेक्टर में तेजी आने से गरीबों को बड़े पैमाने पर रोजगार भी मिलेगा।

कब तक है मौका : 31 मार्च 2021 तक योजना की अवधि बढ़ा दी गई है।

अर्थव्यवस्था में कैसे आएगी तेजी : हाउसिंग सेक्टर में 70,000 करोड़ रुपए का निवेश होगा। मकानों का निर्माण होने से स्टील और सीमेंट जैसे उत्पादों की मांग बढ़ेगी। कंस्ट्रक्शन कार्य में तेजी आएगी। ट्रांसपोर्टेशन सेक्टर को लाभ मिलेगा। इनसे जुड़े हर सेक्टर में कारोबारी गतिविधियां बढ़ेंगी। इससे रोजगार भी बढ़ेगा।

शहरी गरीबों के लिए अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग कंप्लेक्स योजना

सरकार ने प्रवासी मजदूरों और शहरी गरीबों के लिए अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग कंप्लेक्स (एआरएचसी) योजना की भी घोषणा की। इस योजना को पीएम आवास योजना के तहत कार्यान्वित किया जाएगा। वित्त मंत्री ने कहा कि शहरी गरीबों और प्रवासी मजदूरों को कम किराए वाला मकान हासिल करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इस योजना से उन्हें किराए के मामले में जीवन की सहूलियत हासिल होगी।

क्या है योजना : सरकार पीएम आवास योजना के तहत अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग कंप्लेक्स योजना लॉन्च करेगी। इसके तहत सरकारी फंड से शहरों में चल रही हाउसिंग योजना को एआरएचसी में परिवर्तित कर दिया जाएगा। औद्योगिक इकाइयों, संस्थानों और संगठनों को अपनी निजी जमीन पर एआरएचसी का विकास करने और उनका परिचालन करने की अनुमति दी जाएगी। राज्य सरकार की एजेंसियों और केंद्र सरकार के संगठनों को भी एआरएचसी का विकास करने और उनका संचालन करने की अनुमति दी जाएगी। मंत्रालय इस पर एक विस्तृत दिशानिर्देश बाद में जारी करेगा।

किसे मिलेगा लाभ : शहरी गरीबों और प्रवासी मजदूरों को कम किराए पर रहने की सुविधा मिलेगी।

योजना में क्या है विशेष बात :

⦁ इस योजना के तहत निजी कैम्पस में निर्माण पर मैन्युफैक्चरिंग इकाईयों को छूट या अन्य सुविधा जैसे प्रोत्साहन दिए जाएंगे।

⦁ अतिरिक्त घर बनाने के लिए खाली सरकारी जमीनों को उपलब्ध कराया जाएगा।

⦁ योजना को लागू करने में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल को अपनाया जाएगा।


रियल एस्टेट को संकट से उबरने में समय लगेगा

बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री समीर नारंग ने कहा कि 70 हजार करोड़ रुपए का पैकेज रियल एस्टेट के लिए यह एक पॉजिटिव कदम है। इससे सीमेंट, स्टील जैसे सेक्टर के लिए डिमांड बढ़ेगी। आज का कुल पैकेज जीडीपी के 1.6 फीसदी के बराबर है। अब 4 लाख करोड़ रुपए के पैकेज का होना है। रियल्टी सेक्टर में डिमांड का इश्यू अभी भी है। डिमांड तब बढ़ेगी जब लोगों के पास रोजगार होगा। पैसा होगा। रियल एस्टेट को आनेवाले समय में अगर आरबीआई की ओर से रेगुलेशन में लाभ मिलता है तो इसका बहुत बड़ा फायदा इस सेक्टर को होगा। हालांकि अभी रियल एस्टेट को संकट से उबरने में समय लगेगा।

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कम कीमत और कम किराए वाली आवासीय योजना को बढ़ावा देने से स्टील और सीमेंट जैसे उत्पादों की मांग बढ़ेगी। कंस्ट्रक्शन कार्य में तेजी आएगी। ट्रांसपोर्टेशन सेक्टर को लाभ मिलेगा। इनसे जुड़े हर सेक्टर में कारोबारी गतिविधियां बढ़ेंगी। इससे रोजगार भी बढ़ेगाकम कीमत और कम किराए वाली आवासीय योजना को बढ़ावा देने से स्टील और सीमेंट जैसे उत्पादों की मांग बढ़ेगी। कंस्ट्रक्शन कार्य में तेजी आएगी। ट्रांसपोर्टेशन सेक्टर को लाभ मिलेगा। इनसे जुड़े हर सेक्टर में कारोबारी गतिविधियां बढ़ेंगी। इससे रोजगार भी बढ़ेगा

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