यस बैंक मामला /ईडी ने डीएचएफएल के प्रमोटर्स कपिल और धीरज वधावन को गिरफ्तार किया

ईडी ने पिछले सप्ताह आरोप पत्र में कहा था कि राणा कपूर ने डीएचएफएल सहित कई कंपनियों को संदिग्ध लोन दिए थे ईडी ने पिछले सप्ताह आरोप पत्र में कहा था कि राणा कपूर ने डीएचएफएल सहित कई कंपनियों को संदिग्ध लोन दिए थे

  • यस बैंक के सह-संस्थापक राणा कपूर व अन्य के खिलाफ चल रही मनी लांड्रिंग जांच मामले में दोनों को गिरफ्तार किया गया
  • बांबे हाई कोर्ट ने इस सप्ताह के शुरू में इस मामले में दोनों को अग्रिम जमानत देने से इंकार कर दिया था

Moneybhaskar.com

May 14,2020 10:20:00 PM IST

नई दिल्ली. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (डीएचएफएल) के प्रमोटर्स कपिल और धीरज वधावन को गिरफ्तार कर लिया। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक ईडी ने यस बैंक के सह-संस्थापक राणा कपूर व अन्य के खिलाफ चल रही मनी लांड्रिंग जांच से जुड़े मामले में दोनों को गिरफ्तार किया। बांबे हाई कोर्ट ने इस सप्ताह के शुरू में इस मामले में दोनों को अग्रिम जमानत देने से इंकार कर दिया था। अदालत ने माना कि करोड़ों रुपए के इस घोटाले में मिलीभगत और तरीके का पता लगाने के लिए न्यायिक हिरासत में उनकी पूछताछ जरूरी है। मुंबई की एक विशेष अदालत ने वधावन बंधुओं को ईडी की 10 दिनों की न्यायिक हिरासत का आदेश दिया था।

ईडी ने पिछले सप्ताह आरोप पत्र में कहा था कि राणा कपूर ने डीएचएफएल सहित कई कंपनियों को संदिग्ध लोन दिए थे

ईडी ने पिछले सप्ताह यस बैंक मामले में आरोप पत्र दाखिल किया था। ईडी ने आरोप लगाया था कि राणा कपूर ने डीएचएफएल सहित कई कंपनियों को संदिग्ध लोन दिए थे। ईडी ने इस मामले में राणा कपूर, उनकी पतनी बिंदू कपूर, उनकी बेटियों रोशनी, राधा और राखी तथा उनकी तीन कंपनियों को नामित बनाया था। ईडी को दिए अपने स्टेटमेंट में कपूर ने कहा था कि डीएचएफएल ने 2018 में 8,000 और 10,000 करोड़ रुपए के रिटेल सीनियर पब्लिक डिबेंचर्स जारी किए थे। और यस बैंक के बोर्ड क्रेडिट कमेटी की मंजूरी के बाद यस बैंक ने इन डिबेंचर्स की खरीदारी के लिए करीब 3,000 करोड़ रुपए से ज्यादा राशि आवंटित की थी।

डीएचएफएल ने राणा कपूर की बेटियों की कंपनी को 600 करोड़ का लोन दिया था

उन्होंने यह भी कहा था कि यस बैंक ने 1,200 करोड़ रुपए का एक लोन आधार हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड को दिया था, जो डीएचएफएल समूह की कंपनी थी। डीएचएफएल ने 600 करोड़ रुपए का एक लोन प्रोपर्टी मॉरगेज के विरुद्ध डीओआईटटी अर्बन वेंचर्स इंडिया लिमिटेड (डीओआईटी) के लिए मंजूर किया था, जो मॉरगेज क्रेडिट्स प्राइवेट लिमिटे (एमसीपीएल) की संपूर्ण अधिनस्थ कंपनी है। एमसीपीएल राणा कपूर की बेटियों राधा के खन्ना, राखी के कपूर और रोशनी कपूर की कंपनी है।

कपूर ने बिना मूल्यांकन किए संपत्तियों को मॉरगेज कर लिया था

कपूर ने अपने बयान में यह भी कहा था कि डीएचएफएल ने इससे पहले डीओआईटटी को 300 करोड़ रुपए के दो लोन दिए थे। इन दोनों लोन को अगस्त 2018 में पूरी तरह से क्लोज कर दिया गया था और इन लोन के विरुद्ध 600 करोड़ रुपए का नया लोन डीओआईटी को दिया गया था। उन्होंने पांच संपत्तियों को मॉरगेज किया था, जबकि उन्हें यह नहीं पता था कि इन संपत्तियों को मॉरगेज करते समय इनका मूल्य आंका गया था या नहीं।

सीबीआई और ईडी ने 7 मार्च को इससे संबंधित मामले दर्ज किए थे

सीबीआई ने राणा कपूर और डीएचएफएल समूह की कंपनियों के बीच 2018 में हुए ट्र्रांजेक्शंस की जांच के लिए 7 मार्च को एक केस दर्ज किया था। सीबीआई ने यह आपराधिक षड़यंत्र और धोखाधड़ी से जुड़े सेक्शंस के तहत यह मामला दर्ज किया था। इसके बाद उसी दिन ईडी ने भी मनी लांड्रिंग का एक मामला दर्ज कर लिया था। ईडी ने इस मामले में 8 मार्च को राणा कपूर का गिरफ्तार कर लिया था। कपिल और धीरज वधावन अभी जेल में हैं। उन्हें सीबीआई ने गिरफ्तार किया था, जो इस मामले की जांच कर रही है।

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ईडी ने पिछले सप्ताह आरोप पत्र में कहा था कि राणा कपूर ने डीएचएफएल सहित कई कंपनियों को संदिग्ध लोन दिए थेईडी ने पिछले सप्ताह आरोप पत्र में कहा था कि राणा कपूर ने डीएचएफएल सहित कई कंपनियों को संदिग्ध लोन दिए थे

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