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मौद्रिक नीति /चीन ने इस साल दूसरी बार मुख्य ब्याज दरें घटाईं, कोरोनावायरस से प्रभावित अर्थव्यवस्था में फिर से जान फूंकने की कर रहा है कोशिश

चीन में अधिकतर नए व पुराने लोन की ब्याज दर एलपीआर के आधार पर तय की जाती है और वहीं पांच वर्ष वाले एलपीआर के आधार पर मोरगेज लोन की दर तय होती है चीन में अधिकतर नए व पुराने लोन की ब्याज दर एलपीआर के आधार पर तय की जाती है और वहीं पांच वर्ष वाले एलपीआर के आधार पर मोरगेज लोन की दर तय होती है

  • चीन ने एक साल वाले लोन प्राइम रेट को 0.20 फीसदी घटकर 3.85 फीसदी किया
  • 5 साल वाले एलपीआर को 0.10 फीसदी घटकर 4.65 फीसदी कर दिया गया

Moneybhaskar.com

Apr 20,2020 05:46:02 PM IST

नई दिल्ली. कोरोनावायरस से बुरी तरह प्रभावित अर्थव्यवस्था में तेजी लाने और कंपनियों को सस्ती दर पर कर्ज उपलब्ध कराने के लिए चीन ने सोमवार को अपनी मुख्य ब्याज दर में कटौती कर दी। चीन ने अपनी मुख्य ब्याज दर में इस साल दूसरी बार कटौती की है। बाजार को पहले से ही इस कटौती का अनुमान था, क्योंकि पिछले कई दशकों में चीन की जीडीपी में पहली बार गिरावट दर्ज की गई है।

एक साल वाला लोन प्राइम रेट 0.20 फीसदी घटकर 3.85 फीसदी हुआ

ताजा कटौती के तहत एक वर्ष वाले लोन प्राइम रेट (एलपीआर) को 0.20 फीसदी घटाकर 3.85 फीसदी कर दिया गया, जो पहले 4.05 फीसदी था। वहीं, पांच वर्ष वाले एलपीआर को 0.10 फीसदी घटाकर 4.65 फीसदी कर दिया गया, जो पहले 4.75 फीसदी था। चीन की मुख्य कर्ज दर में यह इस साल की दूसरी कटौती है। अधिकतर नए और पुराने लोन की ब्याज दर एलपीआर के आधार पर तय की जाती है। वहीं पांच वर्ष वाले एलपीआर के आधार पर मोरगेज लोन की दर तय होती है।

अधिकतर विशेषज्ञों ने मुख्य ब्याज दर में कटौती की पहले ही उम्म्मीद जताई थी

समाचार एजेंसी रायटर के एक सर्वेक्षण में अधिकतर विशेषज्ञों ने एलपीआर में कटौती की उम्मीद जताई थी। शुक्रवार को जारी आंकड़े में कहा गया था कि जनवरी-मार्च तिमाही में चीन के जीडीपी में 6.8 फीसदी गिरावट आई है। यह 1976 के बाद चीन को सबसे खराब प्रदर्शन है। वायरस के असर और इसकी रोकथाम के लिए उद्योग धंधों व दुकानों को बंद किए जाने से चीन की अर्थव्यवस्था बुरी तरह से प्रभावित हुई है। चीन अब अपने आर्थिक इंजन को फिर से चालू कर रहा है। विश्लेषकों का कहना है कि आर्थिक गतिविधियों के संकट से पहले वाले स्तर तक पहुंचने में कई महीने का समय लग सकता है, क्योंकि पूरी दुनिया में मंदी आने का खतरा है और इसका असर चीन पर भी पड़ेगा।

चीन की जीडीपी जनवरी-मार्च तिमाही में 6.8 फीसदी घटी, 1976 के बाद सबसे बुरा प्रदर्शन

इस साल की पहली तिमाही (जनवरी-मार्च) में चीन की अर्थव्यवस्था का प्रदर्शन 1976 की सांस्कृतिक क्रांति के बाद सबसे खराब रहा। 2020 की पहली तिमाही में चीन की जीडीपी में 6.8 फीसदी गिरावट दर्ज की गई। चीन के नेशनल ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स (एनबीएस) ने शुक्रवार को कहा था कि वायरस संक्रमण के बीच जनवरी-मार्च 2020 तिमाही में चीन की जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) 6.8 फीसदी घटकर 20.65 लाख करोड़ युआन (करीब 2.91 लाख करोड़ डॉलर) रही।

वायरस से सर्वाधिक प्रभावित चीन के वुहान प्रांत में दो माह से लंबा लॉकडाउन रहा

साल 2019 में चीन की जीडीपी विकास दर 6.1 फीसदी रही। अमेरिका के साथ ट्रेडवार के बीच यह 29 साल की सबसे कम विकास दर है। 2019 में चीन की जीडीपी 14.38 लाख करोड़ डॉलर की रही, जो 2018 में 13.1 लाख करोड़ डॉलर की थी। निर्यात बाजार के लगातार सिकुड़ने के कारण पिछले कुछ वर्षों में चीन की जीडीपी विकास दर लगातार घट रही है। चीन के हुबेई प्रांत में 23 जनवरी के बाद से दो महीने से अधिक समय तक के लिए लॉकडाउन था। इस प्रांत की राजधानी वुहान नए कोरोनावायरस के कारण सबसे ज्यादा प्रभावित हुई थी। वायरस संक्रमण को रोकने के लिए पूरे देश में कई बंदिशें लगाई गई थीं। अब धीरे-धीरे फैक्ट्रियों को खोला जा रहा है।

उपभोक्ता वस्तुओं की खुदरा बिक्री में 19 फीसदी की गिरावट रही

हांगकांग के साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के मुताबिक 1976 की सांस्कृतिक क्रांति के बाद चीन में पहली बार किसी तिमाही में जीडीपी घटी है। सांस्कृतिक क्रांति में चीन की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचा था। एनबीएस के मुताबिक जीडीपी में करीब 60 फीसदी योगदान करने वाले सेवा क्षेत्र का उत्पादन पहली तिमाही में 5.2 फीसदी घट गया। प्राथमिक उद्योग में इस दौरान 3.2 फीसदी और सेकेंडरी उद्योग में 9.6 फीसदी गिरावट रही। मार्च में शहरी क्षेत्रों में बेरोजगारी की दर फरवरी के 6.2 फीसदी से घटकर 5.9 फीसदी पर आ गई। पहली तिमाही में उपभोक्ता वस्तुओं की खुदरा बिक्री में 19 फीसदी की गिरावट रही। इस दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में खुदरा बिक्री 17.7 फीसदी घटी, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 19.1 फीसदी घट गई। मार्च तिमाही में कैटरिंग सेक्टर की आय 44.3 फीसदी घट गई। ऑनलाइन बिक्री में इस दौरान महज 0.8 फीसदी गिरावट रही।

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चीन में अधिकतर नए व पुराने लोन की ब्याज दर एलपीआर के आधार पर तय की जाती है और वहीं पांच वर्ष वाले एलपीआर के आधार पर मोरगेज लोन की दर तय होती हैचीन में अधिकतर नए व पुराने लोन की ब्याज दर एलपीआर के आधार पर तय की जाती है और वहीं पांच वर्ष वाले एलपीआर के आधार पर मोरगेज लोन की दर तय होती है

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