कारोबारी ट्रेंड /स्टाफ की छंटनी और वेतन कटौती के दौर में भी एशियन पेंट्स ज्यादा सैलरी देकर कर्मचारियों का हौसला बढ़ा रही है

एशियन पेंट्स सेल्स चैनल को जो सहयोग दे रही है, उसमें हॉस्पिटलाइजेशन व बीमा, पार्टनर स्टोर के लिए सैनिटाइजेशन की सुविधा और सीधे नकद सहायता शामिल है। कंपनी ने अपने कांट्र्रैक्टर्स के खाते में 40 करोड़ रुपए भी हस्तांतरित किए हैं एशियन पेंट्स सेल्स चैनल को जो सहयोग दे रही है, उसमें हॉस्पिटलाइजेशन व बीमा, पार्टनर स्टोर के लिए सैनिटाइजेशन की सुविधा और सीधे नकद सहायता शामिल है। कंपनी ने अपने कांट्र्रैक्टर्स के खाते में 40 करोड़ रुपए भी हस्तांतरित किए हैं

  • एमडी व सीईओ अमित सिंगले ने कहा- मौजूदा स्थिति हर कर्मचारी से जुड़ने और उनकी चिंता दूर करने का एक अवसर
  • कहा, हम हायर और फायर बिजनेस में नहीं हैं। हमने अपने कर्मचारियों को आश्वस्त किया है कि हम एकजुट हैं
  • क्रूड भाव में गिरावट का मिला फायदा, कंपनी बड़े पैमाने पर क्रूड ऑयल डेरिवेटिव्स का इस्तेमाल करती है

Moneybhaskar.com

May 15,2020 03:10:08 PM IST

नई दिल्ली. देश की सबसे बड़ी पेंट्स निर्माता कंपनी एशियन पेंट्स कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाने के लिए उनके वेतन बढ़ा रही है। कंपनी ऐसे समय कर्मचारियों के वेतन बढ़ा रही है, जब उद्योग जगत मोटे तौर पर मांग में आई गिरावट को देखते हुए कर्मचारियों की संख्या और उनके वेतन घटाने में लगी हुई है। कंपनी अपने सेल्स चैनल को जिस प्रकार के सहयोग दे रही है, उसमें हॉस्पिटलाइजेशन और बीमा, पार्टनर स्टोर के लिए सैनिटाइजेशन की पूरी सुविधा और सीधे नकद सहायता शामिल है। कंपनी ने अपने कांट्र्रैक्टर्स के खाते में 40 करोड़ रुपए भी हस्तांतरित किए हैं।

हायर और फायर बिजनेस में नहीं है कंपनी : एमडी

कंपनी के एमडी और सीईओ अमित सिंगले ने कहा कि हमने सही नेतृत्व और अपने सभी पक्षकारों के हितों का ध्यान रखने वाले संगठन का उदाहरण खड़ा किया है। इन सभी कदमों की जानकारी मैं बोर्ड को देता रहा हूं और इनके लिए बोर्ड से मंजूरी भी लेता रहा हूं। मौजूदा स्थिति को मैं हर एक कर्मचारी से जुड़ने और उनकी चिंता दूर करने के एक अवसर के तौर पर देखता हूं। हम हायर और फायर (नौकरी पर रखने और छंटनी करने) बिजनेस में नहीं हैं। एक परिपक्व ब्रांड के रूप में हमने अपने कर्मचारियों को आश्वस्त किया है कि आज की स्थिति में हम एकजुट हैं।

कंपनी वायरोप्रोटेक ब्रांड नाम से हैंड और सरफेस सैनिटाइजर भी बना रही है

कंपनी ने केंद्र और राज्य सरकारों के कोविड-19 राहत कोष में 35 करोड़ रुपए का योगदान किया है। कोरोनावायरस से लड़ने में देशवासियों को मदद करने के लिए कंपनी सैनिटाइजर भी बना रही है। इसके लिए कंपनी को रसायन मंत्रालय ने प्रेरित किया था। कंपनी वायरोप्रोटेक ब्रांड नाम से हैंड और सरफेस सैनिटाइजर बना रही है। इन उत्पादों के साथ कंपनी ने हेल्थ और हाइजीन सेगमेंट में भी कदम रख दिया है। इस सेगमेंट में कंपनी के पास रॉयल हेल्थ शील्ड भी है, जो एक एंटी बैक्टेरियल और एंटी अस्थमा पेंट है।

अनिश्चितता का दौरा 4-5 महीने और चले तब भी कंपनी की सेहत बनी रहेगी

सिंगले ने कहा कि कंपनी नकदी के प्रवाह को लेकर सतर्क है। वह जहां भी संभव है खर्च को बाद के लिए टाल रही है। हम कई साल से कर्ज मुक्त कंपनी हैं। अनिश्चितता का दौरा 4-5 महीने और चले, तब भी कंपनी की सेहत पर विशेष फर्क नहीं पड़ने वाला है। कंपनी ने मार्च में बड़ा लाभांश दिया था और शेयर होल्डर्स को रिटर्न देना हमारी शीर्ष प्राथमिकता है।

कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी ट्रैक रिकॉर्ड काफी अच्छा है

एशियन पेंट्स का रिटर्न ऑन इक्विटी (आरओई) ट्रैक रिकॉर्ड काफी अच्छा है। इसका तीन साल का आरओई 25.49 फीसदी है। कंपनी ने 46 फीसदी का बेहतरीन लाभांश भुगतान कायम रखा है। हालांकि पिछले पांच साल से कंपनी की बिक्री में सालाना 9.62 फीसदी और लाभ में सालाना 12 फीसदी की दर से बढ़ोतरी हुई है।

क्रूड की कीमत में गिरावट से कंपनी को फायदा हुआ

क्रूड की कीमत में गिरावट से कंपनी को फायदा हुआ है, क्योंकि कंपनी के रॉ मटीरियल लागत में 30-35 फीसदी योगदान क्रूड ऑयल डेरिवेटिव्स का होता है। फिर भी कोविड-19 के कारण जो बाजार में बदलाव हुआ है, उससे सेल्स वॉल्यूम और प्राइसिंग को बड़ा धक्का लगेगा। कंपनी के शेयर अभी अपने बुक वैल्यू के 14.51 गुना पर और कारोबारी साल 22 के अनुमानित पीई के 47 गुना पर ट्र्रेड कर रहे हैं।

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एशियन पेंट्स सेल्स चैनल को जो सहयोग दे रही है, उसमें हॉस्पिटलाइजेशन व बीमा, पार्टनर स्टोर के लिए सैनिटाइजेशन की सुविधा और सीधे नकद सहायता शामिल है। कंपनी ने अपने कांट्र्रैक्टर्स के खाते में 40 करोड़ रुपए भी हस्तांतरित किए हैंएशियन पेंट्स सेल्स चैनल को जो सहयोग दे रही है, उसमें हॉस्पिटलाइजेशन व बीमा, पार्टनर स्टोर के लिए सैनिटाइजेशन की सुविधा और सीधे नकद सहायता शामिल है। कंपनी ने अपने कांट्र्रैक्टर्स के खाते में 40 करोड़ रुपए भी हस्तांतरित किए हैं

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