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  • Gautam Adani's Wealth Has Increased By Rs 75 Crore Every Hour In 2021; How A College Dropout Earned 5 Lakh Crore Networth

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एशिया के दूसरे सबसे अमीर शख्स की कहानी:गौतम अडाणी की संपत्ति इस साल हर घंटे 75 करोड़ रुपए बढ़ी; जानिए एक साल में नेटवर्थ 64 हजार करोड़ से 5 लाख करोड़ कैसे हुई

22 दिन पहलेलेखक: आदित्य द्विवेदी
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  • मुकेश अंबानी की संपत्ति अब अडाणी से करीब 60 हजार करोड़ रुपए ही ज्यादा
  • 1998 में किडनैपिंग हुई और 26/11 मुंबई आतंकी हमले में बाल-बाल बचे थे गौतम अडाणी

गौतम अडाणी पिछले हफ्ते एशिया के दूसरे सबसे सबसे अमीर शख्स बने। ब्लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्स के मुताबिक उन्होंने चीन के झोंग शैनशैन को पछाड़ा। 23 मई 2021 को अडाणी की कुल संपत्ति करीब 5.03 लाख करोड़ रुपए है। कोरोना संकट के बावजूद 2021 के 142 दिनों में अडाणी की संपत्ति में करीब 2.56 लाख करोड़ रुपए का उछाल रहा। यानी अडाणी ने इस साल हर घंटे 75 करोड़ रुपए से ज्यादा कमाए। एक साल पहले यानी अप्रैल 2020 में गौतम अडाणी की नेटवर्थ 64.89 हजार करोड़ रुपए थी।

42 साल पहले अपने कारोबारी सफर की शुरुआत करने वाले गौतम अडाणी के कारोबार में पिछले 1 साल में इतना उछाल कैसे आया? अडाणी ग्रुप की कंपनियों की इस वैल्युएशन की वजह क्या है? ग्रुप ने इस ग्रोथ के लिए क्या स्ट्रैटजी अपनाई और इसे कैसे लागू किया? यहां इन सभी सवालों के जवाब देने के साथ हम अडाणी की जिंदगी का खाका भी पेश कर रहे हैं...

अडाणी ग्रुप की 6 लिस्टेड कंपनियों का नेटवर्थ एक साल में 6 गुना बढ़ा

गौतम अडाणी की नेटवर्थ में उछाल की सबसे बड़ी वजह अडाणी ग्रुप की लिस्टेड कंपनियों के शेयरों में बंपर तेजी रही। अडाणी ग्रुप की 6 कंपनियां बाजार में लिस्टेड हैं।

मई 2020 में इन कंपनियों का मार्केट कैप (शेयर बाजार में लिस्टेड शेयरों की वैल्यू) 1.45 लाख करोड़ था। जो अब बढ़कर करीब 8.37 लाख करोड़ पहुंच गया है। यानी पिछले एक साल में अडाणी ग्रुप की कंपनियों का मार्केट कैप करीब 6 गुना बढ़ा।

'नेशन बिल्डिंग' पर फोकस के साथ बढ़ाई कमाई

अडाणी ने ज्यादातर ऐसे कारोबार को चुना, जिसे सरकार बढ़ावा दे रही है और इनमें कंपिटीशन भी कम है। अडाणी 'नेशन बिल्डिंग' स्ट्रैटजी के तहत काम करते हैं। ये मोदी सरकार के विजन से भी मेल खाता है। अडाणी ने सितंबर में जेपी मॉर्गन इंडिया समिट में कहा था कि देश का फोकस बुनियादी ढांचा मजबूत करने पर है और हमारा लक्ष्य भी 'नेशन बिल्डिंग' का है। इसी लक्ष्य के साथ ग्रुप ने हजारों नौकरियां पैदा की हैं। मजबूत कारोबार के साथ अपने शेयरधारकों को अच्छा रिटर्न दिया है।

आइए ग्रुप के कुछ अहम फैसलों पर नजर डालते हैं-

  • अडाणी एनर्जी SB एनर्जी इंडिया खरीदने का प्लान कर चुकी है। रिन्यूएबल पावर का काम करने वाली SB एनर्जी, जापान के सॉफ्टबैंक ग्रुप और भारती ग्रुप का जॉइंट वेंचर है। अडाणी ने डील करीब 25,400 करोड़ रुपए (3.5 अरब डॉलर) में की है। भारत में रिन्यूएबल एनर्जी का अभी तक की ये सबसे बड़ा डील है। कंपनी 2025 तक रिन्यूएबल एनर्जी की क्षमता 8 गुना करना चाहती है।
  • केंद्र ने फरवरी 2019 में लखनऊ, अहमदाबाद, जयपुर, मंगलुरू, तिरुवनंतपुरम और गुवाहाटी एयरपोर्ट्स का निजीकरण किया। 2 साल से भी कम समय में अडाणी ने 7 हवाई अड्डों पर नियंत्रण हासिल किया।
  • अडाणी भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर किंग के रूप में उभरे हैं। वे खदानों, बंदरगाहों और बिजली प्लांट से लेकर हवाई अड्डों, डेटा सेंटर और डिफेंस सेक्टर में विस्तार करने वाले हैं।

गैस बिजनेस से मिल रही अडाणी ग्रुप को एनर्जी

हुरुन इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर अनस रहमान जुनैद बताते हैं कि 2018 के बाद एनर्जी सेक्टर से जुड़ी अडाणी पावर और अडाणी गैस जैसी कंपनियों का परफॉर्मेंस बहुत अच्छा रहा है। इन्हीं बिजनेस से उन्होंने दो साल में तेजी से पैसा बनाया है। ये सेक्टर आगे भी ग्रुप को और मजबूत करेगा।

मार्केट एक्सपर्ट संदीप जैन कहते हैं मोदी सरकार की नई योजनाओं में अडाणी ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उन्हीं सेगमेंट पर फोकस किया, जहां सरकार की नजर है। इस स्ट्रैटजी से काफी फायदा हुआ।

अडाणी ने कमोडिटी ट्रेडर के रूप में शुरुआत की थी। आज वो बंदरगाह, एयरपोर्ट्स, एनर्जी, रिसोर्स, लॉजिस्टिक्स, एग्री बिजनेस, रियल एस्टेट, फाइनेंशियल सर्विस, गैस डिस्ट्रीब्यूशन, डिफेंस और अन्य कई क्षेत्र की कंपनियों के मालिक हैं।

15 से ज्यादा सेक्टर में अडाणी ग्रुप के बिजनेस

इसी रफ्तार से चले तो जल्द अंबानी से भी आगे होंगे

  • गौतम अडाणी की संपत्ति 5.03 लाख करोड़ है, जबकि मुकेश अंबानी की दौलत 5.60 लाख करोड़ है। इस साल मुकेश अंबानी की नेटवर्थ सिर्फ 2,430 करोड़ रुपए बढ़ी, जबकि अडाणी ने 2.56 लाख करोड़ रुपए की बंपर कमाई की है। दोनों की संपत्ति के बीच महज 60 हजार करोड़ का गैप बचा है।
  • वारबर्ग ने इस महीने अडाणी पोर्ट्स और स्पेशल इकोनॉमिक जोन में 8,005 करोड़ रुपए का निवेश किया। फ्रांस की कंपनी टोटल ने अडाणी ग्रीन में कुल 1.81 लाख करोड़ रुपए का निवेश किया।
  • पिछले 2 साल में अडाणी ग्रुप ने पोर्ट, पॉवर और एयरपोर्ट सेक्टर में 50 हजार करोड़ के इंफ्रास्ट्रक्चर एसेट खरीदे हैं। एनालिस्ट का मानना है कि अडाणी के शेयरों में ताजा उछाल इसी का नतीजा हैं। उदाहरण के लिए, अडाणी टोटल गैस का मार्केट कैप भारत की 5 बड़ी गैस कंपनियों (इंद्रप्रस्थ गैस, पेट्रोनेट एलएनजी, गुजरात गैस, महानगर गैस और गुजरात स्टेट पेट्रोनेट) के मार्केट कैप के करीब है। जबकि अडाणी टोटल गैस का नेट प्रॉफिट इन पांच कंपनियों के कुल नेट प्रॉफिट का सिर्फ 5% है।

पर्सनल लाइफः 16 साल की उम्र में शुरू कर दिया था कारोबार

गौतम अडाणी का जन्म 24 जून 1962 को अहमदाबाद के गुजराती जैन परिवार में हुआ था। महज 16 साल की उम्र में बी-कॉम की पढ़ाई छोड़कर वो मुंबई चले गए। वजह थी परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति। मुंबई में उन्होंने डायमंड सॉर्ट महिंद्रा ब्रॉस में नौकरी कर ली। कुछ ही महीने बाद उन्होंने खुद का डायमंड ब्रोकरेज आउटफिट शुरू किया।

1981 में उनके भाई ने एक प्लास्टिक फैक्ट्री खोली थी जिसका काम संभालने के लिए वो गुजरात लौट आए। अडाणी ने 1988 में अडाणी एंटरप्राइजेज की शुरुआत की जो कमोडिटी इंपोर्ट-एक्सपोर्ट का काम करती थी।

1995 में अडाणी की कंपनी को मुंद्रा पोर्ट का कॉन्ट्रैक्ट मिला। ये कॉन्ट्रैक्ट अडाणी की सफलता में मील का पत्थर साबित हुआ। 1990 के आर्थिक सुधारों ने उनके बिजनेस को पंख लगा दिए। 1997 तक अडाणी की चर्चा इतनी बढ़ गई थी कि उन्हें 1 जनवरी 1998 को फिरौती के लिए किडनैप कर लिया गया।

किडनैप कर मांगी गई थी 11 करोड़ की फिरौती

साल 1998 का पहला दिन था। गौतम अडाणी और शांतिलाल पटेल अहमदाबाद के कर्णवती क्लब से कार पर सवार हुए। ये कार मोहम्मदपुरा रोड की तरफ जा रही थी। रास्ते में बीच सड़क पर एक स्कूटर खड़ा मिला। कार जैसे ही रुकी, तभी वहां एक वैन पहुंची। वैन में सवार लोगों ने अडाणी और पटेल को किडनैप कर लिया और किसी अज्ञात जगह पर ले गए। पुलिस चार्जशीट के मुताबिक इन दोनों को छोड़ने से पहले 11 करोड़ रुपए फिरौती मांगी गई थी।

26/11 हमले में भी बाल-बाल बचे

ऐसा ही एक वाकया 26 नवंबर 2008 का है। गौतम अडाणी मुंबई के ताज होटल स्थित वेदर क्राफ्ट रेस्टोरेंट में दुबई पोर्ट के सीईओ मोहम्मद शर्राफ के साथ डिनर कर रहे थे। उन्होंने देखा कि कुछ आतंकी होटल में घुस आए हैं और ताबड़तोड़ फायरिंग कर रहे हैं। 26 नवंबर की पूरी रात उन्होंने होटल के बेसमेंट में दहशत के साये में बिताई। 27 नवंबर की सुबह उन्हें बचाया गया। अपने प्राइवेट विमान से अहमदाबाद पहुंचते ही उन्होंने कहा, 'मैंने 15 फीट की दूरी से मौत देखी है।'