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सरकार को झुकाने वाली 15 तस्वीरें:टिकैत के आंसू, सड़क पर संसद और करनाल में पुलिस लाठीचार्ज; ऐसे तय हुआ कृषि कानूनों की वापसी का रास्ता

6 महीने पहले
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14 महीने की तकरार, 1 साल लंबा आंदोलन, 11 दौर की बातचीत, सुप्रीम कोर्ट का दखल और सैकड़ों किसानों की मौत के बाद आखिरकार मोदी सरकार को झुकना पड़ा। PM मोदी ने शुक्रवार सुबह 9 बजे देश के नाम संबोधन में तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा की। इसी महीने होने वाले संसद सत्र में इसकी कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

हम यहां 15 तस्वीरों के जरिए कृषि कानून और किसान आंदोलन की पूरी कहानी पेश कर रहे हैं। शुरुआत होती है 5 जून 2020 से, जब सरकार ने तीन कृषि विधेयकों की घोषणा की। 14 सितंबर 2020 को सरकार संसद में अध्यादेश लाई और 27 सितंबर 2020 को राष्ट्रपति की मुहर के साथ कृषि कानून बन गए। अब आगे की कहानी...

25 नवंबर 2020 को नए कृषि कानूनों के विरोध में पंजाब और हरियाणा के किसानों ने दिल्ली चलो आंदोलन शुरू किया। हालांकि, कोरोना की वजह से दिल्ली पुलिस ने उन्हें प्रोटेस्ट की अनुमति नहीं दी।
25 नवंबर 2020 को नए कृषि कानूनों के विरोध में पंजाब और हरियाणा के किसानों ने दिल्ली चलो आंदोलन शुरू किया। हालांकि, कोरोना की वजह से दिल्ली पुलिस ने उन्हें प्रोटेस्ट की अनुमति नहीं दी।
26 नवंबर 2020 को दिल्ली की तरफ जा रहे किसानों को अंबाला में वाटर कैनन, आंसू गैस का सामना करना पड़ा। किसान नहीं झुके और फिर उन्हें शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति दी गई।
26 नवंबर 2020 को दिल्ली की तरफ जा रहे किसानों को अंबाला में वाटर कैनन, आंसू गैस का सामना करना पड़ा। किसान नहीं झुके और फिर उन्हें शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति दी गई।
28 नवंबर 2020 को अमित शाह ने किसानों से कहा कि अगर वो बॉर्डर खाली कर दें तो वो बातचीत के लिए तैयार हैं। किसानों ने इस ऑफर को ठुकरा दिया और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की मांग की। किसान बॉर्डर पर डंटे रहे।
28 नवंबर 2020 को अमित शाह ने किसानों से कहा कि अगर वो बॉर्डर खाली कर दें तो वो बातचीत के लिए तैयार हैं। किसानों ने इस ऑफर को ठुकरा दिया और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की मांग की। किसान बॉर्डर पर डंटे रहे।
3 दिसंबर को सरकार और किसानों के बीच पहले दौर की बातचीत हुई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल सका। 5 दिसंबर को दूसरे दौर की बातचीत से भी कोई समाधान नहीं निकला। बातचीत में किसान अपना खाना खुद लेकर जाते थे।
3 दिसंबर को सरकार और किसानों के बीच पहले दौर की बातचीत हुई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल सका। 5 दिसंबर को दूसरे दौर की बातचीत से भी कोई समाधान नहीं निकला। बातचीत में किसान अपना खाना खुद लेकर जाते थे।
13 दिसंबर को केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने किसान आंदोलन में टुकड़े-टुकड़े गैंग का हाथ होने का आरोप लगाया। 21 दिसंबर को किसानों ने प्रोटेस्ट साइट पर एक दिन की भूख हड़ताल की।
13 दिसंबर को केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने किसान आंदोलन में टुकड़े-टुकड़े गैंग का हाथ होने का आरोप लगाया। 21 दिसंबर को किसानों ने प्रोटेस्ट साइट पर एक दिन की भूख हड़ताल की।
30 दिसंबर को छठवें दौर की बातचीत में सरकार और किसानों के बीच कुछ आगे बढ़ी। सरकार ने पराली जलाने पर लगने वाली पेनाल्टी और इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल, 2020 में बदलाव किए। हालांकि, किसान कृषि कानूनों की वापसी पर अड़े रहे।
30 दिसंबर को छठवें दौर की बातचीत में सरकार और किसानों के बीच कुछ आगे बढ़ी। सरकार ने पराली जलाने पर लगने वाली पेनाल्टी और इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल, 2020 में बदलाव किए। हालांकि, किसान कृषि कानूनों की वापसी पर अड़े रहे।
26 जनवरी 2021 को रिपब्लिक डे के मौके पर किसानों ने ट्रैक्टर परेड निकाली। पुलिस के साथ झड़प हुई। किसानों ने पब्लिक प्रॉपर्टी और पुलिसकर्मियों पर भी हमला किया। लाल किले पर कुछ किसान चढ़ गए और निशान साहिब फहरा दिया।
26 जनवरी 2021 को रिपब्लिक डे के मौके पर किसानों ने ट्रैक्टर परेड निकाली। पुलिस के साथ झड़प हुई। किसानों ने पब्लिक प्रॉपर्टी और पुलिसकर्मियों पर भी हमला किया। लाल किले पर कुछ किसान चढ़ गए और निशान साहिब फहरा दिया।
26 जनवरी 2021 की हिंसा के बाद किसान आंदोलन बैकफुट पर आ गया। 28 जनवरी को राकेश टिकैत बातचीत के दौरान भावुक हो गए, जिससे पूरा मामला पलट गया। वीडियो वायरल होते ही हजारों किसान रातों-रात गाजीपुर बॉर्डर पहुंच गए।
26 जनवरी 2021 की हिंसा के बाद किसान आंदोलन बैकफुट पर आ गया। 28 जनवरी को राकेश टिकैत बातचीत के दौरान भावुक हो गए, जिससे पूरा मामला पलट गया। वीडियो वायरल होते ही हजारों किसान रातों-रात गाजीपुर बॉर्डर पहुंच गए।
5 मार्च 2021 को पंजाब विधानसभा ने एक संकल्प पत्र पास किया और किसानों के हित में तीनों कृषि कानून वापस लेने का फैसला किया। 6 मार्च को किसानों ने दिल्ली बॉर्डर पर 100 दिन पूरे किए।
5 मार्च 2021 को पंजाब विधानसभा ने एक संकल्प पत्र पास किया और किसानों के हित में तीनों कृषि कानून वापस लेने का फैसला किया। 6 मार्च को किसानों ने दिल्ली बॉर्डर पर 100 दिन पूरे किए।
28 अगस्त 2021 को करनाल में प्रदर्शनकारी किसानों पर पुलिस ने लाठी चार्ज किया। कई घायल हो गए। करनाल SDM आयुष सिन्हा का वीडियो वायरल हुआ। सरकार ने मामले की जांच के आदेश दिए।
28 अगस्त 2021 को करनाल में प्रदर्शनकारी किसानों पर पुलिस ने लाठी चार्ज किया। कई घायल हो गए। करनाल SDM आयुष सिन्हा का वीडियो वायरल हुआ। सरकार ने मामले की जांच के आदेश दिए।
3 अक्टूबर को किसानों ने केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र का विरोध करते हुए काले झंडे दिखाए थे। इसी दौरान एक गाड़ी ने किसानों को कुचल दिया था। इससे 4 किसानों की मौत हो गई थी। इसके बाद भड़की हिंसा में किसानों ने एक ड्राइवर समेत चार लोगों को पीट-पीटकर मार डाला था। इसमें अजय मिश्र के बेटे आशीष मिश्र समेत 14 लोगों के खिलाफ हत्या और आपराधिक साजिश का केस दर्ज किया गया।
3 अक्टूबर को किसानों ने केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र का विरोध करते हुए काले झंडे दिखाए थे। इसी दौरान एक गाड़ी ने किसानों को कुचल दिया था। इससे 4 किसानों की मौत हो गई थी। इसके बाद भड़की हिंसा में किसानों ने एक ड्राइवर समेत चार लोगों को पीट-पीटकर मार डाला था। इसमें अजय मिश्र के बेटे आशीष मिश्र समेत 14 लोगों के खिलाफ हत्या और आपराधिक साजिश का केस दर्ज किया गया।
संयुक्त किसान मोर्चा ने 500 किसानों को शीतकालीन सत्र में रोजाना शांतिपूर्ण ट्रैक्टर मार्च करने का फैसला किया था। 26 नवंबर को किसान आंदोलन के एक साल पूरे होने पर भी बड़े प्रदर्शन की तैयारी थी।
संयुक्त किसान मोर्चा ने 500 किसानों को शीतकालीन सत्र में रोजाना शांतिपूर्ण ट्रैक्टर मार्च करने का फैसला किया था। 26 नवंबर को किसान आंदोलन के एक साल पूरे होने पर भी बड़े प्रदर्शन की तैयारी थी।
19 नवंबर 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा की। उन्होंने कहा हम कुछ किसानों को समझाने में विफल रहे। किसान नेता राकेश टिकैत का कहना है कि जब तक संसद से कृषि कानून वापस नहीं हो जाते वो प्रोटेस्ट जारी रखेंगे।
19 नवंबर 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा की। उन्होंने कहा हम कुछ किसानों को समझाने में विफल रहे। किसान नेता राकेश टिकैत का कहना है कि जब तक संसद से कृषि कानून वापस नहीं हो जाते वो प्रोटेस्ट जारी रखेंगे।