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भास्कर डेटा स्टोरी:एपल, माइक्रोसॉफ्ट और गूगल के CEO हटे, तो कंपनी का मार्केट कैप 10 गुना तक बढ़ा; बेजोस के हटने से अमेजन का क्या होगा?

4 महीने पहलेलेखक: प्रियंक द्विवेदी
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‘मैंने एक झटके में कुछ करने का फैसला कर लिया था। तब नहीं सोचा था कि नाकाम रहने पर अफसोस करूंगा। अगर मैं ऐसा नहीं करता तो एक बार भी कोशिश न करने के ख्यालों से ही जिंदगीभर परेशान रहता।’

ये बातें जेफ बेजोस ने कही थीं। वे अमेजन के मालिक हैं और दुनिया के दूसरे सबसे अमीर भी। उन्होंने 5 जुलाई 1994 को अमेजन की शुरुआत की थी। करीब 26 सालों से कंपनी को लीड कर रहे बेजोस अब CEO पद छोड़ने वाले हैं। 23 साल से कंपनी में काम रहे एंडी जेसी बेजोस की जगह लेंगे। बेजोस अब एग्जीक्यूटिव चेयरमैन बनेंगे।

अमेजन कोई पहली कंपनी नहीं है, जिसका फाउंडर CEO पद छोड़ रहा हो। इससे पहले तीन बड़ी टेक कंपनियों के फाउंडर भी CEO पद छोड़ चुके हैं। ये हैं एपल, माइक्रोसॉफ्ट और गूगल। तो क्या इसके बाद नुकसान हुआ या फायदा... चलिये बारी-बारी से देखते हैं...

एपलः स्टीव जॉब्स हटे, तो कंपनी का मार्केट कैप 10 गुना बढ़ा

अगस्त 1976 में स्टीव जॉब्स और स्टीव वोजनियाक ने मिलकर एपल शुरू की। 1997 में स्टीव जॉब्स एपल के CEO बने। तबियत खराब होने के कारण 2011 में उन्होंने CEO पद छोड़ दिया। अगस्त 2011 में टिम कुक नए CEO बने। दो महीने बाद ही, यानी अक्टूबर 2011 में स्टीव की मौत हो गई।

टिम कुक के रहते अगस्त 2018 में कंपनी का मार्केट कैप 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया। और अगस्त 2020 में ये 2 ट्रिलियन डॉलर को पार कर गया। ऐसा करने वाली यह दुनिया की पहली कंपनी बन गई।

2. माइक्रोसॉफ्टः बिल गेट्स के हटने के बाद मार्केट कैप 8 गुना बढ़ा

अप्रैल 1975 में बिल गेट्स ने माइक्रोसॉफ्ट की शुरुआत की। जनवरी 2000 में बिल गेट्स माइक्रोसॉफ्ट के CEO पद से हट गए। उनकी जगह उनके दोस्त स्टीव बामर नए CEO बने। 14 साल बाद बामर की जगह सत्या नडेला कंपनी के CEO बने। जब गेट्स CEO पद से हटे, उस समय माइक्रोसॉफ्ट की कमाई 42,395 करोड़ रुपए थी। बामर के समय ये बढ़कर 1.34 लाख करोड़ रुपए हो गई। नडेला के दौर में कंपनी का मार्केट कैप 1 ट्रिलियन डॉलर के ऊपर पहुंचा।

3. गूगल (अल्फाबेट): लैरी पेज हटे तो कंपनी का मार्केट कैप 3 गुना बढ़ा

1998 में सर्जेई बिन और लैरी पेज ने गूगल लॉन्च किया। लैरी पेज कंपनी के CEO बने। 2001 में उनकी जगह एरिक श्मिट ये पद संभाला। 2011 में श्मिट की जगह पेज दोबारा CEO बने। अक्टूबर 2015 में कंपनी को रिस्ट्रक्चर किया गया और अल्फाबेट नई कंपनी बनी। ये गूगल की पैरेंट कंपनी के तौर पर है। पेज गूगल से हटकर अल्फाबेट के CEO बन गए और सुंदर पिचाई गूगल के नए CEO बनाए गए।

दो कहानियां भारत की...

धीरूभाई की मौत हुई, तो बंटवारा हो गया: जुलाई 2002 में धीरूभाई अंबानी के निधन के बाद मुकेश अंबानी रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन बने। अनिल अंबानी मैनेजिंग डायरेक्टर बने। दोनों भाइयों में विवाद के चलते जून 2005 में रिलायंस ग्रुप का बंटवारा हो गया। बंटवारे के बाद कुछ साल तक तो दोनों भाइयों की नेटवर्थ में ज्यादा अंतर नहीं था, लेकिन अब मुकेश अंबानी की नेटवर्थ 5.41 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा है। जबकि अनिल अंबानी की नेटवर्थ जीरो हो गई है।

टाटा सन्स से टाटा हटे तो विवाद हो गया: 1991 में जेआरडी टाटा टाटा सन्स के चेयरमैन पद से हटे। उनकी जगह रतन टाटा चेयरमैन बने। दिसंबर 2012 में रतन टाटा ने भी टाटा सन्स के चेयरमैन पद से इस्तीफा दिया और सायरस मिस्त्री नए चेयरमैन बने। अक्टूबर 2016 में मिस्त्री को पद से हटा दिया गया। उनकी जगह एन. चंद्रशेखरन चेयरमैन बनाए गए। मिस्त्री को हटाने का मामला 2016 से ट्रिब्यूनल और अदालतों में चल रहा है। फिलहाल इस मामले की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है।

अब लौटते हैं अमेजन परः पहले ही साल हुआ था 16 लाख का घाटा

1994 में बेजोस ने एक गैराज से अमेजन की शुरुआत की थी। शुरुआत में यहां पुरानी किताबें ही बिकतीं थीं। कंपनी शुरू करने के पहले ही 16 लाख रुपए से ज्यादा का घाटा हुआ था। कंपनी की शुरुआत के अगले कुछ सालों तक कंपनी घाटे में ही रही।

जुलाई 1995 में इसकी वेबसाइट भी आ गई। 1997 के आखिर तक कंपनी के पास 150 से ज्यादा देशों में 15 लाख से ज्यादा ग्राहक थे। 2020 में कंपनी को 28.15 लाख करोड़ रुपए का रेवेन्यू मिला और 1.55 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का फायदा हुआ है।

25 साल से भी कम वक्त में 1 ट्रिलियन डॉलर के पार हुआ अमेजन का मार्केट कैप

कंपनी शुरू होने के तीन साल बाद ही अमेजन का मार्केट कैप 1 अरब डॉलर के पार पहुंच गया था। जो उस वक्त के हिसाब से 3,600 करोड़ रुपए होते हैं। उसके बाद 100 अरब डॉलर (4.70 लाख करोड़ रुपए) के मार्केट कैप तक पहुंचने में कंपनी को 14 साल लग गए, लेकिन उसके बाद कंपनी का मार्केट कैप तेजी से बढ़ा।

सितंबर 2018 में अमेजन का मार्केट कैप पहली बार 1 ट्रिलियन डॉलर (उस समय के हिसाब से 68 लाख करोड़ रुपए) पहुंचा। फिलहाल कंपनी का मार्केट कैप 1.67 ट्रिलियन डॉलर यानी 121.77 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा है।