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भारी न पड़े अमेरिका की नकल:अब 14 के बजाय 7 दिन में बिना टेस्ट आइसोलेशन खत्म; एक्सपर्ट बोले- ज्यादा तेजी से फैलेगा कोरोना

4 महीने पहलेलेखक: अभिषेक पाण्डेय
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अमेरिका, ब्रिटेन और इजराइल जैसे देशों के कोविड-19 मरीजों के लिए होम आइसोलेशन पीरियड घटाने के बाद भारत ने भी एसिम्प्टोमेटिक और हल्के लक्षण वालों के लिए होम आइसोलेशन पीरियड को घटाकर 7 दिन कर दिया है। ओमिक्रॉन के बढ़ते खतरे के बीच कई विशेषज्ञ आइसोलेशन पीरियड घटाए जाने के फैसले पर सवाल उठा रहे हैं और इससे संक्रमण और फैलने का खतरा जता रहे हैं।

चलिए जानते हैं कि क्या सरकार के बिना टेस्टिंग के होम आइसोलेशन खत्म करने का फैसला सही है? इससे हो सकते हैं कौन से नुकसान? अमेरिका, ब्रिटेन जैसे देशों ने क्यों घटाया आइसोलेशन पीरियड?

कैसे-कैसे हुआ आइसोलेशन के नियम में बदलाव
देश में पहली लहर के दौरान कोरोना होम आइसोलेशन को 14 दिन का रखा गया था। तब होम आइसोलेशन खत्म होने से पहले दो निगेटिव कोरोना टेस्ट जरूरी थे। इसके बाद होम आइसोलेश का पीरियड 14 दिन तो रखा गया, लेकिन टेस्ट की अनिवार्यता खत्म कर दी गई। अप्रैल 2021 में दूसरी लहर के दौरान आई गाइडलाइन में होम आइसोलेशन का पीरियड 14 दिन से घटाकर 10 दिन कर दिया गया। साथ ही आइसोलेशन खत्म होने से पहले टेस्टिंग की अनिवार्यता भी खत्म हो गई।

अब 05 जनवरी 2022 को आई नई गाइडलाइन में स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना के एसिम्प्टोमेटिक और हल्के लक्षण वालों के लिए होम आइसोलेशन पीरियाड को 10 दिन से घटाकर 7 दिन कर दिया है। साथ ही 7 दिन बाद होम आइसोलेशन खत्म होने से पहले टेस्टिंग करवाना आवश्यक नहीं है। केवल आइसोलेशन में लगातार तीन दिन बुखार नहीं आने पर 7 दिन बाद होम आइसोलेशन खत्म माना जाएगा।

पहले अमेरिका ने घटाया था आइसेलेशन पीरियड

  • अमेरिका ने 23 दिसंबर को ही कोरोना संक्रमित हेल्थ केयर वर्कर्स के लिए होम आइसोलेशन की अवधि को 10 दिन से घटाकर 7 दिन किया था।
  • 27 दिसंबर 2021 को अमेरिका ने आम नागरिकों के लिए भी आइसोलेशन की अवधि को 10 दिन से घटाकर 5 दिन कर दिया।
  • अमेरिका की नेशनल पब्लिक हेल्थ एजेंसी सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) ने आइसोलेशन पीरियड खत्म होने से पहले कोरोना टेस्टिंग किए जाने की सलाह नहीं दी है।
  • अमेरिका के बाद ब्रिटेन ने भी कोरोना संक्रमितों के लिए होम आइसोलेशन को 10 से घटाकर 7 दिन किया था।
  • वहीं इजराइल ने तो वैक्सीनेटेड लोगों के लिए आइसोलेशन की अनिवार्यता खत्म कर दी है।

अमेरिका, ब्रिटेन के बाद भारत ने भी घटाया आइसोलेशन पीरियड

अमेरिका, ब्रिटेन और इजराइल जैसे देशों के बाद देश के केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी 05 जनवरी 2021 को कोविड-19 संक्रमितों के लिए होम आइसोलेशन गाइडलाइन जारी की।

  • अब एसिम्प्टोमेटिक और हल्के लक्षण वालों के लिए आइसोलेशन पीरियड 10 दिन से घटाकर 7 दिन कर दिया गया है। पहली लहर के दौरान देश में आइसोलेशन की अवधि 14 दिन थी।
  • लगातार तीन दिन तक बुखार नहीं आने पर बिना टेस्टिंग के ही कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के कम से कम 7 दिन बाद होम आइसोलेशन को खत्म माना जाएगा।
  • संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने वाले एसिम्पटेमिक लोगों की टेस्टिंग और आइसोलेशन की जरूरत नहीं है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने नहीं बताई आइसोलेशन पीरियड घटाने की साइंटिफिक वजह

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना आइसोलेशन पीरियड घटाने की कोई खास वजह नहीं बताई है। माना जा रहा है कि अमेरिका, ब्रिटेन जसे देशों की देखा-देखी ही भारत ने भी आइसोलेशन पीरियड घटाया है।

आइसोलेशन पीरियड घटाए जाने पर स्वास्थ्य मंत्रालय ने ये जरूर कहा है कि पिछले दो वर्षों में, दुनिया और भारत में भी देखा गया है कि अधिकांश मामलों में कोविड-19 या तो एसिम्प्टोमेटिक हैं या बहुत हल्के लक्षण हैं।

इससे तेजी से फैलेगा कोरोना? जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स

टेस्टिंग के बिना ही होम आइसोलेशन पीरियड खत्म होने की कई विशेषज्ञों ने आलोचना की है और कहा है कि इससे कोरोना और तेजी से फैलने का खतरा रहेगा। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक,अमेरिका में भी इस कदम का काफी विरोध हुआ है और जानकारों का कहना है कि ये कदम साइंस से ज्यादा इकॉनमी से जुड़ा है।

आइए जानते हैं कि टेस्टिंग के बिना आइसोलेशन खत्म करना क्यों है खतरनाक? क्या कह रहे हैं एक्सपर्ट्स-

वायरस का ट्रांसमिशन तेजी से होगा

''इसका परिणाम ये होगा कि कम से कम कुछ लोग आइसोलेशन से जल्दी निकलेंगे, ऐसे में ट्रांसमिशन की संभावना ज्यादा रहेगी और वास्तव में कोविड-19 तेजी से फैलेगा। लोगों के आइसोलेशन छोड़ने के बाद मास्क लगाने जैसे उपाय करने की कम ही संभावना है।''

-योनाटन ग्राड, असोसिएट प्रोफेसर, इम्यूनोलॉजी एंड इंफेक्टिशियस डिजीज, हार्वर्ड टीएच चान स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ, अमेरिका ​​​​​​

रैपिड टेस्ट की कमी की वजह से हुआ फैसला

''अमेरिका में रैपिड टेस्ट किट की सप्लाई की कमी भी CDC के आइसोलेशन घटाने की एक वजह है। राष्ट्रपति जो बाइडेन ने 50 करोड़ रैपिड टेस्ट मुफ्त में उपलब्ध कराए जाने का वादा किया था, लेकिन ये स्पष्ट नहीं है कि कितनी जल्दी उनकी सप्लाई होगी।''-CDC से आइसोलेशन की चर्चा करने वाले एक अमेरिकी वैज्ञानिक

भ्रमित करने वाली गाइडलाइन

‘’ये गाइडेंस जितना हो सकता है या होना चाहिए उससे ज्यादा भ्रमित करने वाला है। ये उन लोगों के लिए होना चाहिए जो सिम्प्टोमेटिक नहीं हैं, अगर आपमें लक्षण हैं, तो आपको सार्वजनिक रूप से बाहर नहीं जाना चाहिए।'' -डॉ. मेगन रेनी, ब्राउन यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ की एकेडमिक डीन और इमर्जेंसी फिजीशियन, अमेरिका

केवल 29% संक्रमित ही हुए आइसोलेट

अमेरिका की सिटी यूनिवर्सिटी ऑफ न्यूयॉर्क के एपिडेमियोलॉजिस्ट डैनिस नैश के नेतृत्व में हुई एक स्टडी के मुताबिक, पिछले इंफेक्शन के दौरान केवल 29% लोग ही आइसोलेट हुए थे। उन्होंने कहा कि ये स्पष्ट नहीं है कि आइसोलेशन पीरियड घटाने से क्या ज्यादा लोग आइसोलेट होने के लिए तैयार होंगे।

टेस्टिंग किट की कमी की वजह से पॉलिसी बनाना गलत

''पांच दिन के आइसोलेशन के बाद टेस्टिंग नहीं करना- क्या ये इसिलए है क्योंकि टेस्टिंग किट की सप्लाई नहीं है? अगर ऐसा है, तो ये एक पॉलिसी बनाने का कोई कारण नहीं है''-डैनिस नैश, अमेरिका के एपिडेमियोलॉजिस्ट

क्या कह रहे हैं भारतीय एक्सपर्ट?

बिना टेस्टिंग 7 दिन बाद आइसोलेशन पीरियड को खत्म माने जाने को लेकर भारतीय विशेषज्ञों ने भी कोरोना के और तेजी से फैलने का खतरा जताया है और कहा है कि आइसोलेशन पीरियड कम से कम 14 दिन होना चाहिए।

कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि बिना टेस्टिंग आइसोलेशन पीरियड जल्दी खत्म करने से ओमिक्रॉन वैरिएंट और फैल सकता है।

  • टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, महाराष्ट्र कोविड टास्क फोर्स के सदस्य डॉ. राहुल पंडित ने कहा, "किसी मरीज को आइसोलेशन वॉर्ड से बिना निगेटिव टेस्ट के ही कैसे निकाला जा सकता है? मरीज दूसरों में भी वायरस फैला सकता है।’’
  • उन्होंने कहा कि भारत में लोग आत्म-अनुशासन में नहीं रहते और कई बार सेल्फ-आइसोलेशन नियम नहीं मानने की शिकायतें भी आई हैं। ऐसे में अगर मरीज एसिम्पटोमेटिक भी है, तो भी उसे 14 दिनों के आइसोलेशन में रहना चाहिए।

क्या 7 दिन के आइसोलेशन के बाद वायरस फैलने का खतरा खत्म हो जाता है? यही सवाल दैनिक भास्कर ने महामारी विशेषज्ञ डॉ. चंद्रकांत लहरिया ने पूछा, इस पर

  • डॉ. लहरिया ने कहा, ''वायरस फैलने का रिस्क जीरो नहीं होता है, पर कम जरूर होता है। आइसोलेशन के बाद भी 90 दिन तक व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव पाया जा सकता है, क्योंकि कुछ वायरस उसके शरीर में मौजूद हो सकते हैं, लेकिन वायरस की संख्या इतनी नहीं होती कि वे दूसरों को संक्रमित कर पाएं। इसलिए दूसरों के संक्रमित होने का खतरा कम रहता है, पर खत्म नहीं होता।''
  • आइसोलेशन पीरियड घटाकर 7 दिन क्यों किया गया है? इसके जवाब में डॉ. लहरिया ने कहा, ‘’ओमिक्रॉन के लक्षण 2-3 से दिन में आ जाते हैं और 3-4 दिन में वायरस खत्म होने लगता है। वहीं डेल्टा और अन्य वैरिएंट में लक्षण आने में 4-5 दिन का समय लगता था और उसके खत्म होने में और ज्यादा समय लगता था। यही वजह कि आइसोलेशन पीरियड को घटाकर 7 दिन किया गया है।''
  • उन्होंने कहा, ''संक्रमण फैलने से रोकने के लिए जरूरी है कि आइसोलेशन पीरियड खत्म होने के बाद भी मास्क लगाएं, और कोविड प्रोटोकॉल का पालन जरूर करें।''