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भास्कर एक्सप्लेनर:कोरोना की दूसरी लहर के पीक पर सरकारी आंकड़े फेल; एक्टिव केस 48 लाख होंगे तब आएगा दूसरा पीक

एक महीने पहलेलेखक: जयदेव सिंह
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देश में कोरोना की दूसरी लहर के चलते हर दिन 4 लाख से ज्यादा मामले आ रहे हैं। लगातार ये बात हो रही है कि इसका पीक कब आएगा। दो अलग-अलग मैथमेटिकल मॉडल्स ने दूसरी लहर के पीक को लेकर लगभग एक जैसे अनुमान लगाए हैं। इसके मुताबिक ये पीक मई के तीसरे हफ्ते के आसपास आ सकता है, लेकिन ये इस बात पर निर्भर करता है कि हम इस संकट से कैसे निपटते हैं।

सबसे पहले बात करते हैं स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की ओर से जारी होने वाली रिसर्च रिपोर्ट की। हर महीने जारी होने वाली इस रिपोर्ट में कहा गया है कि पूरे भारत में इस साल 15 फरवरी से कोरोना की दूसरी लहर शुरू हुई है। इस लहर के पीक पर आने में करीब 96 दिन लगेंगे। यानी, इस लिहाज से पीक मई के तीसरे हफ्ते में आएगा।

हालांकि इससे पहले आई SBI की रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया था कि दूसरी लहर का पीक अप्रैल के अंत तक आ सकता है, लेकिन वैक्सीनेशन की रफ्तार घटने के कारण इस अनुमान में बदलाव हुआ है। अनुमान में होने वाले इस बदलाव को लेकर एक्सपर्ट कहते हैं कि हम संकट से निपटने के लिए कौन से कदम उठाते हैं, उस पर भी बहुत कुछ निर्भर करता है। इन कदमों के हिसाब से ही पीक आगे-पीछे भी हो सकता है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि तब तक देश में एक्टिव केस 36 लाख के आसपास पहुंच जाएंगे। देश में शुक्रवार को एक्टिव केस की संख्या 36 लाख को पार कर गई है। दूसरी लहर के पीक के वक्त देश में रिकवरी रेट 77.8 फीसदी होगा। अनुमान के मुताबिक रिकवरी रेट में 1 फीसदी कमी से एक्टिव मामले 1.85 लाख बढ़ जाते हैं। हर साढ़े चार दिन में रिकवरी रेट में 1% की गिरावट होती है। फिलहाल देश में रिकवरी रेट 81.9% है। इस लिहाज से अगर SBI की रिसर्च के अनुमान सही होते हैं तो अगले 10 दिन में देश में पीक आ जाएगा।

पहली पीक से 4 गुना ज्यादा एक्टिव केस होंगे दूसरे पीक में
अब एक और मैथमेटिकल मॉडल की बात लेते हैं। इसे IIT कानपुर और IIT गोवा के वैज्ञानिकों ने दिया है। इसके मुताबिक दूसरी लहर के पीक के वक्त 38 से 48 लाख के बीच एक्टिव केस होंगे। इस स्टडी में 14 से 18 मई के बीच पीक आने का अनुमान लगाया गया है। यानी, दूसरी लहर के पीक के वक्त देश में एक्टिव केस पहली लहर के पीक से चार गुना होंगे। पहली लहर के पीक के वक्त देश में 10 लाख एक्टिव केस थे। पहली लहर का पीक 17 सितंबर को आया था।

एक दो दिन बाद पता चलेगा कितना शिफ्ट हो सकता है पीक
हालांकि इस मॉडल को देने वाले वैज्ञानिकों में शामिल IIT कानपुर के प्रोफेसर मनींद्र अग्रवाल ने शुक्रवार को कहा कि देश में आने वाले कुल मामलों की संख्या जिस तरह हर रोज बढ़ रही है, उससे पीक का फेज शिफ्ट हो सकता है। इसके लिए वो अगले दो-तीन दिन इंतजार करने को कहते हैं।

सरकार को सलाह देने वाली वैज्ञानिकों की एक टीम ने 3 से 5 मई के बीच देश में कोरोना की दूसरी लहर का पीक आने का अनुमान लगाया था। इस टीम के प्रमुख डॉक्टर एम विद्यासागर ने 30 अप्रैल को कहा था कि हमारा अनुमान है कि देश में अगले हफ्ते तक पीक आ जाएगा। हालांकि इससे पहले 2 अप्रैल को इसी टीम ने 10 मई के आसपास पीक आने का अनुमान लगाया था। अगर प्रो. विद्यासागर और उनकी टीम का अंदाजा सही होता है तो देश कोरोना की दूसरी लहर के पीक को पार करने के करीब है।

कई और एक्सपर्ट्स ने भी बताया पीक इसी महीने के अंत तक
अशोका यूनिवर्सिटी के बायोलॉजी के प्रोफेसर गौतम मेनन कहते हैं कि दूसरी लहर का पीक मई के दूसरे हफ्ते या फिर महीने के अंत तक आ जाएगा। वहीं, ब्राउन यूनिवर्सिटी स्कूल के डीन डॉ. आशीष के. झा कहते हैं कि भारत में कोरोना की दूसरी लहर का पीक जून तक आ सकता है। हालांकि वो मानते हैं कि ये सब राज्यों से आने वाले आंकड़ों पर निर्भर करेगा।

उनके मुताबिक अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग समय पर पीक आएगा। जैसे महाराष्ट्र में पीक आ चुका है तो बंगाल समेत कई राज्यों में पीक आने में अभी थोड़ा समय है। इसके साथ ही वो कहते हैं कि देश में जितनी तेजी से कोरोना के मामले बढ़े, उतने तेजी से ही कम होंगे, ऐसा गारंटी के साथ नहीं कहा जा सकता है। ये सब सरकारों के फैसलों और लोगों के संयम पर निर्भर करेगा।

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