• Home
  • Consumer
  • Visakhapatnam Gas Leak News Live | Gas Leak From LG Chemical Plant Update | PM Narendra Modi Speaks To Andhra Pradesh CM YS Jagan Mohan Reddy

LIVE आंध्र में हादसा /विशाखापट्‌टनम के केमिकल प्लांट में गैस लीक होने से 2 बच्चों समेत 8 की मौत, एक हजार से ज्यादा बीमार; 4 किमी तक फैली गैस

जहरीली गैस से बेहोश हुए करीब 200 लोगों को विशाखापट्‌टन के सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती किया गया है। जहरीली गैस से बेहोश हुए करीब 200 लोगों को विशाखापट्‌टन के सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती किया गया है।

  • हादसा विशाखापट्टनम के वेंकटपुरम में हुआ, एलजी पॉलिमर्स के प्लांट में तड़के 2:30 से 3:30 बजे के बीच गैस लीक हुई
  • पीवीसी यानी स्टाइरीन गैस लीक हुई, यह गैस प्लास्टिक, फाइबर ग्लास, रबर और पाइप बनाने में इस्तेमाल होती 

Moneybhaskar.com

May 07,2020 01:00:00 PM IST

विशाखापट्टनम. . आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में गुरुवार तड़के एक केमिकल प्लांट से गैस लीक हो गई। हादसा तड़के 2:30 से 3:30 बजे के बीच हुआ। इसमें 2 बच्चे समेत अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है। यह गैस एलजी पॉलिमर्स इंडस्ट्री के प्लांट से लीक हुई और 4 किलोमीटर के दायरे में आने वाले 5 छोटे गांवों में फैल गई। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, एनडीएमए और नौसेना की टीम रेस्क्यू ऑपरेशन कर रही है।

हादसा विशाखापट्टनम से करीब 30 किलोमीटर वेंकटपुरम गांव में हुआ। एक हजार से ज्यादा लोग बीमार हैं। 80 से ज्यादा लोग अस्पताल में भर्ती हैं। 3 वेंटिलेेटर पर हैं। 15 बच्चों की हालत नाजुक है। हादसे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगनमोहन रेड्‌डी से फोन पर बात की।

कई लोग मौके पर पहुंचे, वहीं बेहोश होकर गिर गए


आंध्र प्रदेश के डीजीपी दामोदर गौतम सवांग ने बताया कि मारे गए 8 लोगों में से 2 की मौत दहशत में भागते समय हुई। इनमें से एक आदमी कंपनी की दूसरी मंजिल से गिरा, जबकि दूसरा कुएं में गिर गया। हादसे की खबर लगते ही कई लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन वहीं बेहोश होकर गिर गए। आसपास के घरों में भी लोग बेहोश मिले। कुछ लोगों के शरीर पर लाल निशान पड़ गए।

स्टाइरीन गैस लीक हुई; यह फाइबर, रबर, पाइप बनाने में इस्तेमाल होती है


जो गैस लीक हुई, वह पीवीसी यानी स्टाइरीन कहलाती है। यह न्यूरो टॉक्सिन है। इसका केमिकल फॉर्मूला C6H5CH=CH2 होता है। यह सबसे लोकप्रिय ऑर्गनिक सॉल्वेंट बेंजीन से पैदा हुआ पानी की तरह बिना रंग वाला लिक्विड होता है। इसी से गैस निकलती है। यह दम घोंट देने वाली गैस है। यह सांसों के जरिए शरीर में चली जाए तो 10 मिनट में ही असर दिखाना शुरू कर देती है। यह गैस पॉलिस्टाइरीन प्लास्टिक, फाइबर ग्लास, रबर और पाइप बनाने के प्लांट में इस्तेमाल होती है।

प्लांट लॉकडाउन की वजह से बंद था, बुधवार को ही खुला था

एलजी पॉलिमर्स मल्टीनेशनल कंपनी है। यह 1961 में बनी थी। तब इसका नाम हिंदुस्तान पॉलिमर्स था। 1978 में विजय माल्या के यूबी ग्रुप की मैकडॉवल एंड कंपनी में मर्ज हो गई। वेंकटपुरम गांव के गोपालनट्‌टनम इलाके में एलजी पॉलिमर्स का प्लांट 1997 से है। लॉकडाउन की वजह से प्लांट काफी दिनों से बंद था। बुधवार को ही इसे दोबारा शुरू करने के लिए खोला गया था।

5 हजार टन स्टोरेज का टैंक चेक करने के दौरान गैस लीक हुई


प्लांट में एक गैस चैम्बर और उसी के ठीक पास न्यूट्रिलाइजर चैम्बर है। जब 5 हजार टन की कैपेसिटी वाले टैंक से गैस लीक हुई तो न्यूट्रिलाइजर चैम्बर के जरिए उसे कंट्रोल करने की कोशिश की गई, लेकिन तब तक हालात बेकाबू हो चुके थे। आंध्र प्रदेश के उद्योग मंत्री गौतम रेड्‌डी ने बताया कि मजदूर गैस स्टोरेज टैंक चेक कर रहे थे, तभी यह हादसा हुआ।

4 किलोमीटर के दायरे में गैस फैली


रिसाव के बाद गैस 4 किलोमीटर के दायरे में फैल चुकी थी। इस दायरे में आसपास के 5 छोटे गांव आते हैं। वहां लोगों के घरों तक गैस घुस गई। लोगों को बेचैनी, सांस लेने में तकलीफ, उल्टियां होने के बाद उनकी नींद खुली। कई लोग बेहोश हो गए। गुरुवार सुबह तक वेंकटपुरम गांव से इसी तरह की तस्वीरें सामने आती रहीं। कई लोग खड़े-खड़े बेहोश होकर गिरते नजर आए।

प्रधानमंत्री ने कहा- सभी सुरक्षित रहें, यही चाहता हूं


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया कि उन्होंने गृह मंत्रालय और एनडीएमए से बात की है। उन्होंने सभी के सुरक्षित रहने की कामना की। प्रधानमंत्री ने अपने आवास पर एनडीएमए की आपात बैठक भी बुलाई।

राष्ट्रपति ने भी शोक जताया

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी हादसे में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति शोक जताया है। उन्होंने घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की है।

एक्शन में एडमिनिस्ट्रेशन, 1500 लोगों को निकाला गया; नौसेना की टीम भी पहुंची

  • हादसे के बाद एनडीआरएफ, एनडीएमए और राज्य की टीमों ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया।
  • नौसेना ने भी 50 ब्रीदिंग सेट्स, पोर्टेबल एयर कम्प्रेसर और 2 एंबुलेंस भेज दीं।
  • एनडीआरएफ के डीजी एसएन प्रधान ने बताया कि कई लोगों से गले में खराश, त्वचा में दिक्कत, इन्फेक्शन जैसी शिकायतें मिली हैं। अब तक करीब 1500 लोगों को निकाला जा चुका है।
  • जो लोग गंभीर रूप से बीमार हैं, उन्हें विशाखापट्‌टनम के किंग जॉर्ज अस्पताल में भर्ती किया गया है।
  • मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी हालात का जायजा लेने के लिए वेंकटपुरम गांव जाएंगे।
  • राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन ने विशाखापट्‌टनम के रेड क्रॉस को रिलीफ ऑपरेशन में शामिल होने को कहा है।

36 साल पहले भोपाल में भी गैस कांड हुआ था

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में अमेरिकी कंपनी यूनियन कार्बाइड के कारखाने में 3 दिसंबर 1984 को 42 हजार किलो जहरीली गैस का रिसाव हुआ था। इससे 15 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। यहां भी एक ऑर्गनिक कम्पाउंड से निकली गैस मिथाइल आईसोसाइनेट या मिक गैस फैली थी। यह गैस कीटनाशक और पॉली प्रॉडक्ट बनाने के काम आती है।

स्टाइरीन 10 मिनट में, मिक गैस कुछ सेकंड में असर करती है

विशाखापट्‌टनम हादसे में प्लांट से निकली स्टाइरीन गैस का रिएक्शन टाइम 10 मिनट का है। वहीं, यूनियन कार्बाइड के प्लांट से जो मिक गैस निकली थी, उससे कुछ सेकंड में जान चली जाती है। भोपाल गैस हादसे के इतने साल के बाद भी इसका असर पुराने शहर के लोगों की सेहत पर देखा जा सकता है। हजारों लोग विकलांगता, कैंसर के शिकार हुए। कई लोगों की आंखों की रोशनी चली गई। इस गैस ने अजन्मे बच्चों तक को प्रभावित किया।

X
जहरीली गैस से बेहोश हुए करीब 200 लोगों को विशाखापट्‌टन के सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती किया गया है।जहरीली गैस से बेहोश हुए करीब 200 लोगों को विशाखापट्‌टन के सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती किया गया है।

Money Bhaskar में आपका स्वागत है |

दिनभर की बड़ी खबरें जानने के लिए Allow करे..

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.