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  • The Supreme Court allowed Air India to book the middle seat for the next 10 days, but said talk of social distancing common sense

इंटरनेशनल फ्लाइट /सुप्रीम कोर्ट ने एयर इंडिया को अगले 10 दिन तक मिडिल सीट बुक करने की छूट दी, लेकिन कहा- सोशल डिस्टेंसिंग कॉमन सेंस की बात

ये तस्वीर 22 मई को रोम से दिल्ली आई एयर इंडिया की फ्लाइट की है। वंदे भारत मिशन के तहत विदेशों में फंसे भारतीयों को एयर इंडिया की उड़ानों से वापस लाया जा रहा है ये तस्वीर 22 मई को रोम से दिल्ली आई एयर इंडिया की फ्लाइट की है। वंदे भारत मिशन के तहत विदेशों में फंसे भारतीयों को एयर इंडिया की उड़ानों से वापस लाया जा रहा है

  • बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोशल डिस्टेंसिंग के लिए बीच की सीट खाली रखने के आदेश दिए थे
  • केंद्र सरकार और एयर इंडिया ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी

Moneybhaskar.com

May 25,2020 03:28:00 PM IST

नई दिल्ली. विदेशों से भारतीयों को लाने में लगी एयर इंडिया की उड़ानों में बीच की सीट खाली रखने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आज छुट्टी के बावजूद अर्जेंट सुनवाई की। चीफ जस्टिस एस ए बोबडे की बेंच ने एयर इंडिया को अगले 10 दिन तक मिडिल सीट बुक करने की इजाजत दे दी है। लेकिन कहा कि सोशल डिस्टेंसिंग अहम है, ये कॉमन सेंस की बात है।

एयर इंडिया, डीजीसीए को नियमों में बदलाव की छूट

चीफ जस्टिस ने कहा, "हमने बॉम्बे हाईकोर्ट से अपील की है कि इस मामले में फिर से विचार कर सभी पक्षों की दलीलें सुनकर अंतरिम आदेश दे। आखिरी फैसला आने तक नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) और एयर इंडिया जरूरत के हिसाब से नियमों में बदलाव कर सकते हैं।"

बॉम्बे हाईकोर्ट में अगली सुनवाई 2 जून को हो सकती है। हाईकोर्ट ने पिछले हफ्ते एयर इंडिया को निर्देश दिया था कि बीच की सीट खाली रखी जाए। केंद्र सरकार और एयर इंडिया ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।

एयर इंडिया के पायलट ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी

पायलट देवेन कनानी ने बॉम्बे हाईकोर्ट में कहा था कि केंद्र सरकार के वंदे भारत मिशन के तहत विदेशों से आ रही उड़ानों में बीच की सीटें खाली नहीं रखी जा रहीं। ये नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के 23 मार्च के सर्कुलर का उल्लंघन है।

सुप्रीम कोर्ट में आज बहस ऐसे चली-

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सरकार और एयर इंडिया का पक्ष रखते हुए कहा कि पुराना सर्कुलर सिर्फ घरेलू उड़ानों के लिए था। विदेशों से आने वालों को क्वारैंटाइन होना जरूरी है।

सुप्रीम कोर्ट: क्या इंटरनेशनल और डोमेस्टिक फ्लाइट में कोई अंतर नहीं?

सॉलिसिटर जनरल: कोई अंतर नहीं।

सुप्रीम कोर्ट: ये कॉमन सेंस की बात है कि सोशल डिस्टेंसिंग जरूरी है। कोई आपको विदेशों से लोगों को लाने से नहीं रोक रहा, हाईकोर्ट ने सिर्फ बीच की सीट खाली रखने के लिए कहा था।

सॉलिसिटर जनरल: विदेशों से लोगों को लाने के लिए हमारे पास बहुत ज्यादा विमान नहीं हैं। बीच की सीट खाली नहीं रखने का फैसला एक्सपर्ट से बातचीत के बाद लिया गया।

सुप्रीम कोर्ट: अगर आप यात्रियों को एक-दूसरे के पास बिठाएंगे तो संक्रमण फैलेगा। हमें लोगों के स्वास्थ्य की चिंता है। हमने बॉम्बे हाईकोर्ट से अंतरिम आदेश देने के लिए कहा है।

वंदे भारत मिशन के तहत विदेशों से 30 हजार भारतीयों की वापसी
कोरोना की वजह से विदेशों में फंसे भारतीयों को लाने के लिए सरकार ने 6 मई को वंदे भारत मिशन शुरू किया था। इसके तहत एयर इंडिया के विमानों से लोग वापस लाए जा रहे हैं। इस मिशन के तहत अब तक 30 हजार लोग लौट चुके हैं।

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ये तस्वीर 22 मई को रोम से दिल्ली आई एयर इंडिया की फ्लाइट की है। वंदे भारत मिशन के तहत विदेशों में फंसे भारतीयों को एयर इंडिया की उड़ानों से वापस लाया जा रहा हैये तस्वीर 22 मई को रोम से दिल्ली आई एयर इंडिया की फ्लाइट की है। वंदे भारत मिशन के तहत विदेशों में फंसे भारतीयों को एयर इंडिया की उड़ानों से वापस लाया जा रहा है

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