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सर्वे /कोरोना संकट में 60 फीसदी परिवारों की इनकम प्रभावित, कंज्यूमर ने बदला खर्च करने का तरीका

नील्सन की रिपोर्ट 12 शहरों में 1,190 लोगों पर किए गए सर्वे पर आधारित है नील्सन की रिपोर्ट 12 शहरों में 1,190 लोगों पर किए गए सर्वे पर आधारित है

  • कोरोना से पहले प्रत्येक 10 में से 8 लोग मार्च-जून महीने में हवाई सफर, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स जैसे बिग टिकट आइटम्स पर खर्च करने थे
  • नील्सन ने कहा है कि अब कंज्यूमर भविष्य में अतिरिक्ति खर्चों से बचने का प्रयास करेंगे और निवेश पर ध्यान देंगे

Moneybhaskar.com

May 23,2020 08:38:00 PM IST

नई दिल्ली. कोरोनावायरस महामारी के चलते दुनियाभर में मंदी का दौर शुरू हो गया है। लाखों-करोड़ों लोगों की नौकरी दांव पर है। लोगों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। कोरोना संकट ने कई परिवारों की इनकम को प्रभावित किया है। नील्सन की रिपोर्ट के मुताबिक, कोरोना ने करीब 60 फीसदी परिवारों की इनकम को सीधे प्रभावित किया है।

यह रिपोर्ट 12 शहरों में किए गए सर्वे पर आधारित है

नील्सन की रिपोर्ट 12 शहरों में 1,190 लोगों (कम, मध्यम और उच्च आय वाले) पर किए गए सर्वे पर आधारित है। रिपोर्ट में शामिल लगभग 60% परिवारों का मानना है कि कोरोना ने उनके घरेलू आय पर नकारात्मक प्रभाव डाला है। नील्सन ने कहा कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए अब कंज्यूमर भविष्य में अतिरिक्ति खर्चों से बचने का प्रयास करेंगे और निवेश पर ध्यान देंगे।

भारतीय कन्यूमजर ने बदला खर्च का तरीका

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में कोरोना से पहले लोग 20 फीसदी कमाई निवेश करते थे। कोरोना के दौरान यह घटकर 16 फीसदी पर आ गई। कोरोना से पहले 25 फीसदी कमाई लोग कैश या बैंक में रखते थे जो अब बढ़कर 27 फीसदी हो गया। वहीं, कोरोना के समय मंथली हाउसहोल्ड (जरूरी सामानों) पर लोगों 39 फीसदी खर्च कर रहे हैं पहले 36 फीसदी ही खर्च किया जाता था।

प्रत्येक 10 में से 8 ने खर्च में कटौती की बात कही

सर्वे के मुताबिक, प्रत्येक 10 में से 8 उत्तरदाताओं को मार्च-जून महीने में बिग टिकट आइटम्स पर खर्च करने थे। जैसे कि हवाई सफर करने का प्लान बना रहे थे या फिर कंज्यूमर ड्यूरेबल्स की खरीदारी करने के बारे में विचार कर रहे थे लेकिन अब ज्यादातर लोगों ने अपने प्लान कैंसल कर दिए हैं। सिर्फ 28 फीसदी लोगों ने कहा कि लॉकडाउन के बाद वे अपनी पुरानी योजना के तहत खर्च करेंगे।

FMCG की बिक्री में 34 फीसदी तक की गिरावट

नील्सन की रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल महीने में फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स (FMCG) की बिक्री में 34 फीसदी की गिरावट आई है। इसका सबसे बुरा असर किराना दुकानों पर पड़ा है जो गली-मोहल्ले में चलती है। देश की जीडीपी में कंजप्शन का हिस्सा 60 फीसदी से ज्यादा है और कोरोना के कारण डिमांड में भारी गिरावट आई है।

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नील्सन की रिपोर्ट 12 शहरों में 1,190 लोगों पर किए गए सर्वे पर आधारित हैनील्सन की रिपोर्ट 12 शहरों में 1,190 लोगों पर किए गए सर्वे पर आधारित है

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