कोविड-19 /अमेजन से जुड़ेंगे 5,000 से ज्यादा लोकल किराना स्टोर्स, ग्राहक नजदीकी दुकान से ऑनलाइन मंगा सकेंगे खाने-पीने से लेकर रोजमर्रा की जरूरी चीजें 

  • अमेजन छोटे दुकानदारों को सामान बेचने के लिए अपने प्लेटफॉर्म से जोड़ने की पहल शुरू कर रही है।
  •  इस पहल का नाम 'लोकल शाॅप ऑन अमेजन' है

Moneybhaskar.com

Apr 23,2020 10:27:22 PM IST

नई दिल्ली. लाॅकडाउन के दौरान कारोबार के लिए अब दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन नजदीकी किराना स्टोर और खुदरा विक्रेताओं पर दांव लगा रही है। बुधवार को मुकेश अंबानी ने फेसबुक-जियो डील के बाद देशभर के 3 करोड़ किराना स्टोर को वाट्सएप से जोड़ने की बात कही थीं। अंबानी की इस घोषणा के एक दिन बाद ही गुरुवार को अमेजन ने 5,000 से ज्यादा नजदीकी किराना स्टोर्स को ऑनलाइन जोड़ने की बात कही है। अमेजन छोटे दुकानदारों को सामान बेचने के लिए अपने प्लेटफॉर्म से जोड़ने की पहल शुरू कर रही है। इस ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन का कहना है कि कोरोनावायरस महामारी के दौरान ग्राॅसरी समेत अन्य जरूरी प्रोडक्ट्स की मांग बढ़ी हैं। वहीं, सोशल डिस्टेंसिंग के चलते लोग बाहर निकले से बच रहे हैं और ऑनलाइन ऑर्डर पर ज्यादा जोर दे रहे हैं। इसके मद्देनजर अमेजन देशभर के छोटे स्टोर को डिजिटल कारोबार करने का मौका देना चाहती है।

अमेजन करेगी 10 करोड़ रुपए का निवेश

अमेजन ने गुरुवार को 'लोकल शाॅप ऑन अमेजन' यानी 'अमेजन पर स्थानीय दुकानें' नाम से पहल शुरू करने का ऐलान किया है। कंपनी इस पहल के तहत 10 करोड़ रुपए का निवेश करेगी। अमेजन इंडिया के सेलर सर्विस के वीपी, गोपाल पिल्लई ने कहा है, 'इस पहल पर हम पिछले छह महीने से पायलट प्रोजेक्ट के तहत काम कर रहे हैं। 100 दुकानें शामिल हैं। पायलट प्रोजेक्ट के तहत किराने के सामान, होम अप्लायंसेज, फर्नीचर, कपड़े और मोटर वाहन जैसी विभिन्न कैटेगरी के विक्रेता शामिल हैं।

डिजीटल कारोबार में मिलेगी मदद

अमेजन का कहना है कि इस पहल के तहत 5,000 से ज्यादा स्थानीय दुकानें डिजीटल स्टोर के रूप में बदल जाएंगी। इसके जरिए ऑफलाइन खुदरा विक्रेताओं और दुकानदार डिजीटल कारोबार कर सकेंगे। ग्राहक अपने शहर की स्थानीय दुकानों को अमेजन की बेवसाइट पर सर्च कर सकेंगे और जरूरी प्रोडक्ट्स के बारे में पता लगा पाएंगे। इतना ही नहीं ग्राहक स्थानीय दुकान पर बिना गए ही दुकानदार से संपर्क करके अमेजन के माध्यम से सामान मंगवा सकेंगे।'

कैट ने इसे 'स्वार्थी पहल' बताया

अमेजन के इस पहल के बारे में कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने मनी भास्कर को बताया कि अमेजन का यह कोई नेक पहल नहीं है बल्कि कंपनी छोटे कारोबारियों को बेवकूफ बनाने का प्लान कर रही है। इसमें कहीं न कहीं कंपनी अपना लाभ देख रही है। इससे छोटे कारोबारियों को कोई फायदा नहीं होने वाला है।

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