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फंड का फंडा:घर बैठे एपल, गूगल जैसी कंपनियों में निवेश का फायदा उठा सकते हैं आप, पोर्टफोलियो के एक हिस्से का निवेश ग्लोबल फंड में करें

मुंबईएक महीने पहले
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भारतीय बाजार फिलहाल बाकी दुनिया के बाजारों के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। लेकिन, कई बार घरेलू बाजार में गिरावट का रुख होता है, जबकि इंटरनेशनल मार्केट में तेजी देखी जाती है। ऐसे में यदि निवेश का दायरा वैश्विक न हो तो घरेलू मंदी को मात देने का अच्छा मौका हाथ से निकल जाता है। ग्लोबल फंड यह कमी दूर करते हैं। ग्लोबल फंड के बारे में एक्सिस म्यूचुअल फंड के इक्विटी हेड जिनेश गोपानी बता रहे हैं।

पोर्टफोलियो के एक हिस्से का निवेश ग्लोबल फंड में करें
भारतीय इक्विटी मार्केट पूरी दुनिया के बाजार का 5% भी नहीं है। भारत का बाजार पूंजीकरण यानी मार्केट कैप ग्लोबल मार्केट कैप का सिर्फ 3% है। इसका मतलब है कि यदि हमारा निवेश भारतीय बाजार तक सीमित रहता है तो बाकी दुनिया में मौजूद 97% मौकों से हम चूक रहे होते हैं। जाहिर है, आप ऐसा नहीं चाहेंगे। तो क्या करना चाहिए? जवाब सीधा है, अपने पोर्टफोलियो के एक हिस्से का निवेश ग्लोबल फंड में करें। ग्लोबल फंड एक तरह का म्यूचुअल फंड है जो एक साथ घरेलू और इंटरनेशनल, दोनों इक्विटी में निवेश करता है।

अधिकतम रिटर्न लेने में मदद करते हैं
आमतौर पर भारतीय म्यूचुअल फंड हाउस किसी न किसी विदेशी फंड के साथ मिलकर काम करते हैं जो ग्लोबल मार्केट में निवेश का प्रबंधन करता है। इसलिए उन्हें ‘फंड ऑफ फंड्स’ कहा जाता है। ऐसे लचीले फंड निवेशक को इंटरनेशनल मार्केट से अधिकतम रिटर्न लेने में मदद करते हैं। साथ ही गिरते बाजार में आपके पोर्टफोलियो में गिरावट आने से बचाते हैं। मतलब यह कि ये आपको न सिर्फ जब घरेलू बाजार में स्थितियां अच्छी हों तब, बल्कि दुनिया में जहां कहीं भी अच्छे हालात हों, उसका फायदा दिलवाते हैं। दरअसल, ग्लोबल फंड की मदद से आप एपल और गूगल जैसी दुनियाभर की दिग्गज कंपनियों में निवेश का फायदा उठा सकते हैं। इस तरह आपके निवेश पोर्टफोलियो में मजबूत विविधता आती है।

दुनिया में जहां कहीं भी हो कमाई की गुंजाइश, लगाएं पैसा
आप जोखिम उठाने की अपनी क्षमता, वित्तीय लक्ष्यों और निवेश की अवधि के आधार पर किसी ग्लोबल फंड में पैसा लगा सकते हैं। हर निवेशक की जरूरत के हिसाब से अलग-अलग ग्लोबल फंड बाजार में मौजूद हैं। आज की तारीख में जब दुनिया का कोई भी प्रोडक्ट एक ही जगह खरीदना संभव है तो क्यों न निवेशक भी घरेलू बाजार तक सीमित रहने की जगह ग्लोबल हो जाएं। असल में जहां कहीं भी कमाई का बेहतर मौका मिले, पैसा लगाना चाहिए।

पोर्टफोलियो में ग्लोबल फंड होने के 4 प्रमुख फायदे

1.विविधता को विस्तार
इस हकीकत से सभी वाकिफ हैं कि इक्विटी, गोल्ड और डेट जैसे अलग-अलग एसेट क्लास पोर्टफोलियो में हों तो रिस्क कम होता है। इसी तरह विभिन्न देशों के बाजारों का प्रदर्शन एक जैसा नहीं होता है। इसका मतलब है कि घरेलू बाजार (भारत) में सुस्ती हो तो संभव है कि दुनिया में कई बाजार ऐसे हों, जहां तेजी का रुझान हो। ग्लोबल फंड इसका फायदा दिलाता है।

2.रिटर्न की संभावना
ग्लोबल फंड बेहतर रिटर्न की संभावना बढ़ाता है। निफ्टी 50 ने पिछले एक दशक में 10.74% रिटर्न दिया है। जबकि इसी अवधि में जिन निवेशकों ने निफ्टी और MSCI वर्ल्ड (ग्लोबल मार्केट) में 70:30 के अनुपात में निवेश किया, उन्हें 12.29% रिटर्न मिला। यह अंतर इसलिए है क्योंकि अमेरिका एपल और गूगल जैसी सबसे ताकतवर कंपनियों का बाजार है।

3.महंगाई से बचाव
किसी भी निवेश का रिटर्न महंगाई से ज्यादा होना चाहिए। गोल्ड और रियल एसेट परंपरागत रूप से महंगाई से बचाव के लिए अच्छे एसेट माने जाते हैं। ग्लोबल फंड्स ने भी कई सालों से महंगाई के मुकाबले ज्यादा रिटर्न दिए हैं। भारत की तुलना में कम महंगाई वाली अर्थव्यवस्थाओं में निवेश करके निवेशक मध्यम या लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न प्राप्त कर सकते हैं।

4.करेंसी एक्सचेंज लाभ
शेयर्स में तेजी से मिलने वाले रिटर्न के अलावा ग्लोबल फंड को करेंसी एक्सचेंज रेट में अंतर से भी फायदा होता है। यदि आप किसी ऐसे देश में निवेश करते हैं, जिसकी करेंसी की वैल्यू भारतीय करेंसी से ज्यादा है तो आप निवेश किए गए हर डॉलर पर अधिक कमाई सकते हैं। ऐसे में आप न केवल शेयर में तेजी, बल्कि डॉलर में मजबूती का भी फायदा उठा पाएंगे।

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