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  • While Filing Income Tax Return, Keep These 7 Things In Mind Including Interest Income, Otherwise Notice May Come

काम की बात:इनकम टैक्स रिटर्न भरते समय ब्याज से हुई आय सहित इन 8 बातों का रखें ध्यान, नहीं तो आ सकता है नोटिस

नई दिल्ली5 महीने पहले
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वित्त वर्ष 2020-2021 के लिए आपको 31 दिसंबर तक इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करना है। ITR भरते समय अपनी इनकम की सही जानकारी देना जरूरी होती है वरना इनकम टैक्स विभाग आपको नोटिस जारी कर सकता है। सीए अभय शर्मा आपको कुछ ऐसी जरूरी बातों के बारे मे बता रहे हैं जिनका ध्यान आपको ITR फाइल करते समय रखना चाहिए। नहीं तो इनकम टैक्स विभाग आपको नोटिस भेज सकता है।

सही ITR फॉर्म चुनें
आयकर विभाग ने कई ITR फॉर्म निर्धारित किए हैं। आपको अपनी आय के साधन के आधार पर सावधानी से अपना ITR फॉर्म चुनना होगा, वरना आयकर विभाग इसे रिजेक्ट कर देगा और आपको इनकम टैक्स के सेक्शन 139(5) के तहत संशोधित विवरणी (रिवाइज्ड रिटर्न) दाखिल करने के लिए कहा जाएगा।

इनकम की सही जानकारी दें
हमेशा अपनी इनकम की सही जानकारी देनी चाहिए। अगर आप जानबूझकर या गलती से भी अपनी आय के सभी स्रोत नहीं बताते हैं तो आपको आयकर विभाग का नोटिस आ सकता है। बचत खाते के ब्याज और घर के रेंट से होने वाली आय जैसी जानकारियां भी देनी होती हैं। क्योंकि ये आय भी टैक्स के दायरे में आती हैं।

बैंक अकाउंट्स की जानकारी दें
बहुत से लोग अपने सभी बैंक खातों की जानकारी नहीं देते, जिनसे उन्होंने उस वित्तीय वर्ष में लेन देन किया है। ऐसा करना गलत है, क्योंकि आयकर विभाग ने अपने अधिनियम में साफ तौर पर कहा है कि टैक्सपेयर्स को अपने नाम पर पंजीकृत सभी बैंक खातों की जानकारी देना जरूरी है।

फॉर्म 26AS डाउनलोड करें और अपनी आय का उससे मिलान करें
फॉर्म 26AS या टैक्स क्रेडिट स्टेटमेंट आपकी आय पर काटे गए TDS के भुगतान की सभी जानकारी दे देता है। अपना टैक्स रिफंड क्लेम करने से पहले इसे जरूर जांच लें। टैक्सपेयर को इनकम टैक्स रिटर्न भरने से पहले Form 26AS और Form 16/16A से इनकम मिलाने के लिए कहा जाता है। यह टैक्स कैलकुलेशन में किसी भी तरह की गलती से आपको बचाएगा जिससे आप एक सही टैक्स रिटर्न फाइल कर पाएंगे।

टैक्स रिटर्न को वेरिफाई करें
कई लोगों को लगता है कि टैक्स रिटर्न भरने के बाद उनका काम खत्म हो गया है लेकिन आपको टैक्स रिटर्न फाइल करने के बाद उसे वेरिफाई भी करना होता है। आप अपने इनकम टैक्स के ई-फाइलिंग पोर्टल से अपने टैक्स रिटर्न को ई-वेरिफाई कर सकते हैं या सीपीसी-बेंगलुरू भेज कर भी उसे वेरिफाई करा सकते हैं। रिटर्न भरने के 120 दिनों तक वैरिफिकेशन नहीं होता तो आपका ITR फाइल नहीं माना जाता।

गिफ्ट की दें जानकारी
अगर आपको भी त्यौहार या अन्य किसी मौके पर गिफ्ट मिलते हैं तो आपको अलर्ट रहने की जरूरत है वरना आपको इनकम टैक्‍स विभाग से नोटिस मिल सकता है। इनकम टैक्‍स के नियमों के तहत अगर आपको एक साल में 50 हजार रुपए से अधिक कीमत का गिफ्ट मिला है तो इस पर आपको टैक्‍स देना होगा। ऐसे में आपको इनकम टैक्‍स रिटर्न भरते समय इस बात का ध्‍यान रखना होगा।

विदेश में है बैंक अकाउंट, तो इसकी भी जानकारी देना जरूरी
अगर आपका किसी दूसरे देश में बैंक अकाउंट है तो इसकी जानकारी भी आपको इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते समय देनी होती है। इनकम टैक्स नियमों के अनुसार, भारत के सभी टैक्स पेयर्स को बैंक खातों सहित सभी विदेशी संपत्तियों का विवरण प्रस्तुत करना होगा।

यदि आप भारत के निवासी हैं और ITR 1 का उपयोग करने के योग्य हैं, तो आपको विदेश में कोई निवेश करने की स्थिति में ITR 1 का उपयोग नहीं करना चाहिए। यदि आपके पास विदेशों में शेयरों में या म्यूचुअल फंड में निवेश है तो इसका विवरण भरने के दौरान सावधान रहें।

छूट प्राप्त व कर मुक्त आय की गलत जानकारी न दें
ITR फॉर्म में कई कॉलम होते हैं जहां कृषि आय, लाभांश, लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर मिलने वाली छूट का ब्यौरा अलग-अलग कॉलम में देना होता है। यहां ठीक से छूट प्राप्त आय व कर मुक्त आय की जानकारी दें। लोग टैक्‍स से बचने के लिए फर्जी छूटों का सहारा लेते हैं। यदि आपने कोई भी फर्जी छूट अपनी ITR में दिखाई है तो आप यकीन मानें कि वर्तमान समय में आप इनकम टैक्स विभाग की नजरों में हैं और आप पर कार्यवाही की जा सकती है।