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  • Vodafone Idea And Bharti Airtel Seek 15 Years From The Court To Pay The Remaining Amount Of AGR

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एजीआर मामले में फैसला सुरक्षित:वोडाफोन आइडिया और भारती एयरटेल ने एजीआर की बाकी रकम चुकाने के लिए कोर्ट से 15 साल का समय मांगा

मुंबई4 महीने पहले
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सोमवार को भारती एयरटेल का शेयर बीएसई पर 1.48% बढ़कर 575 रुपए पर बंद हुआ, जबकि वोडाफोन आइडिया का शेयर 1.80% बढ़कर 9.04 रुपए पर बंद हुआ। -सिम्बॉलिक इमेज
  • टेलीकॉम कंपनियों की 15 साल की मांग पर कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा
  • टाटा टेली ने कहा 7 से 10 साल का समय एजीआर चुकाने के लिए सही है

टेलीकॉम कंपनियां भारती एयरटेल और वोडाफोन ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट से एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (एजीआर) बकाया चुकाने के लिए 15 साल का विंडो पीरियड मांगा है। सुप्रीम कोर्ट ने टेलीकॉम कंपनियों को भुगतान के लिए सही समय की मांग करने की नसीहत दी। इसके बाद भारती एयरटेल और वोडाफोन ने मांग को 20 साल से घटा कर 15 साल कर दिया है।

देश के रेवेन्यू को बचाने की जरूरत है
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि देश के रेवेन्यू को बचाने की जरूरत है। टेलीकॉम कंपनियां इस देश की हैं। टेलीकॉम कंपनियों की ये जिम्मेदारी है कि वे पैसे को सुरक्षित करने की जिम्मेदारी साझा करें। दूसरी ओर, टाटा टेली ने कोर्ट में बताया कि एजीआर बकाया चुकाने के लिए 7 से 10 साल का समय ठीक रहेगा। जस्टिस अरुण मिश्रा, जस्टिस एस अब्दुल नजीर और जस्टिस एमआर शाह की 3 जजों की बेंच मामले की सुनवाई कर रही है।

पहले 10-20 साल का समय मांगा गया था

आज की सुनवाई में यह तय करना था कि वोडाफोन आइडिया और एयरटेल समेत अन्य कंपनियां एजीआर बकाए का भुगतान किश्तों में कर सकती हैं या नहीं। इससे पहले टेलीकॉम कंपनियों ने 10 से 20 साल में भुगतान करने की अनुमति देने की अपील की थी। एजीआर मामले पर पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि वोडाफोन आइडिया समेत निजी टेलीकॉम कंपनियों को वाजिब पेमेंट प्लान लेकर आना चाहिए और अपने को बोनाफाइड (प्रामाणिक) दिखाने के लिए कम से कम भुगतान करना चाहिए।

कंपनियों पर एजीआर का 1.19 लाख करोड़ बकाया है

टेलीकॉम विभाग के अनुमान के मुताबिक, कंपनियों पर 1.19 लाख करोड़ रुपए बकाया है। यह बकाया अब तक 26 हजार 896 करोड़ रुपए देने के बाद है। फिलहाल 92 हजार 520 करोड़ रुपए बाकी हैं। वोडाफोन आइडिया ने पिछले हफ्ते कहा था कि उसने सरकार को 1000 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भुगतान किया है। इससे उसने अब तक कुल 7854 करोड़ रुपए दिया है।

कंपनी के सेल्फ इवैल्यूएशन ने इससे पहले इसका बकाया 21 हजार 533 करोड़ रुपए आंका था। इसके साथ ही भारती एयरटेल ने अब तक 18 हजार 4 करोड़ रुपए का भुगतान किया है, जबकि डीओटी की टेलीकॉम कंपनियों से डिमांड 43 हजार 980 करोड़ रुपए है। कंपनी ने अपने बकाए का आकलन 13 हजार 4 करोड़ रुपए किया है।