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गोल्ड इंपोर्ट में उछाल से घटेगा करेंट एकाउंट सरप्लस:मार्च में व्यापार घाटा 9,845 करोड रुपए बढ़ा, सोने के इंपोर्ट में लगभग 600% का उछाल

एक महीने पहले
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  • पिछले वित्त वर्ष के अंतिम महीने यानी मार्च में व्यापार घाटा 13.93 अरब डॉलर रहा
  • 15 अप्रैल को जारी सरकारी डेटा के मुताबिक फरवरी में यह 12.61 अरब डॉलर था

देश का व्यापार घाटा मार्च में सवा अरब डॉलर से ज्यादा बढ़ गया, यानी इस दौरान निर्यात से ज्यादा आयात हुआ। लेकिन बड़ी बात यह रही कि वित्त वर्ष के अंतिम महीने में इंपोर्ट से ज्यादा बढ़ोतरी एक्सपोर्ट में हुई। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक पिछले महीने में आयात में बढ़ोतरी होने की बड़ी वजह सोने के इंपोर्ट में लगभग 600% का उछाल रहा।

सोने का इंपोर्ट उछलने की वजह ग्राहकों में गहनों की भूख नहीं

लेकिन अगर आपको लगता है कि व्यापार घाटा बढ़ाने वाला विलेन सोना है तो ऐसा नहीं है। केडिया एडवाइजरी के फाउंडर और डायरेक्टर अजय केडिया के मुताबिक, मार्च में सोने का इंपोर्ट उछलने की वजह ग्राहकों में गहनों की भूख नहीं, बल्कि लो बेस इफेक्ट है, जो कोरोना के चलते बना है। आंकड़ों के मुताबिक 2020 में सोने का इंपोर्ट सालाना आधार पर 35% घटकर 690.4 टन से घटकर 446.4 टन रह गया था।

पिछले वित्त वर्ष के अंतिम महीने में 13.93 अरब डॉलर रहा

यह तो रही पिछले महीने सोने के आयात में लगभग 600 पर्सेंट के उछाल की बात। अब बात करते हैं देश के व्यापार घाटे की, जो कोविड के चलते सुस्त आर्थिक गतिविधियों वाले पिछले वित्त वर्ष के अंतिम महीने यानी मार्च में 13.93 अरब डॉलर रहा। 15 अप्रैल को मंत्रालय की तरफ से जारी डेटा के मुताबिक फरवरी में 12.61 अरब डॉलर का व्यापार घाटा हुआ था।

निर्यात 60.29% उछाल के साथ 34.45 अरब डॉलर पर पहुंचा

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, मार्च में माल का निर्यात 60.29% सालाना के उछाल के साथ 34.45 अरब डॉलर पर पहुंच गया जो फरवरी में 27.93 अरब डॉलर था। हालांकि, पिछले महीने माल का आयात 53.74% बढ़कर 48.38 अरब डॉलर पर आ गया जबकि फरवरी में 40.54 अरब डॉलर का इंपोर्ट हुआ था।

इस आयात-निर्यात के आंकड़े में अहम बात यह रही कि मार्च में सोना और क्रूड को छोड़ बाकी कमोडिटी का आयात 46.66% बढ़कर 29.62 अरब डॉलर रहा। उससे महीने भर पहले नॉन गोल्ड और नॉन क्रूड इंपोर्ट 26.27 अरब डॉलर का रहा था।

आयात-निर्यात में तेज उछाल आने की वजह कमजोर बेस रहा है

आइए देखते हैं कि व्यापार घाटा बढ़ने की वजह पर रेटिंग एजेंसी इकरा की प्रिंसिपल इकोनॉमिस्ट अदिति नायर क्या कहती हैं। उनके मुताबिक, मार्च में आयात-निर्यात में तेज उछाल आने की वजह कमजोर बेस रहा है, यानी साल भर पहले कोविड के चलते दोनों में तेज गिरावट आई थी।

मोतियों और बहुमूल्य पत्थरों के आयात में 81.43% का उछाल आया

अदिति यह भी कहती हैं कि कोविड का टीका निकलने से बने उत्साह के बीच कमोडिटी के दाम में बढ़ोतरी जारी रही। इसके साथ ही वित्त वर्ष के अंतिम महीने में हमेशा की तरह विदेश व्यापार में उछाल आया। विदेश व्यापार में संतुलन बिगाड़ने में किन सामान के आयात का बड़ा हाथ रहा, आइए देखते हैं। पिछले महीने सोने के आयात 591.73% के उछाल के साथ 8.49 अरब डॉलर पर पहुंच गया। इसके अलावा मोतियों और बहुमूल्य पत्थरों के आयात में 81.43% का उछाल आया।

अप्रैल 2020 से मार्च 2021 के बीच एक्सपोर्ट में 6.66% की गिरावट आई

अदिति बताती हैं कि पिछले एक साल में अप्रैल 2020 से मार्च 2021 के बीच एक्सपोर्ट में 6.66% सालाना की गिरावट आई जबकि इंपोर्ट 16.53% कम रहा। कमोडिटी के दाम में तेजी रहने और सोने के इंपोर्ट में तेज उछाल के चलते मार्च क्वॉर्टर में करेंट एकाउंट डेफिसिट 5-7 अरब डॉलर रह सकता है। ऐसा होने पर पिछले वित्त वर्ष में कोविड के चलते बना करेंट एकाउंट सरप्लस 26-28 अरब डॉलर रह जाएगा।

कोविड से जुड़ी पाबंदियां बढ़ने से इस तिमाही में घटेगा विदेश व्यापार

अदिति का यह भी कहना है कि कोविड पर रोकथाम के लिए पाबंदियां बढ़ाए जाने पर इस तिमाही में निर्यात और आयात दोनों घटेंगे। कोविड की दूसरी लहर के चलते मांग टाली जा सकती है और अगर ऐसा होता है तो इंपोर्ट कुछ समय के लिए घट जाएगा।

अप्रैल-मई की रिटेल डिमांड को लेकर फरवरी-मार्च में होता है ज्यादा इंपोर्ट

केडिया के मुताबिक अप्रैल-मई में सोने की रिटेल डिमांड ज्यादा रहती है इसलिए फरवरी-मार्च में ज्यादा इंपोर्ट होता है। पिछले तीन साल से सोने का आयात औसतन 650 टन के आसपास रह गया है। सोने का इंपोर्ट सीजन में 80 से 100 टन तक जाता है जबकि नॉन सीजन में 40-50 टन मासिक रहता है। केडिया के मुताबिक, कस्टम्स ड्यूटी 12.5% से घटाकर 7.5% किए जाने से भी सोने के इंपोर्ट पर पॉजिटिव सेंटीमेंटल असर हुआ है।

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