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कोरोना से बंदरगाहों पर कार्गो हैंडलिंग घटा /12 प्रमुख बंदरगाहों पर थर्मल और कोकिंग कोल का आयात 25% घटा, अप्रैल-सितंबर छमाही में 5.5 करोड़ टन का आयात हुआ

सितंबर 2020 में 12 प्रमुख बंदरगाहों पर कोयले के वॉल्यूम में लगातार छठे महीने गिरावट रही सितंबर 2020 में 12 प्रमुख बंदरगाहों पर कोयले के वॉल्यूम में लगातार छठे महीने गिरावट रही

  • अप्रैल-सितंबर छमाही में थर्मल कोल का आयात 23.24% घटकर 3.452 करोड़ टन और कोकिंग कोल का आयात 28.04% घटकर 2.089 करोड़ टन रहा
  • पिछले साल की समान छमाही में इन बंदरगाहों पर थर्म कोल का वॉल्यूम 4.498 करोड़ टन और कोकिंग कोल का वॉल्यूम 2.903 करोड़ टन था

मनी भास्कर

Oct 18,2020 03:56:32 PM IST

नई दिल्ली. देश के कार्गो मूवमेंट पर कोरोनावायरस महामारी का असर बरकरार है। इंडियन पोर्ट्स एसोसिएशन (आईपीए) के मुताबिक इस कारोबारी साल की पहली छमाही में देश के 12 प्रमुख बंदरगाहों पर थर्मल और कोकिंग कोल का आयात साल-दर-साल आधार पर 25.13 फीसदी घटकर 5.541 करोड़ टन रहा। शीर्ष पोर्ट संगठन ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि सितंबर 2020 में इन बंदरगाहों पर कोयले के वॉल्यूम में लगातार छठे महीने गिरावट रही।

अप्रैल-सितंबर छमाही में सिर्फ थर्मल कोल का आयात 23.24 फीसदी घटकर 3.452 करोड़ टन रहा। वहीं, सिर्फ कोकिंग कोल का आयात इस दौरान 28.04 फीसदी घटकर 2.089 करोड़ टन रहा। पिछले साल की समान अवधि में इन बंदरगाहों पर थर्म कोल का वॉल्यूम 4.498 करोड़ टन और कोकिंग कोल का वॉल्यूम 2.903 करोड़ टन था।

देश में 70% बिजली थर्मल कोल से बनती है, जबकि कोकिंग कोल स्टील बनाने में काम आता है

देश में 70 फीसदी बिजली थर्मल कोल से बनती है, जबकि कोकिंग कोल का उपयोग मुख्यत: स्टील बनाने में होता है। कोरोनावायरस महामारी के कारण कंटेनर्स, कोल और POL (पेट्रोलियम, ऑयल और लुब्रिकेंट) जैसी अन्य कमॉडिटी का वॉल्यूम भी घटा है। पहली छमाही में इन बंदरगाहों पर कार्गो ट्रैफिक 14 फीसदी घटकर 29.855 करोड़ टन रहा, जो पिछले साल की समान छमाही में 34.823 करोड़ टन था।

देश का 61% कार्गो ट्रैफिक हैंडल करते हैं ये 12 बंदरगाह

ये 12 प्रमुख बंदरगाह देश का करीब 61 फीसदी कार्गो ट्रैफिक हैंडल करते हैं। इन बंदरगाहों में दीनदयाल (पुराना नाम कांदला), मुंबई, जेएनपीटी, मोर्मुगाव, न्यू मंगलुरु, कोच्चि, चेन्नई, कामराजार (पुराना नाम एन्नोर), वीओ चिदंबरनार, विशाखापट्‌टनम, पारादीप और कोलकाता (हल्दिया सहित) शामिल हैं। इनका नियंत्रण केंद्र सरकार करती है। आईपीए इन बंदरगाहों के आंकड़े रखता है।

महामारी के कारण कंटेनर्स, कोयला, पेट्र्रोलियम, ऑयल और लुब्रिकेंट की हैंडलिंग में भारी गिरावट

कारोबारी साल 2019-20 में इन बंदरगाहों ने कुल 70.5 करोड़ टन कार्गो ट्रैफिक हैंडल किया था। कार्गो ट्रैफिक में कंटेनर कार्गो, कोयला, फर्टिलाइजर्स, पेट्रोलियम उत्पाद व अन्य सेगमेंट शामिल हैं। कोरोनावायरस महामारी फैलने के बाद कंटेनर्स, कोयला और पोल (पेट्र्रोलियम, ऑयल और लुब्रिकेंट) की हैंडलिंग में भारी गिरावट आई है।

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सितंबर 2020 में 12 प्रमुख बंदरगाहों पर कोयले के वॉल्यूम में लगातार छठे महीने गिरावट रहीसितंबर 2020 में 12 प्रमुख बंदरगाहों पर कोयले के वॉल्यूम में लगातार छठे महीने गिरावट रही

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