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  • The Final Hearing Of The Tata And Mistry Dispute Is Going On In The Supreme Court

क्या हो जाएगा मिस्त्री का टाटा:सुप्रीम कोर्ट में चल रही है टाटा-मिस्त्री विवाद की आखिरी सुनवाई

नई दिल्ली9 महीने पहले
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  • 18 पर्सेंट की होल्डिंग वाले माइनॉरिटी के पास टाटा ग्रुप की कंपनियों की कमान है
  • NCLAT को चेयरमैन बनाने और हटाने का अधिकार कुछ परिस्थितियों में है: साल्वे

सुप्रीम कोर्ट में आज टाटा बनाम सायरस मिस्त्री विवाद की आखिरी सुनवाई चल रही है। चीफ जस्टिस एसए बोबड़े ने 8 दिसंबर का दिन सिर्फ इस मामले की सुनवाई के लिए तय किया है। कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) ने सायरस मिस्त्री को टाटा संस के चेयरमैन पद से हटाने को गलत बताया था। उसने मिस्त्री को दोबारा चेयरमैन बनाने का आदेश दिया था, जिसके खिलाफ टाटा संस सुप्रीम कोर्ट चली गई थी।

18 पर्सेंट होल्डिंग वाले माइनॉरिटी के पास कमान

मामले में टाटा संस का पक्ष रख रहे सीनियर एडवोकेट हरीश साल्वे ने कहा कि NCLAT ने अपने आदेश से कंपनी का कंट्रोल माइनॉरिटी शेयरहोल्डर के हाथों में दे दिया है। फिलहाल 18 पर्सेंट की होल्डिंग वाले माइनॉरिटी के पास टाटा ग्रुप की कंपनियों की कमान है। जब चीफ जस्टिस बोबड़े ने पूछा कि क्या NCLAT को चेयरमैन बनाने और हटाने का अधिकार है तो साल्वे ने कहा कि कुछ परिस्थितियों में ऐसा हो सकता है।

NCLAT ने मामले में अपनी तरफ से कदम उठा लिया

साल्वे ने कहा कि मिस्त्री और पलोन जी ग्रुप ने सायरस की जगह एन चंद्रशेखरन को अप्वाइंट किए जाने पर कभी सवाल नहीं उठाया लेकिन NCLAT ने अपनी तरफ से मामले में कदम उठा लिया जबकि उसको यह अधिकार नहीं है। कंपनी की स्थापना के वक्त बोर्ड के लिए ऐसी व्यवस्था की गई थी कि वह शेयरहोल्डर्स को अपने शेयर बेचने पर मजबूर कर सके।

रिअप्वाइंटमेंट की मांग नहीं कर सकते माइनॉरिटी शेयरहोल्डर

सीनियर एडवोकेट ने कहा कि मिस्त्री मार्च 2017 तक के लिए टाटा संस का एग्जिक्यूटिव चेयरमैन बनाए गए थे और अगर दोबारा अप्वाइंट नहीं किए गए तो माइनॉरिटी शेयरहोल्डर होने के चलते रिअप्वाइंटमेंट की मांग नहीं कर सकते थे।

कहां से कहां गई मिस्त्री और टाटा की मुकदमेबाजी

24 अक्टूबर 2016 को टाटा ग्रुप ने सायरस मिस्त्री को टाटा संस के चेयरमैन के पद से हटा दिया था और रतन टाटा को कंपनी का अंतरिम चेयरमैन बनाया था। टाटा संस का कहना था, मिस्त्री के कामकाज का तरीका ग्रुप के तौर तरीके से मेल नहीं खा रहा है। 12 जनवरी 2017 को एन चंद्रशेखरन टाटा संस के चेयरमैन बनाए गए।

टाटा संस में मिस्त्री परिवार की 18.4% की हिस्सेदारी

टाटा के 150 साल से भी बड़े इतिहास में सायरस मिस्त्री छठे ग्रुप चेयरमैन थे। दिसंबर 2012 को रतन टाटा ने टाटा संस के चेयरमैन पद से रिटायरमेंट ले लिया तो उनका पद सायरस मिस्त्री को दे दिया गया। टाटा संस में मिस्त्री परिवार की 18.4% की हिस्सेदारी है और वह टाटा ट्रस्ट के बाद टाटा संस में दूसरे बड़े शेयरहोल्डर्स है।

टाटा संस और टाटा ग्रुप एक कंपनी हैं या अलग-अलग

टाटा संस और टाटा ग्रुप को लोग एक समझ लेते हैं जबकि ऐसा कतई नहीं है। टाटा संस 100 से ज्यादा कंपनियों के जरिए सुई से लेकर हवाई जहाज तक बनाने वाले टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी है। ग्रुप की अहम कंपनियों में टाटा संस की हिस्सेदारी 25 से लेकर 73% तक है, सबसे ज्यादा हिस्सेदारी टाटा इनवेस्टमेंट कॉर्पोरेशन में है।

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