पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App
  • Market Watch
  • SENSEX52499.7-0.52 %
  • NIFTY15771.95-0.61 %
  • GOLD(MCX 10 GM)48349-0.2 %
  • SILVER(MCX 1 KG)715020.37 %

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

इस बार खूब सारा स्पेक्ट्रम खरीदेगी Jio:मुकेश अंबानी की कंपनी ने 10k करोड़ रुपए का EMD जमा किया

नई दिल्ली4 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
भारती एयरटेल ने 3,000 करोड़ रुपए और वोडाफोन आइडिया (Vi) ने 475 करोड़ रुपए जमा किए हैं - Money Bhaskar
भारती एयरटेल ने 3,000 करोड़ रुपए और वोडाफोन आइडिया (Vi) ने 475 करोड़ रुपए जमा किए हैं
  • 1 मार्च को शुरू होगी टेलीकॉम स्पेक्ट्रम की अगली नीलामी
  • DoT ने गुरुवार को प्री-क्वालिफाइड बिडर्स की सूची जारी की

पहली मार्च को शुरू होने जा रही स्पेक्ट्रम नीलामी के लिए रिलायंस जियो इंफोकॉम (Jio) ने 10,000 करोड़ रुपए का अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट (EMD) जमा कर दिया है। भारती एयरटेल ने 3,000 करोड़ रुपए और वोडाफोन आइडिया (Vi) ने 475 करोड़ रुपए जमा किए हैं। दूरसंचार विभाग (DoT) ने गुरुवार को प्री-क्वालिफाइड बिडर्स की सूची जारी करते हुए यह जानकारी दी।

EMD की रकम से कंपनियों की बिडिंग स्ट्रैटेजी का पता चलता है। यह कंपनियों को योग्यता प्वॉइंट देती है, जिसके आधार पर कंपनियां किसी खास सर्किल में एक निश्चित सीमा तक स्पेक्ट्रम के लिए बोली लगा सकती हैं। DoT के नोटिस के मुताबिक जियो को 73,007 योग्यता प्वॉइंट मिले हैं। एयरटेल को 24,924 और Vi को 6,153 प्वॉइंट मिले हैं।

जियो 50,000-70,000 करोड़ रुपए के 4G स्पेक्ट्रम खरीद सकेगी

इस EMD के साथ जियो 50,000-70,000 करोड़ रुपए मूल्य के 4G स्पेक्ट्रम खरीद सकेगी। कंपनी पुराने स्पेक्ट्रम का नवीनीकरण करना है और बढ़ती डाटा खपत के कारण नए स्पेक्ट्रम भी खरीदना है। उद्योग के विशेषज्ञों के मुताबिक भारती एयरटेल ने जितनी EMD जमा की है उसके बल पर वह 15,000-25,000 करोड़ रुपए के स्पेक्ट्रम खरीद सकेगी। वित्तीय रूप से सबसे कमजोर कंपनी Vi 2,500-3,500 करोड़ रुपए के स्पेक्ट्रम खरीद सकेगी। तीनों कंपनियां किसी भी सर्किल में किसी भी बैंड के स्पेक्ट्रम के लिए बोली लगा सकती हैं। लेकिन EMD और अधिकतम स्पेक्ट्रम से जुड़ी हुई सीमा लागू रहेगी।

सरकार को करीब 50,000 करोड़ रुपए की कमाई होने की उम्मीद

700 MHz से 2500 MHz के बीच 7 बैंड्स में नीलामी किए जा रहे 2,300 स्पेक्ट्रम का कुल बेस प्राइस 3.92 लाख करोड़ रुपए है। हालांकि विश्लेषकों का मानना है कि सरकार को 50,000 करोड़ रुपए से कम ही कमाई होगी। इस नीलामी में सबसे महंगे 700 MHz बैंड के स्पेक्ट्रम के बिकने की उम्मीद नहीं है। 2016 में भी इस बैंड के स्पेक्ट्रम नहीं बिक पाए थे।

Jio को 800 MHz बैंड में स्पेक्ट्रम को रिन्यू करना है

जियो की यह EMD बाजार की उम्मीदों के अनुरूप है। बाजार पहले से ही मान रहा था कि जियो इस नीलामी में सबसे आक्रामक खरीदार होगा, क्योंकि कंपनी को 800 MHz बैंड में स्पेक्ट्रम को तो रिन्यू करने ही हैं साथ ही वह रिलायंस कम्युनिकेशंस के जिन स्पेक्ट्रम का उपयोग कर रही है, उनका भी नवीनीकरण किया जाना जरूरी है। खरीदारी के मामले में जियो के बाद एयरटेल और उसके पीछे Vi के रहने की उम्मीद है।

Vi सबसे कम स्पेक्ट्रम खरीदेगी

BofA सिक्युरिटीज के अनुमानों के मुताबिक Jio 800 MHz के स्पेक्ट्रम को रिन्यू तो करेगी ही साथ ही 2300 Mhz बैंड में भी स्पेक्ट्रम खरीदेगी। एयरटेल मुख्य रूप से 1800 MHz बैंड में और कुछ हद तक 2300 Mhz बैंड में स्पेक्ट्रम खरीदेगी। Vi कुछ सर्किल में 1800 Mhz बैंड में कुछ स्पेक्ट्रम को रिन्यू करना चाहेगी।

Jio व एयरटेल 5G सर्विस देने के लिए भी कुछ 4G स्पेक्ट्रम खरीद सकती है

पुराने स्पेक्ट्रम को रिन्यू करने के अलावा Jio और एयरटेल 5G सर्विस देने के लिए भी कुछ 4G स्पेक्ट्रम खरीद सकती है। हाल में संशोधित नीलामी के नियमों में कंपनियों को 6 महीने के नोटिस पर मौजूदा 4G बैंड पर 5G जैसी नई टेक्नोलॉजी ऑफर करने की अनुमति दी गई है। इससे इन कंपनियों को 3300-3600 MHz बैंड में स्पेक्ट्रम नीलामी का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। 5G टेक्नोलॉजी के लिए 3300-3600 MHz बैंड को चिह्नित किया गया है।