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टाटा की हो सकती है बिसलेरी:बिजनेस संभालने से बेटी का इनकार, इसलिए कंपनी बेचने का फैसला

मुंबई9 दिन पहले
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सॉफ्ट ड्रिंक ब्रांड थम्स अप, गोल्ड स्पॉट और लिम्का को कोका-कोला को बेचने के लगभग तीन दशक बाद, रमेश चौहान बिसलेरी इंटरनेशनल को बेचने जा रहे हैं। इकोनॉमिक टाइम्स ने इसे लेकर एक रिपोर्ट पब्लिश की है। रिपोर्ट के मुताबिक टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (TCPL) बिसलेरी को 6,000-7,000 करोड़ रुपए में खरीद रहा है।

हालांकि इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद न्यूज एजेंसी PTI ने बिसलेरी के चेयरमैन रमेश चौहान से बात की। चौहान ने कहा कि वह अपने पैकेज्ड पानी के कारोबार के लिए एक खरीदार की तलाश कर रहे हैं और टाटा कंज्यूमर सहित कई प्लेयर्स से बात कर रहे हैं। टाटा के साथ 7,000 करोड़ की डील अभी फाइनल नहीं हुई है।

बिजनेस बढ़ाने के लिए उत्तराधिकारी नहीं
82 साल के चौहान का कहना है कि बिसलेरी को विस्तार के अगले लेवल पर ले जाने के लिए उनके पास उत्तराधिकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि बेटी जयंती कारोबार में ज्यादा दिलचस्पी नहीं रखती। बिसलेरी भारत की सबसे बड़ी पैकेज्ड वाटर कंपनी है। चौहान ने इसे साल 1969 में करीब 4 लाख रुपए में खरीदा था।

जयंती अपने पिता रमेश चौहान के साथ। जयंती ने 24 साल की उम्र में बिसलेरी जॉइन की थी।
जयंती अपने पिता रमेश चौहान के साथ। जयंती ने 24 साल की उम्र में बिसलेरी जॉइन की थी।

टाटा ग्रुप बेहतर तरीके से बिजनेस बढ़ाएगा
इससे पहले ET ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि चौहान ने कहा- टाटा ग्रुप मेरे बिजनेस की और भी बेहतर तरीके से देखभाल करेगा और आगे बढ़ाएगा। मुझे टाटा का कल्चर पसंद है, इसलिए अन्य खरीदारों के बावजूद मैंने टाटा को चुना। कहा जाता है कि बिसलेरी को खरीदने के लिए रिलायंस रिटेल, नेस्ले और डेनोन सहित कई दावेदार थे।

चौहान चैरिटी में लगाएंगे पैसा
चौहान ने कहा कि वह बिसलेरी में माइनॉरिटी स्टेक भी नहीं रखेंगे। उन्होंने कहा कि बिजनेस को बेचने के बाद उन्हें कंपनी में माइनॉरिटी स्टेक होल्ड करने का कोई कारण नजर नहीं आता है। वहीं उन्होंने बताया कि बोतलबंद पानी के कारोबार से बाहर निकलने के बाद, वह वाटर हार्वेस्टिंग, प्लास्टिक रीसाइक्लिंग जैसे पर्यावरण और चैरिटी से जुड़े कामों पर फोकस करना चाहते हैं।

FY23 में 220 करोड़ के प्रॉफिट का अनुमान
चौहान ने कहा कि FY23 के लिए बिसलेरी ब्रांड का कारोबार 220 करोड़ रुपए के प्रॉफिट के साथ 2,500 करोड़ रुपए होने का अनुमान है। मार्च 2021 को खत्म साल में कंपनी ने 1,181.7 करोड़ रुपए की बिक्री और 95 करोड़ रुपए का प्रॉफिट दर्ज किया। वहीं मार्च 2020 को खत्म वित्त वर्ष में कंपनी का रेवेन्यू 1,472 करोड़ रुपए था और 100 करोड़ रुपए का प्रॉफिट दर्ज किया था।

27 साल की उम्र में मिनरल वाटर बेचना शुरू किया
मिनरल वाटर ब्रांड 'बिसलेरी' को भारत में पॉपुलर बनाने वाले रमेश चौहान का जन्म 17 जून 1940 को जयंतीलाल और जया चौहान के यहां मुंबई में हुआ था। उनके दोस्त उन्हें आरजेसी के नाम से बुलाते हैं। उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग और बिजनेस मैनेजमेंट किया है। हमेशा अपने समय से आगे रहने के लिए जाने जाने वाले चौहान ने 27 साल की उम्र में भारतीय बाजार में बोतलबंद मिनरल वाटर पेश किया था।

50 साल से ज्यादा के करियर में रमेश चौहान ने बिसलेरी को मिनरल वाटर का भारत का टॉप ब्रांड बना दिया
50 साल से ज्यादा के करियर में रमेश चौहान ने बिसलेरी को मिनरल वाटर का भारत का टॉप ब्रांड बना दिया

पारले एक्सपोर्ट्स ने 1969 में इटली के एक बिजनेसमैन से बिसलेरी को खरीदा था और भारत में मिनरल वाटर बेचना शुरू किया था। 50 साल से ज्यादा के करियर में चौहान ने बिसलेरी को मिनरल वाटर का भारत का टॉप ब्रांड बना दिया। चौहान ने प्रीमियम नेचुरल मिनरल वाटर ब्रांड वेदिका भी बनाया है। इसके अलावा थम्सअप, गोल्ड स्पॉट, सिट्रा, माजा और लिम्का जैसे कई ब्रांड को बनाने वाले भी चौहान ही हैं।

जयंती ने प्रोडक्ट डेवलपमेंट की पढ़ाई की
रमेश चौहान की बेटी जयंती ने हाई स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद प्रोडक्ट डेवलपमेंट की पढ़ाई करने के लिए लॉस एंजिल्स के फैशन इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन एंड मर्चेंडाइजिंग (FIDM) में एडमिशन लिया। फिर उन्होंने इस्टिटूटो मारंगोनी मिलानो में फैशन स्टाइलिंग को सीखा। उन्होंने लंदन कॉलेज ऑफ फैशन से फैशन स्टाइलिंग और फोटोग्राफी भी सीखी है।

रमेश चौहान की बेटी जयंती चौहान। वो अभी कंपनी में वाइस चेयरपर्सन की जिम्मेदारी संभाल रहीं हैं।
रमेश चौहान की बेटी जयंती चौहान। वो अभी कंपनी में वाइस चेयरपर्सन की जिम्मेदारी संभाल रहीं हैं।

जयंती ने 24 साल की उम्र में बिसलेरी जॉइन की थी। उन्होंने दिल्ली ऑफिस का कार्यभार संभाला, जहां उन्होंने जमीनी स्तर पर शुरुआत की। उन्होंने फैक्ट्री का रेनोवेशन और ऑटोमेशन किया। 2011 में उन्होंने मुंबई ऑफिस का कार्यभार संभाला। न्यू प्रोडक्ट डेवलपमेंट के साथ वो पुराने प्रोडक्ट के ऑपरेशन को स्ट्रीमलाइन करने में भी शामिल रहीं। जयंती शौकिया फोटोग्राफर और ट्रैवलर भी हैं। अभी वो कंपनी में वाइस चेयरपर्सन हैं।

1969 में इटैलियन कारोबारी से खरीदी थी बिसलेरी

बिसलेरी की पूरी कहानी यहां पढ़ सकते हैं...

बात भारत के आजादी के कुछ सालों बाद की है। उस वक्त एक डॉक्टर थे सेसार रॉसी। उनके दिमाग में एक बिजनेस आइडिया आया। सोचा कि भारत में आने वाले दिनों में पानी का कारोबार काफी सफल हो सकता है। उस समय पानी की उपलब्धता तो बहुत आसान थी, लेकिन साफ और मिनरल वाटर मिलना मुश्किल था। ऐसे में 1965 में डॉ. रॉसी ने खुशरू सुंतूक नाम के एक वकील के साथ मिलकर इंडिया में बिसलेरी लॉन्च की। पूरी खबर पढ़े...