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बाजार की तेजी का असर:1 अरब डॉलर मार्केट कैप की कंपनियों की संख्या में यूके को पीछे छोड़ सकता है भारत, अमेरिका पहले नंबर पर

मुंबई2 महीने पहले
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  • TCS, RIL और एचडीएफसी बैंक का मार्केट कैप 100 अरब डॉलर के पार है
  • देश में लिस्टेड कुल कंपनियों का मार्केट कैप 210 लाख करोड़ रुपए के करीब है

एक अरब डॉलर के मार्केट कैप वाली कंपनियों के मामले में भारत विश्व में पांचवें नंबर पर है। भारत में कुल 335 ऐसी कंपनियां हैं जिनका मार्केट कैप 1 अरब डॉलर से ज्यादा है। जबकि पहले नंबर पर अमेरिका है। अमेरिका में 2,780 कंपनियां हैं। भारत यूके को इस मामले में पीछे छोड़ सकता है।

56 कंपनियां 10 अरब डॉलर मार्केट कैप वाली

भारत में 56 ऐसी कंपनियां हैं जो 10 अरब डॉलर के मार्केट कैप वाली हैं। जबकि तीन कंपनियां 100 अरब डॉलर के मार्केट कैप वाली हैं। इसमें टाटा कंसलटेंसी सर्विसेस (TCS), रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) और एचडीएफसी बैंक हैं। टॉप 10 कंपनियों में इंफोसिस, हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL), SBI, ICICI बैंक, HDFC आदि हैं।

चीन दूसरे नंबर पर, 2,135 कंपनियां यहां पर हैं

ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के मुताबिक, चीन दूसरे नंबर पर है। यहां पर कुल 2,135 कंपनियां हैं। जापान में 798 और युनाइटेड किंगडम (यूके) में 351 कंपनियां हैं। 10 साल पहले की बात करें यानी 2011 में तो भारत में एक अरब डॉलर यानी 7500 करोड़ रुपए के मार्केट कैप वाली कुल 141 कंपनियां थीं। भारत में इस दौरान कंपनियों की संख्या में 137.9% की बढ़त आई है। पर्सेंट के बढ़त के हिसाब से अमेरिका और चीन आगे है। चीन में 631 कंपनियां थीं जिसमें 238% की बढ़त आई है।

अमेरिका में 2011 में 1,168 कंपनियां

अमेरिका में 2011 में कुल 1,168 कंपनियां थीं जिनमें 138% की बढ़त आई है। जापान में 481 कंपनियां थीं और इसमें 66% की बढ़त दिखी है। टॉप 5 के बाद कनाडा छठें नंबर पर है। यहां पर 2011 में 167 कंपनियां थीं जो अब बढ़कर 307 हो गई हैं। इसमें 84% की बढ़त रही है। दक्षिण कोरिया में 132 से बढ़कर 236 कंपनियां हो गई हैं। जबकि ताइवान में 102 कंपनियों की संख्या बढ़ कर 227 हो गई है। ऑस्ट्रेलिया में 115 कंपनियां थीं अब यह 212 हो गई हैं। फ्रांस में 108 से 163 कंपनियां हो गई हैं।

पहली बार 355 कंपनियां एक अरब डॉलर के क्लब में

भारत में अब तक एक अरब डॉलर मार्केट कैप वाली पहली बार 335 कंपनियां हुई हैं। आने वाले समय में भारत चौथे नंबर पर आने की तैयारी में है। चौथे नंबर पर यूके की तुलना में यहां पर केवल 16 कंपनियां कम हैं। आंकड़े बताते हैं कि भारत टॉप 20 देशों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले देशों में दूसरे नंबर पर है। पहले नंबर पर हांगकांग है। भारत के मार्केट कैप में 246 अरब डॉलर की बढ़त हुई है और इससे इसका कुल मार्केट कैप 2.81 लाख करोड़ डॉलर हो गया है।

25 से ज्यादा कंपनियां हाल में शामिल हुई हैं

आंकड़े बताते हैं कि हाल में 25 से ज्यादा कंपनियां एक अरब डॉलर क्लब में शामिल हुई हैं। इसमें हिंदुस्तान कॉपर, बजाज इलेक्ट्रिकल्स, IIFL फाइनेंस, BASF, NBCC, इंडिया एनर्जी एक्सचेंज, IDFC आदि हैं। इसी तरह कुछ नई कंपनियां जो लिस्ट हुई हैं, वो इसी क्लब में हैं। इसमें इंडियन रेलवे फाइनेंस और इंडिगो पेंट्स हैं।

बाजार की तेजी का मिल रहा है फायदा

दरअसल कंपनियों की तेजी से बढ़ती संख्या का कारण भारतीय बाजार में लगातार तेजी है। भारत के BSE का सेंसेक्स इस समय 51 हजार से ऊपर है और इसका कुल मार्केट कैप 210 लाख करोड़ रुपए है। ऐसे में कंपनियों के बढ़ रहे शेयरों की कीमतों का असर सीधे उनके मार्केट कैप पर भी दिखता है।