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बुनियादी सुधारों का साल रहा 2020:अहम सुधारों से GDP ग्रोथ डबल करने में मिलेगी मदद, लेकिन पूरा असर लंबे समय में दिखेगा

12 दिन पहले
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  • ग्रोथ को मौजूदा 4-5% के लेवल से 8-9% पर ले जाने में कृषि कानून, लेबर कोड, नई शिक्षा नीति और स्वामित्व स्‍कीम का बड़ा हाथ होगा
  • सुधारों से मौजूदा व्यवस्था में उथल-पुथल मचेगी, लेकिन उससे धीरे-धीरे उसकी क्षमता और उत्पादकता, दोनों में बढ़ोतरी होगी

इकोनॉमिक ग्रोथ को मौजूदा 4-5% के लेवल से डबल करके 8-9% पर ले जाने के लिए सरकार को कुछ अहम क्षेत्रों में बड़े सुधारों का फायदा मिलेगा। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक वह इन सुधारों को लेकर बड़े कदम उठा चुकी है। ब्रोकरेज फर्म ने अपने हालिया नोट में चार अहम सुधारों का जिक्र किया है, जिनमें कृषि कानून, लेबर कोड, नई शिक्षा नीति और स्वामित्व स्कीम में लोगों को प्रॉपर्टी कार्ड मुहैया कराना शामिल हैं।

आपदा को अवसर बनाने में लगी रही सरकार

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के हालिया नोट के मुताबिक, सरकार पिछले साल आपदा को अवसर बनाने में लगी रही। इकोनॉमी को कोविड-19 संकट से उबारने के लिए सरकार की तरफ से दिया गया फिस्कल सपोर्ट नाकाफी लग रहा है। लेकिन सरकार ने बुनियादी स्तर पर कई अहम सुधारों को लागू करने की अपनी क्षमता का पूरा इस्तेमाल किया है। ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक, सरकार ने जिन चार अहम सुधारों को लागू करने की दिशा में कदम उठाए हैं, उनमें कृषि कानूनों में किए गए बदलाव काफी चर्चित रहे हैं। इन सुधारों के खिलाफ किसान कुछ महीनों से आंदोलन चला रहे हैं।

सरकार की कार्यान्वयन क्षमता पर निर्भर करेगी कामयाबी

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज का कहना है कि कृषि कानूनों में बदलाव के साथ ही दूसरे सुधार भी आर्थिक लिहाज से अहम हैं। इन सुधारों को देश का हाल बताने वाले कई आर्थिक और सामाजिक संकेतकों की कमजोरियों को दूर करने के मकसद से अपनाया जा रहा है। लेकिन ये सुधार कितने कारगर होंगे, यह इस बात पर निर्भर करेगी कि सरकार इनको लागू करने में कितनी कामयाब रहती है।

सुधारों से मौजूदा व्यवस्था में उथल-पुथल मचेगी

ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक, भले ही तुरंत इन सुधारों का बड़ा असर न दिखे लेकिन इनका पूरा फायदा लंबे समय में नजर आएगा। इन सुधारों के साथ बड़ी बात यह है कि इनसे मौजूदा व्यवस्था में उथल-पुथल मचेगी। इनसे जिन लोगों को अभी जो फायदे हो रहे हैं, उनको नई व्यवस्था में नए लोगों के साथ शेयर करना होगा। इससे धीरे-धीरे उनकी क्षमता और उत्पादकता, दोनों में बढ़ोतरी होगी।

आइए देखते हैं कि सरकार ने कौन से चार अहम सुधार किए हैं।

कृषि कानून

कृषि क्षेत्र में सुधार के तौर पर सितंबर 2020 में तीन कानून पास किए गए। कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) अध्यादेश, 2020 पहला है। दूसरा है: किसान (बंदोबस्ती और सुरक्षा) समझौता और कृषि सेवा विधेयक, 2020 और आवश्यक वस्तु (संशोधन) विधेयक, 2020 तीसरा है।

लेबर रिफॉर्म्स

जहां तक लेबर रिफॉर्म्स की बात है तो श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने 29 केंद्रीय कानूनों को मिलाकर एक करने के लिए लेबर कोड से जुड़े चार विधेयक पेश किए थे। उनमें मजदूरी से जुड़े कोड वाला विधेयक 2019 में पास हो गया था जबकि बाकी विधेयकों को सितंबर 2020 में पास किया गया। सामाजिक सुरक्षा विधेयक, आजीविका सुरक्षा से जुड़ा विधेयक और औद्योगिक संबंधों से जुड़ा विधेयक पिछले साल पास हुआ।

नई शिक्षा नीति

पिछले साल जुलाई में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1986 की जगह यूनियन कैबिनेट ने पिछले साल नई शिक्षा नीति को मंजूरी दे दी। नई शिक्षा नीति का एक उद्देश्य शिक्षा पर होने वाले खर्च को बढ़ा कर जीडीपी के 6% के बराबर लाना है।

स्वामित्व स्कीम

इसके अलावा, सरकार ने पिछले साल अप्रैल में पंचायती राज मंत्रालय के तहत स्वामित्व स्कीम नाम से नई पहल का ऐलान किया था। इसका मकसद ग्रामीण इलाकों में अपनी रिहायशी संपत्ति का दस्तावेजीकरण करना है। इससे उनको अपनी संपत्ति का व्यावसायिक इस्तेमाल करने में मदद मिलेगी।

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