पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App
  • Market Watch
  • SENSEX52574.460.44 %
  • NIFTY15746.50.4 %
  • GOLD(MCX 10 GM)47005-0.25 %
  • SILVER(MCX 1 KG)67877-1.16 %
  • Business News
  • Stock Market Indian Economic Growth Connection; What Is The Role? And Why Is Sensex Increasing? | Broking Company Motilal Oswal Financial Services

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

230 लाख करोड़ रुपए का हुआ बाजार:आने वाले दिनों में इकोनॉमी में 9.5% ग्रोथ की संभावना; शेयरों से ही मिलेगा अच्छा रिटर्न, 4 एक्सपर्ट से समझें इकोनॉमी और शेयर बाजार का कनेक्शन

मुंबई14 दिन पहले
  • कॉपी लिंक

कोरोना की दूसरी लहर की वजह से लॉकडाउन ने इकोनॉमी की रफ्तार धीमी की। लेकिन शेयर बाजार में खरीदारी अपनी गति से चलती रही। नतीजतन बाजार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा। वहीं, एशिया के सबसे पुराने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड कंपनियों का नेटवर्थ, देश की GDP (सकल घरेलू उत्पाद) से ज्यादा हो गई।

लोगों के घरों में लॉक और कारोबारी गतिविधियां सुस्त होने से आर्थिक ग्रोथ डाउन हुई। लेकिन निवेशकों को आज की चिंता के मुकाबले भविष्य में होने वाली आर्थिक मजबूती ज्यादा समझ में आ रही है। वहीं, घरेलू बाजारों को फॉरेन मार्केट का भी सपोर्ट मिल रहा है।

निवेशक उन शेयरों में खरीदारी कर रहे हैं, जिन कंपनियों में अच्छी ग्रोथ के संकेत हैं। बाजार में खरीदारी का नतीजा है कि लिस्टेड कंपनियों की कुल मार्केट वैल्यू 230 लाख करोड़ रुपए के करीब पहुंच गई है।

4 एक्सपर्स्ट से जानिए बाजार में तेजी का राज क्या है?
इकोनॉमी और शेयर मार्केट के संबंध को समझने के लिए हमने 4 एक्सपर्ट्स से बातचीत की, जिसमें जानेमाने शेयर मार्केट एक्सपर्ट अजय बग्गा, मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के वाइस प्रेसिडेंट चंदन तापड़िया, ICRA रेटिंग्स की सीनियर इकोनॉमिस्ट अदिति नायर और प्रॉफिट मार्ट सिक्योरिटीज अविनाश गोरक्षकर शामिल हैं...

सबसे पहले घरेलू शेयर बाजार में रिकॉर्ड तेजी की वजह जानिए...

  • विदेशी शेयर बाजारों में पॉजिटिव ग्रोथ
  • बॉन्ड मार्केट में आई स्थिरता का फायदा
  • कोरोना के मामलों में लगातार गिरावट
  • देश में वैक्सीनेशन की रफ्तार में तेजी
  • कंपनियों ने चौथी तिमाही के मजबूत नतीजे जारी किए

ब्रोकिंग कंपनी मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के वाइस प्रेसिडेंट चंदन तापड़िया कहते हैं कि देश में करीब 15% आबादी को वैक्सीन लग गई है। साथ ही लॉकडाउन के दौरान चुनिंदा सेक्टर को रियायतें भी दी गई। इससे इकोनॉमी में पहली बार की तरह भारी गिरावट नहीं आई। हालांकि, रेटिंग एजेंसियों ने ग्रोथ पर अपने पहले के अनुमान को घटाया है।

आर्थिक रियायतों से बाजार को सपोर्टउन्होंने कहा कि लॉकडाउन में रियायतों में छूट से शेयर बाजार को मोमेंटम मिला है। यहां कोविड-19 वायरस को इवेंट की तरह देखा जा रहा है। जिस पर मार्केट ने ज्यादा फोकस नहीं किया। GDP और मार्केट कैप के रेशियों पर उन्होंने कहा कि कंपनियों की वैल्यूएशन हमेशा आगे की ग्रोथ पर निर्भर होता है। इसलिए इसको सकारात्मक यानी पॉजिटिव मानना चाहिए।

संक्रमण दर में गिरावट और वैक्सीनेशन बढ़ने से बाजार में रिकॉर्ड तेजी
शेयर बाजार में तेजी का आलम इस बात से पता चलता है कि सेंसेक्स 1 अप्रैल को जब दूसरी लहर की शुरुआत हुई तब 50 हजार के लेवल पर था, लेकिन 22 अप्रैल को इंडेक्स 47,200 तक फिसल गया। हालांकि वैक्सीनेशन बढ़ने और संक्रमण दर में गिरावट से इंडेक्स 7 जून को अब तक के सबसे ऊंचे स्तर 52,378 को भी छुआ। कुल मिलाकर निवेशकों को इस अवधि में 4.59% का रिटर्न मिला। इस दौरान BSE पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप 207 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 229 लाख करोड़ रुपए हो गया है।

GDP एक तस्वीर और मार्केट कैप फ्लो है
मार्केट एक्सपर्ट अजय बग्गा के मुताबिक GDP एक तस्वीर है और मार्केट कैप फ्लो को दर्शाता है, जो भविष्य की संभावनाओं पर टिका होता है। इसी तरह अविनाश गोरक्षकर भी मानते हैं कि मार्केट कैप का ज्यादा होने का मतलब होता है कि कहीं न कहीं शेयर बाजार भी आने वाले दिनों में पॉजिटिव ग्रोथ देख रहा है। रिकॉर्ड बढ़त में शेयरों की वैल्यू काफी महंगी हो गई है।

इकोनॉमी को एग्री सेक्टर का सपोर्ट
वहीं, अदिति नायर कहती हैं कि अच्छे मानसून के चलते एग्री सेक्टर में उम्मीद से बेहतर ग्रोथ की संभावना है। 2021 में खरीफ फसल की अच्छी बुआई होगी। हालांकि दूसरी लहर से एग्रीकल्चर सेक्टर पर बुरा असर तो पड़ा ही है। इससे ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों का दवाइयों पर खर्च और बेरोजगारी बढ़ी है।

उन्होंने कहा कि ओवरऑल इकोनॉमी ग्रोथ खासतौर पर वैक्सीनेशन और साल के अंत में पाबंदियों की स्थिति पर निर्भर होगा। ऐसे इक्रा को उम्मीद है कि फाइनेंशियल इयर 2021-22 में GDP 8% से 9.5% बढ़ सकती है।

मार्केट के जानकारों ने दी सेफ और बेहतर रिटर्न वाली सलाह…
अजय बग्गा के मुताबिक इस वक्त निवेशकों को सेफ और बैलेंस इन्वेस्टमेंट की सलाह होगी। यानी इन्वेस्टमेंट वाली कुल रकम को 60% हिस्सा शेयर बाजार, 20% फिक्स्ड डिपॉजिट (FD), 10% गोल्ड और 10% रियल एस्टेट में लगाएं। इसमें रियल एस्टेट काफी महंगा निवेश है तो इसके लिए निवेशक रिट (RIET) के जरिए इन्वेस्ट कर सकते हैं।

चंदन तापड़िया ने निवेशकों को शॉर्ट और लॉन्ग टर्म के लिए ऑटो में टाटा मोटर्स में निवेश की सलाह दी है। पोर्टफोलियो में अच्छे ऑर्डर को देखते हुए L&T में निवेश किया जा सकता है। इसी तरह ग्रासिम और वोल्टास के शेयर भी अच्छे रिटर्न दे सकते हैं।

बाजार की बढ़त में घरेलू निवेशकों की बड़ी हिस्सेदारी
BSE के मुताबिक 31 मई तक देश में कुल 6.9 करोड़ डीमैट अकाउंट थे। रजिस्टर्ड इन्वेस्टर्स अकाउंट का आंकड़ा 7 करोड़ को पार कर गया है। फाइनेंशियल इयर 2020-21 के दौरान ब्रोकरेज कंपनियों ने पिछले साल अप्रैल से 31 मई 2021 तक हर महीने औसतन 13 लाख नए डीमैट अकाउंट खोले हैं।

मार्केट रेगुलेटर सेबी के नियमों के मुताबिक एक साल से ज्यादा समय के लिए इस्तेमाल नहीं किए जाने वाले डीमैट अकाउंट को डीएक्टिवेट माना जाता है।

खबरें और भी हैं...