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  • Stock Market Alert; SEBI Likely To Notify Investor Charter In Nov 2021

सेबी चेयरमैन की सलाह:गलत रिटर्न और मीठे वादों के लालच में न आएं निवेशक, जल्द ही आएगा इन्वेस्टर चार्टर

मुंबई6 महीने पहले
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फाइनेंशियल रेगुलेटर भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के चेयरमैन अजय त्यागी ने निवेशकों को अवास्तविक (unrealistic) रिटर्न और मीठे-मीठे वादों के लालच में आने के प्रति आगाह किया। त्यागी अगले साल फरवरी में रिटायर होंगे।

आएगा चार्टर इन्वेस्टर

त्यागी इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि "निवेशकों को सिक्योरिटी बाजार में अवास्तविक रिटर्न के लालच में फंसने से सावधान रहना चाहिए। सेबी भारतीय सिक्योरिटी मार्केट में निवेशकों के हितों की रक्षा के लिए एक इन्वेस्टर चार्टर ला रहा है। अजय त्यागी ने कहा कि स्टॉक मार्केट वैल्यूएशन पहले ही टॉप पर पहुंच चुका है। कंपनियां निवेशकों से फंड जुटाने के लिए IPO की लाइन लगा रही हैं।

भोले-भाले निवेशकों का फायदा उठाते हैं असामाजिक तत्व

सेबी चेयरमैन ने कहा कि कई बार, असामाजिक तत्व भोले-भाले निवेशकों का फायदा उठाकर ऐसे वादे करते हैं जो चांद तारों के सपने दिखाते हैं। इसलिए निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे इस तरह के बेतुके ऑफर्स से सावधान रहें। उनके अनुसार, निवेशकों को पहली बात यह समझने की जरूरत है कि जब भी किसी पैसों का निवेश किया जाता है तो उसमें कुछ जोखिम अवश्य शामिल होते हैं। इसलिए, यह महत्वपूर्ण है कि निवेशक जिस उत्पाद में निवेश कर रहे हैं उसमें शामिल जोखिमों और उनकी जोखिम लेने की क्षमता से अच्छी तरह से अवगत हों।

गलत रास्ते पर जाने की बजाय दूर रहें

उन्होंने कहा कि यदि निवेशक किसी विशेष फाइनेंशियल प्रोडक्ट का आंकलन करने में सक्षम नहीं हैं, तो गलत रास्ते पर जाने के बजाय इससे दूर रहना ही उनके लिए बेहतर होगा। उन्होंने कहा पंजीकृत मध्यस्थों (registered intermediaries), विनियमित संस्थाओं (regulated entities) और असेट मैनेजमेंट कंपनी द्वारा अलग निवेशक चार्टर बनाए गए हैं।

चार्टर का उद्देश्य जागरुकता पैदा करना है

त्यागी ने कहा कि इन चार्टर्स का उद्देश्य निवेशकों को उन्हें प्रदान की जा रही विभिन्न सेवाओं के बारे में जागरूकता पैदा करना है। इसमें इस बात का जिक्र होगा कि निवेशक शिकायत निवारण तंत्र (grievance redressal mechanism) जैसी विभिन्न सेवाओं से संबंधित समय सीमा, उनके अधिकार और जिम्मेदारियां और सिक्योरिटी मार्केट में निवेश करने के लिए क्या करें और क्या न करें।

बाजार का मार्केट कैप दोगुना हुआ

गौरतलब है कि 2016-17 के अंत में बाजार का मार्केट कैप लगभग 120 लाख करोड़ रुपए था। अब यह मार्केट कैप 262 लाख करोड़ रुपए है। इक्विटी कैश मार्केट और डेरिवेटिव मार्केट टर्नओवर में भी अच्छा उछाल देखा गया है। उन्होंने कहा कि औसत मासिक इक्विटी कैश मार्केट टर्नओवर वित्त वर्ष 2019-20 में 8 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर इस वित्त वर्ष में अक्टूबर 2021 तक 15.5 लाख करोड़ रुपए से अधिक हो गया।

म्यूचुअल फंड का AUM 37 लाख करोड़ रुपए

म्यूचुअल फंड उद्योग का असेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 2017-18 में 21 लाख करोड़ रुपए से 31 अक्टूबर, 2021 तक 37 लाख करोड़ रुपए हो गया है जो करीबन दोगुना हो गया। त्यागी ने कहा कि सिक्योरिटी मार्केट में रिटेल निवेशकों की भागीदारी में पिछले दो सालों में तेजी से वृद्धि देखी गई है। डीमैट खाते, म्यूचुअल फंड फोलियो और सिस्टैमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) की संख्या में तेजी से बढ़त हो रही है।

हर महीने खुल रहे 26 लाख डीमैट अकाउंट

उन्होंने कहा कि 2019-20 में हर महीने औसतन 4 लाख नए डीमैट खाते खोले गए। चालू वित्त वर्ष में यह आंकड़ा 26 लाख प्रति माह से अधिक हो गए। अगर हम म्यूचुअल फंड फोलियो की संख्या देखें तो वित्त वर्ष 2019-20 की शुरुआत में फोलियो की कुल संख्या 8.25 करोड़ थी, जो 31 अक्टूबर 2021 तक बढ़कर 11.44 करोड़ हो गई।

पिछले दो वित्तीय वर्षों के दौरान औसतन लगभग 52 लाख SIP अकाउंट जोड़े गए। इस वित्तीय वर्ष के पहले छह महीने के दौरान पहले ही लगभग 75 लाख SIP अकाउंट जोड़े जा चुके हैं।