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कॉरपोरेट डिफॉल्ट /कर्ज चुकाने में विफल हुआ शापूरजी पालनजी ग्रुप, स्टर्लिंग एंड विल्सन सोलर को जून और सितंबर की किस्तों का भुगतान नहीं कर पाया

शापूरजी ग्रुप को 1,000 करोड़ रुपए से ज्यादा का भुगतान दो किस्तों में जून और सितंबर में करना था शापूरजी ग्रुप को 1,000 करोड़ रुपए से ज्यादा का भुगतान दो किस्तों में जून और सितंबर में करना था

  • एसडब्ल्यूएसएल का शापूरजी ग्रुप पर 2,644 करोड़ रुपए का बकाया था
  • प्रमोटर शापूरजी ग्रुप ने इस रकम में से 1,500 करोड़ रुपए चुका दिए हैं

मनी भास्कर

Sep 16,2020 05:36:00 PM IST

नई दिल्ली. शापूरजी पालनजी ग्रुप अपनी कंपनी स्टर्लिंग एंड विल्सन सोलर लिमिटेड(एसडब्ल्यूएसएल) को कर्ज का भुगतान करने में विफल हो गया है। यह बात एसडब्ल्यूएसएल ने बुधवार को शेयर बाजार को दी गई एक सूचना में कही। 1,000 करोड़ रुपए से ज्यादा का डिफॉल्ट हुआ है। इसका भुगतान दो किस्तों में जून और सितंबर में होना था।

एसडब्ल्यूएसएल ने प्रमोटर शापूरजी पालनजी ग्रुप को 2,644 करोड़ रुपए का लोन दिया था। स्टर्लिंग एंड विल्सन सोलर के आईपीओ के बाद 90 दिनों के भीतर इस लोन का भुगतान होना था। यह आईपीओ मध्य नवंबर 2019 को बंद हुआ था।

30 जून को होना था 500 करोड़ रुपए का भुगतान

प्रमोटर ने क्रेडिट मार्केट की हालत तेजी से खराब होने का हवाला देते हुए लोन की बची हुई रकम को चुकाने के लिए अतिरिक्त समय की मांग की थी। प्रमोटर ने अब तक 1,500 करोड़ रुपए चुका दिए हैं। 500 करोड़ रुपए का भुगतान 30 जून को और बाकी रकम का भुगतान 30 सितंबर को होना था।

जून की किस्त में से सिर्फ 103 करोड़ रुपए का भुगतान हुआ

एसडब्ल्यूएसएल ने बुधवार को शेयर बाजार को दी गई सूचना में कहा कि जून 2020 की 500 करोड़ रुपए की किस्त में से 103 करोड़ रुपए का भुगतान कर दिया गया है। प्रमोटर ने बाकी रकम का भुगतान करने के लिए सितंबर 2021 तक का समय मांगा है। प्रमोटर ने 15 सितंबर 2020 की तिथि वाले पत्र में बोर्ड से कहा है कि जून 2020 की किस्त में से 397 करोड़ रुपए की बची हुई रकम का भुगतान नहीं किया जा सका है और पहले कई मौकों पर बोर्ड को इसकी वजह बताई गई है।

फंड जुटाने की कोशिश हुई विफल

शेयर बाजार को दी गई सूचना में 30 सितंबर 2020 की किस्त के बारे में कहा गया है कि प्रमोटर ने बोर्ड से कहा है कि फंड जुटाने की एसपीसीपीएल और एसडब्ल्यूपीएल की कोशिश ऐसे कारणों से प्रभावित हुई है, जिन पर उनका नियंत्रण नहीं है। इसलिए प्रमोटर सितंबर 2020 की किस्त का भुगतान नहीं कर पाएगा। इसे देखते हुए प्रमोटरों ने करीब 1,200 करोड़ रुपए की संपत्तियों की सिक्युरिटी ऑफर की है।

शापूरजी ग्रुप ने टाटा संस के शेयरों को प्लेज करने की कोशिश की थी

गौरतलब है कि पिछले दिनों शापूरजी ग्रुप ने टाटा संस में अपने शेयरों को प्लेज कर फंड जुटाने की कोशिश की थी, जिसे टाटा ग्रुप ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। टाटा संस में शापूरजी ग्रुप की करीब 18 फीसदी हिस्सेदारी है। एसपी ग्रुप ने 3,750 करोड़ रुपए जुटाने के लिए मार्क्वी ग्लोबल के साथ एक निश्चित समझौता किया था। इसके अगले दिन ही टाटा संस ने उसे कोर्ट में चुनौती दे दी थी।

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टाटा संस ने उसके शेयरों पर किसी भी प्रकार के डायरेक्ट या इनडायरेक्ट प्लेज पर रोक लगाने की मांग की है। टाटा संस ने कहा है कि उसके शेयरों को प्लेज करने का आखिरी परिणाम यह होगा कि उसके शेयरों का ट्रांसफर होगा। आर्टिकल ऑफ एसोसिएशन के मुताबिक टाटा संस का कोई भी सदस्य यदि उसके शेयर बेचना चाहता है, तो सबसे पहले उन शेयरों को फेयर मार्केट वैल्यू पर खरीदने का अधिकार टाटा संस का होगा। टाटा संस द्वारा शेयरों को खरीदने से इंकार किए जाने के बाद ही कोई भी सदस्य किसी अन्य पार्टी को उसके शेयर बेच सकता है।

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