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निवेशकों का हित:सेबी ने NSE से इनवेस्‍टर प्रोटेक्‍शन फंड की रकम बढ़ाने को कहा, SOP जारी करने की भी सलाह

मुंबई13 दिन पहले
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इससे डिफॉल्ट करने वाले ट्रेडिंग मेंबर के सभी योग्य निवेशक भुगतान को निर्धारित नीति के आधार पर भुगतान किया जाएगा, जिसमें प्रति ग्राहक अधिकतम 25 लाख रुपये देने का प्रावधान है।
  • इनवेस्टर प्रोटेक्शन फंड (IPF) की रकम को 500 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 1,500 करोड़ रुपए करने को कहा है
  • IPF की ज्यादातर रकम लिस्टिंग फीस, सदस्यों के सहयोग, ट्रेजरी इनकम और सदस्यों पर लगने वाले जुर्माने से आती है

मार्केट रेग्यूलेटर सेबी ने ब्रोकर डिफॉल्ट मामलों को ध्यान में रखते हुए नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को नए निर्देश दिए है। इसमें इनवेस्टर प्रोटेक्शन फंड (IPF) की रकम बढ़ाने का कहा है। इससे पहले BSE को भी IPF कॉरपस की जानकारी सार्वजनिक करने को कहा था।

इनवेस्टर प्रोटेक्शन फंड की रकम बढ़ाने को कहा

सेबी ने NSE एक्सचेंज से इनवेस्टर प्रोटेक्शन फंड की रकम को 500 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 1,500 करोड़ रुपए करने को कहा है। वहीं, BSE का इनवेस्टर प्रोटेक्शन फंड 750 करोड़ रुपए है। इससे डिफॉल्ट करने वाले ट्रेडिंग मेंबर के सभी योग्य निवेशक भुगतान को निर्धारित नीति के आधार पर भुगतान किया जाएगा, जिसमें प्रति ग्राहक अधिकतम 25 लाख रुपये देने का प्रावधान है। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर इनवेस्टर प्रोटेक्शन फंड की समीक्षा भी हर छमाही करने का प्रावधान है।

BSE को भी दिया निर्देश

IPF की ज्यादातर रकम लिस्टिंग फीस, सदस्यों के सहयोग, ट्रेजरी इनकम और सदस्यों पर लगने वाले जुर्माने से आती है। इनवेस्टर प्रोटेक्शन फंड की प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए सेबी ने पिछले दिनों BSE को भी निर्देश दिया था कि वह IPF कॉरपस की पर्याप्तता का पता लगाने के लिए सालाना समीक्षा करे और कॉरपस की जानकारी के साथ-साथ अपनी वेबसाइट पर हर महीने निवेशकों के क्लेम की प्रोसेसिंग नीतियों की भी जानकारी दे।

एसओपी जारी करने की सलाह

सेबी ने दोनों ही एक्सचेंजों को विस्तृत एसओपी जारी करने की भी सलाह दी है। इसके जरिए IPF के प्रभाव को बढ़ाया जा सकेगा और डिफॉल्ट की स्थिति में निवेशकों के अनुभवों में सुधार किया जा सकेगा। इन एसओपी में निवेशकों की जानकारी, प्रक्रियाएं, समय सीमा, क्लेम के भुगतान, क्लेम की समीक्षा और किसी ट्रेडिंग सदस्य को डिफॉल्टर रूप में घोषित करना शामिल हैं। एसओपी की मौजूदा प्रक्रियाओं को बेहतर करने पर जोर है, जिसमें डिफॉल्ट पर भुगतान की प्रक्रियाएं तेज करने पर जोर दिया जा रहा है।

क्या होता है IPF?

इनवेस्टर प्रोटेक्शन फंड स्टॉक एक्सचेंज द्वारा स्थापित फंड है, जो डिफॉल्ट करने वाले सदस्यों के ग्राहकों के वैलिड इन्वेस्टमेंट क्लेम को पूरा करने के लिए होता है। इसके लिए सेबी ने स्टॉक एक्सचेंज में आईपीएफ के इस्तेमाल पर दिशा-निर्देश भी निर्धारित किए हैं। हालांकि, यह IPF ट्रस्ट के सलाह पर निर्धारित किया जाता है।