पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App
  • Market Watch
  • SENSEX49792.120.8 %
  • NIFTY14644.70.85 %
  • GOLD(MCX 10 GM)490860.22 %
  • SILVER(MCX 1 KG)659170.23 %
  • Business News
  • SBI Suggestion To Narendra Modi Government Over India Tax Revenue Collection Ahead OF Budget 2021

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

सरकार को सुझाव:SBI ने कहा- सरकार बजट में टैक्स न बढ़ाए, टैक्स विवाद सुलझा कर रेवेन्यू जुटाए

नई दिल्ली7 दिन पहले
  • कॉपी लिंक

कोरोना महामारी के दौरान सरकार का खर्च बढ़ा है। चर्चा है कि सरकार आमदनी बढ़ाने के लिए कोरोना सेस जैसे अतिरिक्त टैक्स के प्रावधान कर सकती है। लेकिन SBI की इकोरैप रिपोर्ट में सरकार को ऐसे कदम उठाने से बचने की सलाह दी गई है।

नए टैक्स के बजाय विवाद सुलझाने की सलाह

SBI की रिपोर्ट में अर्थशास्त्रियों ने एक फरवरी को पेश होने वाले बजट में नए टैक्स नहीं लगाने की सलाह दी है। उनका कहना है कि आमदनी बढ़ाने के लिए सरकार को टैक्स विवाद सुलझाने पर फोकस करना चाहिए। वित्त वर्ष 2018-19 तक लगभग 9.5 लाख करोड़ रुपए के टैक्स को लेकर विवाद चल रहा था। इसमें कॉर्पोरेट टैक्स के 4.05 लाख करोड़ रुपए, इनकम टैक्स के 3.97 लाख करोड़ रुपए और कमोडिटी तथा सर्विस टैक्स के 1.54 लाख करोड़ रुपए शामिल हैं।

सरकार का घाटा रिकॉर्ड 7.4% पहुंचने का अंदेशा

खर्च बढ़ने के कारण सरकार का घाटा (फिस्कल डेफिसिट) काफी बढ़ जाएगा। महामारी के चलते सरकार को मिलने वाला रेवेन्यू भी घटा है। रेवेन्यू बजट आकलन से 3.2 लाख करोड़ रुपए कम रहने का अनुमान है, जबकि खर्च 3.3 लाख करोड़ रुपए बढ़ने की उम्मीद है। इसलिए सरकार का घाटा जीडीपी के 7.4% तक पहुंच सकता है, जो कम से कम पिछले एक दशक में सबसे अधिक होगा। रिपोर्ट के अनुसार चालू वित्त वर्ष में सरकार का घाटा 14.46 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है।

GDP का आकार बजट लक्ष्य से 30 लाख करोड़ रुपए कम रहेगा

मौजूदा वित्त वर्ष में GDP का आकार 194.8 लाख करोड़ रुपए रहने का अनुमान है, जबकि बजट में सरकार ने अनुमान जताया था कि यह 224.9 लाख करोड़ रुपए पहुंच जाएगी। यह फिलहाल लक्ष्य से 30 लाख करोड़ रुपए कम रह सकता है। 2019-20 में GDP का आकार 204 लाख करोड़ रुपए था। यानी मार्च 2021 में GDP मार्च 2020 से भी कम होगी।

अगले वित्त वर्ष में जीडीपी में मजबूत बढ़त की उम्मीद

रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2021 में देश की रियल GDP में 7.7% गिरावट का अनुमान है, जबकि नॉमिनल GDP 4.2% फिसल सकती है। रियल जीडीपी में महंगाई को जोड़ने पर नॉमिनल जीडीपी का आंकड़ा निकलता है। बजट में इस वर्ष नॉमिनल GDP 10% बढ़ने का अनुमान लगाया था। वित्त वर्ष 2021-22 में नॉमिनल GDP 15% बढ़ने की उम्मीद है। सरकार का घाटा भी 11.67 लाख करोड़ रुपए यानी GDP का 5.2% रह सकता है।

Open Money Bhaskar in...
  • Money Bhaskar App
  • BrowserBrowser