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  • Padmakumar Madhavan Nair: State Bank Of India’s Padmakumar Madhavan Nair Named As CEO OF Bad Bank

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जून तक शुरू होगा बैड बैंक?:SBI के पद्मकुमार माधवन नायर हो सकते हैं बैड बैंक के पहले CEO, बुरे फंसे लोन से जुड़े कार्यों में लंबा अनुभव

नई दिल्लीएक महीने पहले
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बैंकों और वित्तीय संस्थाओं के बैड लोन यानी बुरे फंसे कर्ज की समस्या के सॉल्यूशन के लिए प्रस्तावित नेशनल ऐसेट रीकंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड (NARCL) यानी बैड बैंक के नए CEO का चुनाव लगभग हो गया है। सूत्रों के मुताबिक केंद्र सरकार पद्मकुमार मंगलम नायर को नई जिम्मेदारी दे सकती है। फिलहाल पद्मकुमार नायर SBI में स्ट्रेस्ड ऐसेट्स के चीफ जनरल मैनेजर (CGM) हैं।

स्ट्रेस्ड एसेट्स से जुड़े कार्यों में लंबा अनुभव
देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक SBI में पद्मकुमार लंबे समय से जुड़े हुए हैं। उन्हें बैड लोन से जुड़े कार्यों का लंबा एक्सपीरियंस भी है। इस नियुक्ति से उम्मीद है कि जून से बैड बैंक की शुरुआत की जा सकती है। पिछले दिनों ही इंडियन बैंक्स एसोसिएशन के सीईओ सुनील मेहता ने कहा था कि नेशनल असेट री-कंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड (NARCL) या बैड बैंक अगले महीने यानी जून से शुरू हो सकता है।

सरकार को SBI के टैलेंट पर भरोसा

  • यस बैंक की स्थिति खराब हुई, तब SBI के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर प्रशांत कुमार को रिकन्‍स्‍ट्रक्‍टेड बैंक का प्रमुख बनाया गया
  • पहले भी स्‍टेट बैंक के संजीव चड्ढा को बैंक ऑफ बड़ौदा और पद्मजा चुंदुरू को इंडियन बैंक के प्रमुख के तौर नियुक्‍त किया गया
  • प्राइवेट सेक्‍टर में जे के शिवन को धनलक्ष्मी का प्रमुख चुना गया, जो पहले SBI के साथ जुड़े
  • 10 सरकारी बैंकों के विलय में भी सरकार ने SBI अधिकारियों पर ही भरोसा जताया, जिनमें मृत्‍युंजय महापात्रा, जे पाकिरसैमी और कर्णम सेकर नाम शामिल हैं

बजट में बैड बैंक का हुआ था ऐलान
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने फाइनेंशियल इयर 2021-22 का बजट पेश करते हुए बैड बैंक का ऐलान किया था। बैंकों की फंसे हुए कर्ज या संपत्ति को टेकओवर करने और उनका समाधान करने वाले वित्तीय संस्थान को बैड बैंक कहा जाता है। एजेंसी से बातचीत में IBA के सुनील मेहता ने कहा था कि बैड बैंक की स्थापना में सरकारी और प्राइवेट बैंकों की भागीदारी रहेगी। उन्होंने कहा कि इसका सबसे बड़ा फायदा पहचाने गए नॉन-परफॉर्मिंग असेट्स (NPAs) को एकत्र करना रहेगा।

पहले भी बैंकों की समस्या के लिए प्रोजक्ट सशक्त का हो चुका है ऐलान
हालांकि, NPA की समस्या से निपटने का यह आइडिया नया नहीं है। 2018 में भी सरकार ने पब्लिक सेक्टर बैंक (PSB) की समस्या से निपटने के लिए 'प्रोजेक्ट सशक्त' लाने का ऐलान किया गया था। इसमें PSB के बैड लोन री-कंस्ट्रक्शन के लिए पांच पॉइंट की योजना बनाई गई थी। इस बार बैड बैंक जरिए स्ट्रेस्ड एसेट्स को कम कीमत पर निवेशकों को बेचेगी। इसके बाद निवेशक कर्ज लेने वालों से इसकी वसूली करेंगे। फिलहाल NPA भारतीय बैंकों द्वारा बांटे गए कुल कर्ज का करीब 8% है। जो कोरोना महामारी के कारण औऱ भी बढ़ सकता है।

आम बैंकों से कितना अलग होगा बैड बैंक?
बैड बैंक सामान्य बैंकों की तरह काम नहीं करते हैं। यानी ये पैसे जमा करने, खाता खोलने या लोन देने का काम नहीं करते। इसलिए, आम नागरिक इन बैंकों के साथ लेन-देन नहीं कर पाएंगे। ये बैंक किसी बैंक की तरह नहीं, बल्कि कंपनी की तरह काम करेंगे। आम नागरिकों की जमा पूंजी से उनका कोई लेना-देना नहीं होगा।

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