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  • Subrata Roy: Sahara Case, SEBI Supreme Court Latest Update; Market Regulator Is Contempt Of Court And Accused Us Wrongly

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सेबी पर सहारा का पलटवार:सहारा ग्रुप ने कहा- सेबी कोर्ट की अवमानना कर रहा है और हम पर गलत आरोप लगाया

नई दिल्ली11 दिन पहले
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सेबी ने सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कहा कि कोर्ट, सहारा को 15% ब्याज के साथ 62 हजार करोड़ रुपए जमा करने का आदेश दे। 
  • सहारा ने कहा - उसने 22,500 करोड़ रुपए का भुगतान पहले ही कर दिया है

सहारा इंडिया ने सेबी के आरोपों का खंडन किया है। शुक्रवार को सहारा इंडिया ने कहा कि मार्केट रेगुलेटर सेबी सुप्रीम कोर्ट की अवमानना कर रहा है।

सहारा इंडिया ने क्या कहा?

सहारा ने बयान में कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट रूप से कहा है कि हमें मूल राशि को जमा करना है, जो लगभग 24,700 करोड़ रुपए है। इसमें से सहारा इंडिया ने 22,500 करोड़ रुपए का भुगतान पहले ही कर दिया है, जिसमें ब्याज भी शामिल है। ऐसे में सेबी की मांग सरासर गलत है। दरअसल, सेबी ने सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कहा कि कोर्ट, सहारा को 15% ब्याज के साथ 62 हजार करोड़ रुपए जमा करने का आदेश दे।

सहारा ने कहा कि मामला बेहद स्पष्ट है कि सेबी ने 8 सालों में देशभर के 154 अखबारों में 4 राउंड के विज्ञापन दिया और निवेशकों के केवल 107 करोड़ रुपए का भुगतान किया। इसमें आखिरी विज्ञापन लगभग एक साल पहले दिया गया था। यानी सेबी ने यह अब स्पष्ट कर दिया है कि वह आगे किसी और दावों को स्वीकार नहीं कर सकता है।

सेबी का क्या है आरोप?

इससे पहले सेबी द्वारा सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल किया गया, जिसमें SEBI ने अदालत से अपील किया है कि वो सहारा ग्रुप के प्रमुख सुब्रत रॉय और उनकी दो कंपनियों को करीब 62.6 हजार करोड़ रुपए जमा करने का आदेश दे। अगर सुब्रत रॉय पैसा जमा नहीं करवा पाते हैं तो उन्हें कस्टडी में लिया जाए।

कोर्ट ने 2012 और 2015 में आदेश दिए थे कि सहारा ग्रुप को निवेशकों का सारा पैसा 15% ब्याज के साथ SEBI के पास जमा करना होगा। SEBI ने कहा कि 8 साल बाद भी यह ग्रुप कोर्ट के आदेशों का पालन नहीं कर रहा है।